Maharajganj News: पगडंडियों के रास्ते नेपाली साइकिल, बाइक से टमाटर कर देते सरहद पार
कस्टम अपना दामन बचाने की हर संभव कोशिश में लगी हुई है। सोमवार को आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी थी। दोनों विभाग के अधिकारी अपने हिसाब से कार्रवाई को सही बता रहे हैं। हकीकत पर अभी भी पर्दा पड़ा है।
विस्तार
नेपाली टमाटर कस्टम विभाग के अधिकारियों की गले का फांस बन चुका है। नेपाल से टमाटर आने की कारस्तानी की पोल पहले ही खुल चुकी थी। अमर उजाला ने दो जुलाई के अंक में दो गुने मुनाफे का खेल..नेपाल से भारत आ रही सब्जी में नियम कानून हुआ फेल शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था।
टमाटर के अलावा फूल गोभी, पत्ता गोभी अदरक आदि का जिक्र किया गया था। नेपाल से पगडंडियों से होकर तस्कर बाइक व साइकिल से थोड़ी थोड़ी मात्रा में सीमावर्ती क्षेत्र में एकत्र करते हैं। यहां से वाहन में लादकर बड़े महानगरों तक ले जाते हैं। महराजगंज जिले के मंडी से लेकर लखनऊ तक टमाटर भेजा जा रहा है।
भारतीय क्षेत्र में टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं नेपाल में टमाटर के दाम काफी कम है। यही वजह है कि नेपाल से टमाटर अधिक मात्रा में भारत लाकर तीन गुनी मुनाफे पर बेचा जा रहा है। तीन गुने मुनाफे के खेल में नियम-कानून सब फेल हैं। दरअसल जरूरत के लिए थोड़ी सब्जी लाने पर शुल्क नहीं है, लेकिन अधिक मात्रा में लाने पर कस्टम शुल्क जमा करना पड़ता है।
इसका फायदा तस्कर उठा रहे हैं। तस्कर पगडंडियों के रास्ते दिनभर सब्जियों की ढुलाई कर मोटी कमाई कर रहे हैं। मुख्य रास्ते से थोड़ा-थोड़ा कई बार लाकर एक जगह पर सब्जियां एकत्र की जाती हैं। भारत-नेपाल की खुली सीमा हमेशा से तस्करों के लिए सुविधाजनक है।
खुली सीमा से कभी डीजल-पेट्रोल, कभी खाद तो कभी स्क्रैप की तस्करी होती है। गेहूं व चीनी की भी बड़े पैमाने पर तस्करी की जाती है। इस समय इस सीमा पर टमाटर तस्करों की बहार है। साइकिल व महिलाओं-बच्चों के जरिये नेपाल से टमाटर की तस्करी कराई जाती है। भारत के मुकाबले नेपाल में टमाटर के दामों में काफी अंतर है। नेपाल में सस्ता होने के कारण भारत में इन सब्जियों की मांग है। नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के तराई में नेपाली किसान बड़े पैमाने पर टमाटर, फूल-पत्ता गोभी और अदरक की खेती करते हैं।
वहीं, सीमावर्ती क्षेत्र में टमाटर की बरामदगी से कस्टम विभाग के अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि क्या किया जाय। कस्टम अधीक्षक नौतनवां विशाल मेहता ने बताया कि बरामद टमाटर के मामले में विभागीय जांच चल रही है। जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
पगडंडियों के रास्ते प्रतिदिन 40 से 50 कैरेट आता है टमाटर
सूत्र बताते हैं कि नेपाल से पगडंडियो के रास्ते 40 से 50 कैरेट टमाटर प्रत्येक दिन आता है। क्योंकि नेपाल से कम मात्रा में आने पर प्रतिबंध नहीं है, इसका फायदा तस्कर उठाते हैं। कम मात्रा में लाकर सीमावर्ती क्षेत्र में अधिक मात्रा में एकत्र कर लेते हैं। इसके बाद वहां से सीमावर्ती बाजार नौतनवां, आनंदनगर, गोरखपुर, लखनऊ समेत अन्य मंडियों में पहुंचाया जा रहा है।
ऐसे पकड़ में आया गड़बड़झाला, फंस गया पेंच
टमाटर बरामदगी मामला खुलते ही अधिकारियों की नींद उड़ गई। कार्रवाई तेज करने के चक्कर में भूल गए की छोटी सी गलती गले की फांस बन जाएगी। एक ही पिकअप से टमाटर भेजे जाने की चूक अधिकारियों ने कर दी। हुआ यह है कि निचलौल क्षेत्र में दो पिकअप टमाटर बरामद हुआ तो उसे कस्टम कार्यालय लाया गया, फिर उसी गाड़ी को दिन बाद छोड़ देने की बात कहीं जा रही है।
जबकि छपवा टोल प्लाजा पर पिकअप पार होने के दौरान सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है। गाड़ी नंबर एक ही दिखने का दावा किया जा रहा है। पुलिस भी इस पर जांच कर रही है। माना जा रहा है कि दोनों पिकअप एक ही है।
भारत व नेपाल में मूल्य का अंतर इस प्रकार
- टमाटर भारत में 160, नेपाल में 55 रुपये प्रति किलो (भारतीय मुद्रा)
- फूल गोभी भारत में 80, नेपाल में 70 रुपये प्रतिकिलो (भारतीय मुद्रा)
- पत्ता गोभी भारत में 50 तो नेपाल में 30 रुपये प्रति किलो
- अदरक भारत में 250 प्रति किलो तो नेपाल में 120 रुपये (भारतीय मुद्रा)
टमाटर बरामदगी: कस्टम व पुलिस दोनों अपनी बात सच बताने में जुटे
कस्टम की ओर से नष्ट किए गए टमाटर के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिस की बात सच माने तो कस्टम ने टमाटर लदे उस पिकअप छोड़ा जिसे पकड़ा गया था, लेकिन कस्टम विभाग के अधिकारी इन बातों को बेबुनियाद करार देते हुए अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कस्टम के उच्चाधिकारियों तक यह मामला पहुंच चुका है। पुलिस व कस्टम दोनों अपने हिसाब से कार्रवाई में जुटे हैं। दोनों विभाग के अधिकारी अपने हिसाब टमाटर बरामदगी के मामले को देख रहे हैं।
यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि कस्टम विभाग ने छोड़ा तो पुलिस ने टमाटर लदे पिकअप को पकड़ लिया। ऐसे में एक तरफ पुलिस साक्ष्य जुटाने के लिए सीसी टीवी फुटेज खंगाल रही है, तो दूसरी तरफ कस्टम अपना दामन बचाने के लिए आरोपियों से बयान लेने में जुटी हुई है। बीते शनिवार को टमाटर लदे दो पिकअप को एसएसबी तथा संपतिहा चौकी पुलिस ने बरामद किया था। निचलौल थाना क्षेत्र में बीते बुधवार की रात आठ बजे गोरखपुर जा रहे दो पिकअप में लदे तीन टन टमाटर को कस्टम विभाग के कर्मचारियों ने निचलौल से पकड़कर नौतनवां कस्टम कार्यालय पर लाकर खड़ा कर दिया। टमाटर के नमूने जांच के लिए प्लांट क्वरांटाइन सेंटर सोनौली भेजे गए।
रिपोर्ट में टमाटर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताते हुए नष्ट करने का सुझाव दिया गया। शुक्रवार देर शाम कस्टम विभाग के कर्मियों ने बैरिहवा मार्ग पर डंडा नदी किनारे पहुंचा। जहां लगभग 10 से 15 किग्रा टमाटर वाहन से कुचलवा कर नष्ट कर वीडियो बना लिया गया। चर्चा है कि बाकी बचे टमाटर और दोनों पिकअप को वापस कार्यालय में खड़ा कर दिया गया। बताया गया कि उसके बाद टमाटर समेत पिकअप कस्टम विभाग ने छोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि कस्टम अपना दामन बचाने की हर संभव कोशिश में लगी हुई है। सोमवार को आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी थी। दोनों विभाग के अधिकारी अपने हिसाब से कार्रवाई को सही बता रहे हैं। हकीकत पर अभी भी पर्दा पड़ा है। असल मामला क्या है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। पुलिस और कस्टम दोनों अपने हिसाब की गई कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं।
नौतनवां थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि पिकअप लदे टमाटर का सीसी टीवी कैमरे का फुटेज लेकर खंगाला जा रहा है। जांच पड़ताल के बाद ही सटीक कुछ कहा जा सकता है।