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भंसार कार्यालयों में भारतीयों पर लग सकती है रोक
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भंसार कार्यालयों में भारतीयों पर लग सकती है रोक
सोनौली। सोनौली से सटे रुपनदेही जिले के भैरहवा भंसार कार्यालय सहित नेपाल की भारतीय सीमा से सटे सभी भंसार कार्यालयों में भारतीय नागरिकों के एजेंट के रूप में काम करने पर रोक लग सकती है। चोरी एवं अनैतिक कार्यों को अंजाम देकर भागने के मामले को देखते हुए नियमों में बदलाव किया जा सकता है। अब वही भारतीय काम कर सकेंगे, जिनके पास भारतीय दूतावास और नेपाली भंसार एजेंट की ओर से जारी पहचान पत्र होगा।
भंसार एजेंट संघ भैरहवा के अध्यक्ष आसिम न्योपने ने बताया कि सीमा पर भैरहवा, बिराटनगर, बीरगंज, बढ़नी, नेपालगंज आदि जगहों पर फर्जी कस्टम एजेंट गलत तरीके से सामान पास करा रहे हैं। माल पकड़े जाने पर विभाग नेपाल के कस्टम एजेंट पर कार्रवाई करता है, जबकि मुख्य आरोपी देश छोड़कर फरार हो जाते हैं। इसपर नियंत्रण के लिए नेपाल कस्टम महासंघ ने अब परिचय पत्र जारी करने का निर्णय लिया है।
नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष डॉ. शांत कुमार शर्मा ने बताया 2064 भंसार कानून के तहत नियमावली में साफ है कि जिसका सामान हो, वह खुद कस्टम कराए या कस्टम एजेंट आए। अगर कस्टम एजेंट अपना प्रतिनिधि रखता है तो वह भी नेपाली नागरिक होना चाहिए, जिससे कोई गड़बड़ी होने पर कार्रवाई की जा सके। भारत में कस्टम एजेंट और उसके प्रतिनिधि भारतीय हैं। कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि एजेंट महासंघ के निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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रोजगार की बढ़ेगी समस्या
भारतीय क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर खलबली मच गई है। करीब दो सौ भारतीय नागरिक इस नियम से प्रभावित होंगे। उनके समक्ष रोजगार का संकट उत्पन्न हो सकता है। अभी तक कानून होने के बाद भी मित्रराष्ट्र होने के नाते भारतीय नेपाल भंसार में काम कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट एवं एजेंट संघ सोनौली के अध्यक्ष आरके गुप्ता ने बताया कि अगर यह नियम लागू हुआ तो परेशानी बढ़ जाएगी। उन्होंने नेपाल कस्टम महासंघ से मांग की है कि पुराने लोगों को काम करने दिया जाए और उनके कागजात पहचान पत्र सुरक्षित रखे जाएं।
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सोनौली। सोनौली से सटे रुपनदेही जिले के भैरहवा भंसार कार्यालय सहित नेपाल की भारतीय सीमा से सटे सभी भंसार कार्यालयों में भारतीय नागरिकों के एजेंट के रूप में काम करने पर रोक लग सकती है। चोरी एवं अनैतिक कार्यों को अंजाम देकर भागने के मामले को देखते हुए नियमों में बदलाव किया जा सकता है। अब वही भारतीय काम कर सकेंगे, जिनके पास भारतीय दूतावास और नेपाली भंसार एजेंट की ओर से जारी पहचान पत्र होगा।
भंसार एजेंट संघ भैरहवा के अध्यक्ष आसिम न्योपने ने बताया कि सीमा पर भैरहवा, बिराटनगर, बीरगंज, बढ़नी, नेपालगंज आदि जगहों पर फर्जी कस्टम एजेंट गलत तरीके से सामान पास करा रहे हैं। माल पकड़े जाने पर विभाग नेपाल के कस्टम एजेंट पर कार्रवाई करता है, जबकि मुख्य आरोपी देश छोड़कर फरार हो जाते हैं। इसपर नियंत्रण के लिए नेपाल कस्टम महासंघ ने अब परिचय पत्र जारी करने का निर्णय लिया है।
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नेपाल भारत मैत्री समाज के अध्यक्ष डॉ. शांत कुमार शर्मा ने बताया 2064 भंसार कानून के तहत नियमावली में साफ है कि जिसका सामान हो, वह खुद कस्टम कराए या कस्टम एजेंट आए। अगर कस्टम एजेंट अपना प्रतिनिधि रखता है तो वह भी नेपाली नागरिक होना चाहिए, जिससे कोई गड़बड़ी होने पर कार्रवाई की जा सके। भारत में कस्टम एजेंट और उसके प्रतिनिधि भारतीय हैं। कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि एजेंट महासंघ के निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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रोजगार की बढ़ेगी समस्या
भारतीय क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर खलबली मच गई है। करीब दो सौ भारतीय नागरिक इस नियम से प्रभावित होंगे। उनके समक्ष रोजगार का संकट उत्पन्न हो सकता है। अभी तक कानून होने के बाद भी मित्रराष्ट्र होने के नाते भारतीय नेपाल भंसार में काम कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट एवं एजेंट संघ सोनौली के अध्यक्ष आरके गुप्ता ने बताया कि अगर यह नियम लागू हुआ तो परेशानी बढ़ जाएगी। उन्होंने नेपाल कस्टम महासंघ से मांग की है कि पुराने लोगों को काम करने दिया जाए और उनके कागजात पहचान पत्र सुरक्षित रखे जाएं।