फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Negligence by Lekhpals is taking a heavy toll on farmers; they are not receiving adequate fertilizer.

Maharajganj News: लेखपालों की लापरवाही किसानों पर पड़ रही भारी, नहीं मिल रहा पर्याप्त उर्वरक

Tue, 14 Jul 2026 01:25 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
Negligence by Lekhpals is taking a heavy toll on farmers; they are not receiving adequate fertilizer.
रजिस्ट्री में सभी गाटे दर्ज नहीं होने से पर्याप्त खाद नहीं पा रहे हैं किसान
विज्ञापन

तहसीलदार ने कहा- किसान दें शपथ पत्र, किया जाएगा सुधार
महराजगंज। उर्वरक उपलब्धता में धांधली रोकने के लिए एक जून 2026 से अनिवार्य किए गए फार्मर रजिस्ट्री में लेखपालों की लापरवाही से किसान परेशान हैं। रजिस्ट्री के दौरान लेखपालों ने किसानों के सभी गाटे नहीं दर्ज किए। इस वजह किसानों को दर्ज गाटों के अनुसार ही उर्वरक मिल रही है। यह उर्वरक पर्याप्त नहीं होने से किसान परेशान हैं।
जनपद के उप कृषि निदेशक संजीव कुमार पटेल के मुताबिक, जनपद में चार लाख के लगभग किसान हैं। इनमें से 80 फीसदी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। महीनों तक गांव-गांव शिविर लगाकर यह काम पूरा कराया गया। पहली जून से किसान रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है। इसके तहत किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना है। इसमें सब्सिडी पर मिलने वाले उर्वरक भी शामिल है।
विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि किसान रजिस्ट्री का लक्ष्य पूरा करने की जल्दबाजी में किसान के समस्त गाटों का योग दर्ज करने की जगह कोई एक गाटा चढ़ा दिया गया। अब उसी के हिसाब से उर्वरक मिलने के चलते किसान परेशान विभाग, समिति व दुकानों का चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सदर में 10 हजार से अधिक किसानों की परेशानी
सदर तहसील क्षेत्र में किसानों की संख्या एक लाख से अधिक है। इसमें लगभग 10 हजार से अधिक किसान ऐसे हैं जिनकी रजिस्ट्री तैयार करने की जल्दबाजी में राजस्व कर्मियों ने जोत के सभी गाटों को दर्ज नहीं किया। इस गड़बड़ी के बाद भी किसान महज इसलिए चुप रह गए कि रजिस्ट्री बन जाने की अनिवार्यता ही तो पूरी हो रही। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि दर्ज रकबे के आधार पर ही सरकार सभी तरह की सब्सिडी व लाभ देगी लेकिन पहली जून से उर्वरक उपलब्धता में दर्ज रकबा सबसे बड़ी मुश्किल खड़ी कर रहा है।
प्रभावित किसानों की फेहरिस्त लंबी

किसान रजिस्ट्री बनवाने की होड़ में किसानों की थोड़ी सी चूक आज खेती में बाधक बन गई है। क्षेत्र में तमाम ऐसे किसान हैं जिनका रकबा खसरे में तो अधिक है लेकिन किसान रजिस्ट्री में कम दर्ज किया गया। एक एकड़ में अब दो बोरी ही सब्सिडी वाली खाद उन्हें मिल रही है। जिससे वह अतिरिक्त खाद ब्लैक खरीदने पर मजबूर हैं।
वर्जन
शासन के निर्देशानुसार पहली जून से समिति या दुकानों पर उर्वरक वितरण किसान रजिस्ट्री में दर्ज रकबे के मुताबिक कराया जा रहा है। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है। सब्सिडी युक्त उर्वरक पारदर्शी तरीके से किसानों को मिल सके इसलिए यह प्रावधान लागू किया गया।
- शैलेंद्र प्रताप सिंह, डीएओ, महराजगंज
----------------
यह सही है कि किसान रजिस्ट्री का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कुछ किसानों का संपूर्ण गाटा नहीं दर्ज हो सका है। ऐसे किसान अपने जोत (अधिकार क्षेत्र) के संपूर्ण गाटे की जानकारी के साथ शपथपत्र दें उक्त रकबा बढ़ा दिया जाएगा।
- पंकज शाही, तहसीलदार, महराजगंज
----------
स्पीकअप
रामपुर व महुअवा में मेरे पास सात गाटों में लगभग ती एकड़ जमीन है। लेकिन फार्मर रजिस्ट्री बनवाने की जल्दबाजी में राजस्व कर्मियों ने तीन गाटा चढ़ाया ही नहीं। इस वजह से दो बोरी ही यूरिया मिल सकी है। बाकि खेतों के लिए उर्वरक जुटाने में समस्या हो रही है।
- दुर्ग विजय, ग्राम पंचायत रामपुर
----------
केस दो
मेरी जोत वाली भूमि पांच गाटों में तीन जगह लगभग दो एकड़ से अधिक है। लेकिन फार्मर रजिस्ट्री में एक गाटा नहीं समाहित किया गया। इसकी वजह से जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल पा रहा है।
-मनीष, गोपाला
---------
केस तीन
विभाग ने कहा कि किसान रजिस्ट्री नहीं बनवाने पर योजना का लाभ रुक जाएगा। इसी जल्दबाजी में सीएससी संचालक ने सभी गाटों को दर्ज नहीं किया है। किसान रजिस्ट्री व खसरे में तीन एकड़ का फर्क है, जिससे खाद कम मिल रही है।

- झिनकू,बल्लोखास
---------
केस चार
किसान रजिस्ट्री के वक्त कम रकबा लिखा गया था। उस वक्त भी हमने लेखपाल से आपत्ति की लेकिन यह पता नहीं था कि दर्ज रकबे के आधार पर खाद मिलेगा। उर्वरक नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। क्योंकि जोत रकबे के मुताबिक खाद न दुकान से मिल रही है न समिति से।
-राम सजीवन, पकड़ी सिसवां
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed