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किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता : सीडीओ
Wed, 18 Sep 2024 08:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 18 Sep 2024 08:58 PM IST
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महराजगंज। देश के विकास में किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है। यह मौसम की परवाह किए बगैर लोगों को भोजन प्राप्त होता रहे इसके लिए अन्न उत्पादन करते हैं। हमारा भी यह दायित्व होना चाहिए कि इन्हें लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं, अनुदान व वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए जानकारी देते हुए प्रेरित करें। किसान खुशहाल रहेगा तभी देश खुशहाल हो सकता है।
ये बातें सीडीओ अनुराज जैन ने बुधवार को विकास भवन सभागार में किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इसमें कृषि उत्पादन संगठन के गठन और उनके क्रियाकलापों की समीक्षा की गई। कृषि विभाग के अलावा उद्यान, मत्स्य, गन्ना, पशुपालन विभाग के लोगों के साथ-साथ प्रगतिशील किसान भी शामिल हुए। किसानों की समस्या को सुनकर उसके निराकरण के विषय में भी जानकारी दी गई।
उपकृषि निदेशक वीरेंद्र कुमार ने सीमित मात्रा में जरूरत के अनुसार उर्वरक का उपयोग करने और प्राकृतिक तरीके से जैविक खेती के बारे में जानकारी दी। कहा कि जैविक खेती की मदद से किसान अपने खेतों की उर्वरा शक्ति में इजाफा कर सकते हैं। लगातार अधिक मात्रा में उर्वरक व कीटनाशकों के प्रयोग से मृदा प्रदूषण का दायरा बढ़ रहा है। इसपर नियंत्रण स्थापित करने के लिए किसानों का जागरूक होना जरूरी है। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के डाॅ. विजय चंद्रा, शिवपूजन यादव, डाॅ. विनोद विश्वकर्मा, संजय रस्तोगी, संजय कुमार, हरिशंकर यादव, व्यास मुनि, बीरेंद्र चौरसिया सहित अन्य मौजूद रहे।
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ये बातें सीडीओ अनुराज जैन ने बुधवार को विकास भवन सभागार में किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। इसमें कृषि उत्पादन संगठन के गठन और उनके क्रियाकलापों की समीक्षा की गई। कृषि विभाग के अलावा उद्यान, मत्स्य, गन्ना, पशुपालन विभाग के लोगों के साथ-साथ प्रगतिशील किसान भी शामिल हुए। किसानों की समस्या को सुनकर उसके निराकरण के विषय में भी जानकारी दी गई।
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उपकृषि निदेशक वीरेंद्र कुमार ने सीमित मात्रा में जरूरत के अनुसार उर्वरक का उपयोग करने और प्राकृतिक तरीके से जैविक खेती के बारे में जानकारी दी। कहा कि जैविक खेती की मदद से किसान अपने खेतों की उर्वरा शक्ति में इजाफा कर सकते हैं। लगातार अधिक मात्रा में उर्वरक व कीटनाशकों के प्रयोग से मृदा प्रदूषण का दायरा बढ़ रहा है। इसपर नियंत्रण स्थापित करने के लिए किसानों का जागरूक होना जरूरी है। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के डाॅ. विजय चंद्रा, शिवपूजन यादव, डाॅ. विनोद विश्वकर्मा, संजय रस्तोगी, संजय कुमार, हरिशंकर यादव, व्यास मुनि, बीरेंद्र चौरसिया सहित अन्य मौजूद रहे।
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