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Maharajganj News: 19 मार्च से नवरात्रि, पालकी सवार आएंगी मां
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महराजगंज। 19 मार्च चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से इस बार नवरात्रि का आगाज हो रहा है। देवी पालकी की सवारी से आ रहीं। इसी दिन से विक्रम संवत 2083 का पदार्पण हो रहा जिसमें ग्रहों का नया मंत्रिमंडल दायित्व संभालेगा। इस बार राजा पद पर देव गुरु बृहस्पति संभाल रहे वहीं मंत्री पद मंगल के जिम्मे होगा।
ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से नवरात्रि एवं नवसंवत्सर प्रारंभ होता है। श्रद्धालु आदिशक्ति की व्रत उपासना करते हैं। देवी मंदिरों में दर्शन पूजन का क्रम अनवरत 9 दिनों तक चलेगा। बताया इस बार भगवती पालकी पर विराज कर आएंगी और माता का दरबार पूरे नौ दिन सजेगा। प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग एवं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा।
रामनवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी। इसमें राम जन्म की धूम रहेगी। नौ दिन व्रत रखने वाले 28 मार्च को व्रत समापन पारण करेंगे। बताया कि माता की वापसी गजराज पर होगी। दोनों वाहनों का उत्तम फल धर्मशास्त्र में बताया गया है। सर्वत्र धन धान्य परिपूर्ण रहेंगे।
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देवी मंदिरों की सफाई प्रारंभ
चैत्र प्रतिपदा के आगमन से पहले देवी मंदिरों की साफ-सफाई व रंग रोगन का कार्य शुरू है। आद्रवन लेहड़ा मंदिर के सर्वराकार पं. ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि मंदिर परिसर के आसपास सफाई कार्य चल रहा है। रोशनी व पेयजल इंतजाम जांच कर उपलब्धता सुनिश्चित करने का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मंदिर व परिसर के सीसीटीवी भी दुरुस्त कराए जा रहे हैं।
विक्रम संवत 2083 है रौद्र नाम संवत्सर
ज्योतिषाचार्य व नगर दुर्गा मंदिर पुजारी पं. अवधेश पांडेय ने बताया कि इस बार विक्रम संवत्सर का नाम रौद्र है। देव गुरु बृहस्पति इस बार ग्रहों के मंत्रिमंडल के राजा होंगे। मंगल मंत्री पद पर आसीन हो रहे। रौद्र नाम संवत्सर चुनौतियों भरा होने का संकेत दे रहा। कई जगह राजनीतिक तनाव बढ़ने के संकेत हैं। पड़ोसी राष्ट्र से मतभेद, प्राकृतिक आपदा, वर्षा की कमी के संकेत मिल रहे।
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ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से नवरात्रि एवं नवसंवत्सर प्रारंभ होता है। श्रद्धालु आदिशक्ति की व्रत उपासना करते हैं। देवी मंदिरों में दर्शन पूजन का क्रम अनवरत 9 दिनों तक चलेगा। बताया इस बार भगवती पालकी पर विराज कर आएंगी और माता का दरबार पूरे नौ दिन सजेगा। प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग एवं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा।
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रामनवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी। इसमें राम जन्म की धूम रहेगी। नौ दिन व्रत रखने वाले 28 मार्च को व्रत समापन पारण करेंगे। बताया कि माता की वापसी गजराज पर होगी। दोनों वाहनों का उत्तम फल धर्मशास्त्र में बताया गया है। सर्वत्र धन धान्य परिपूर्ण रहेंगे।
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देवी मंदिरों की सफाई प्रारंभ
चैत्र प्रतिपदा के आगमन से पहले देवी मंदिरों की साफ-सफाई व रंग रोगन का कार्य शुरू है। आद्रवन लेहड़ा मंदिर के सर्वराकार पं. ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि मंदिर परिसर के आसपास सफाई कार्य चल रहा है। रोशनी व पेयजल इंतजाम जांच कर उपलब्धता सुनिश्चित करने का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मंदिर व परिसर के सीसीटीवी भी दुरुस्त कराए जा रहे हैं।
विक्रम संवत 2083 है रौद्र नाम संवत्सर
ज्योतिषाचार्य व नगर दुर्गा मंदिर पुजारी पं. अवधेश पांडेय ने बताया कि इस बार विक्रम संवत्सर का नाम रौद्र है। देव गुरु बृहस्पति इस बार ग्रहों के मंत्रिमंडल के राजा होंगे। मंगल मंत्री पद पर आसीन हो रहे। रौद्र नाम संवत्सर चुनौतियों भरा होने का संकेत दे रहा। कई जगह राजनीतिक तनाव बढ़ने के संकेत हैं। पड़ोसी राष्ट्र से मतभेद, प्राकृतिक आपदा, वर्षा की कमी के संकेत मिल रहे।