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Maharajganj News: कोषागार में हुई धनवर्षा...करोड़ों के बजट का वारा न्यारा
Mon, 01 Apr 2024 06:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 01 Apr 2024 06:45 AM IST
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महराजगंज। मार्च क्लोजिंग को लेकर सरकारी विभागों के कार्यालय रविवार को भी खुले रहे। 28 दिन में 56 करोड़ का बिल पास हुआ। शनिवार को 57,16,82176 रुपये, रविवार को 9,33,48,00 रुपये का बिल कोषागार से पास किया गया। वहीं दूसरी ओर विभागों में कर्मी जरूरी काम निपटाने में जुटे हैं। बैंकों में सभी कर्मी मार्च क्लोजिंग में लगे रहे। कामकाज करने में नेटवर्क की बाधा कभी-कभी हो रही थी, लेकिन किसी से तरह से देर शाम तक काम निपटाया गया। मार्च माह में तीन अरब, 34 करोड़ 49 लाख 976 रुपये का बजट पास हुआ है।
मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग 3,55,66, 783 रुपये, सीएमओ 1,25,07,384 रुपये, वन विभाग 30,9,832 रुपये लघु सिंचाई 6,78, 574 रुपये, सिंचाई विभाग 17, 25101 रुपये, सिंचाई विभाग 11,99, 620 रुपये, नगर निकाय और पालिका 38, 0000 रुपये, वन विभाग 5,96, 83,048 रुपये, लोक निर्माण विभाग 14,23,635 रुपये, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड 30,81,481 रुपये का बिल कोषागार से पास हुआ। अर्थ संख्या विभाग से योजनाओं की रकम 1,24,90,300 रुपये का बजट कोषागार से पास हुआ।
बैंकों के अलावा सरकारी कार्यालयों में निपटाया जरूरी काम
रविवार को अवकाश के दिन भी कुछ बैंक शाखाएं खुली रहीं। बैंकों के साथ ट्रेजरी और सरकारी विभागों में भी लेनदेन संबंधी रिकॉर्ड तैयार में करने में अधिकारी-कर्मचारी व्यस्त रहे। विकास भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग, आईएएस, पशु पालन, कृषि सहकारिता सहित अन्य विभागों के कार्यालय खुले रहे। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के कार्यालयों में भी वित्तीय लेनदेन की प्रक्रिया पूरी करने के कार्य हुए। भारतीय स्टेट बैंक लीड बैंक मैनेजर अमरेश मौर्य ने बताया कि वित्तीय वर्ष का अंतिम कार्य दिवस था, इस कारण से बैंकों में जरूरी काम निपटाया गया।
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खर्च नहीं हुई रकम तो बजट करना पड़ा सरेंडर
मार्च क्लोजिंग को देखते हुए विभागों में करोड़ों का वारा न्यारा हो गया। कई विभाग अपने रकम को खर्च करने में पीछे रहे। इस वजह से उनको बजट लौटाना पड़ा। विभागीय हिसाब-किताब को दुरूस्त किया गया। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता गंगा सागर ने बताया कि तीन करोड़ बजट सरेंडर किया गया है। वहीं निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता देवेंद्र मणि ने बताया कि छह करोड़ बजट सरेंडर किया गया है। इसी तरह से अन्य विभाग भी खर्च नहीं कर पाने के कारण रकम वापस कर दिए। सरकारी दफ्तरों में दिनभर माथापच्ची होती रही। काम निपटाने के बाद कर्मियों ने राहत की सांस ली।
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मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग 3,55,66, 783 रुपये, सीएमओ 1,25,07,384 रुपये, वन विभाग 30,9,832 रुपये लघु सिंचाई 6,78, 574 रुपये, सिंचाई विभाग 17, 25101 रुपये, सिंचाई विभाग 11,99, 620 रुपये, नगर निकाय और पालिका 38, 0000 रुपये, वन विभाग 5,96, 83,048 रुपये, लोक निर्माण विभाग 14,23,635 रुपये, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड 30,81,481 रुपये का बिल कोषागार से पास हुआ। अर्थ संख्या विभाग से योजनाओं की रकम 1,24,90,300 रुपये का बजट कोषागार से पास हुआ।
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बैंकों के अलावा सरकारी कार्यालयों में निपटाया जरूरी काम
रविवार को अवकाश के दिन भी कुछ बैंक शाखाएं खुली रहीं। बैंकों के साथ ट्रेजरी और सरकारी विभागों में भी लेनदेन संबंधी रिकॉर्ड तैयार में करने में अधिकारी-कर्मचारी व्यस्त रहे। विकास भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग, आईएएस, पशु पालन, कृषि सहकारिता सहित अन्य विभागों के कार्यालय खुले रहे। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के कार्यालयों में भी वित्तीय लेनदेन की प्रक्रिया पूरी करने के कार्य हुए। भारतीय स्टेट बैंक लीड बैंक मैनेजर अमरेश मौर्य ने बताया कि वित्तीय वर्ष का अंतिम कार्य दिवस था, इस कारण से बैंकों में जरूरी काम निपटाया गया।
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खर्च नहीं हुई रकम तो बजट करना पड़ा सरेंडर
मार्च क्लोजिंग को देखते हुए विभागों में करोड़ों का वारा न्यारा हो गया। कई विभाग अपने रकम को खर्च करने में पीछे रहे। इस वजह से उनको बजट लौटाना पड़ा। विभागीय हिसाब-किताब को दुरूस्त किया गया। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता गंगा सागर ने बताया कि तीन करोड़ बजट सरेंडर किया गया है। वहीं निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता देवेंद्र मणि ने बताया कि छह करोड़ बजट सरेंडर किया गया है। इसी तरह से अन्य विभाग भी खर्च नहीं कर पाने के कारण रकम वापस कर दिए। सरकारी दफ्तरों में दिनभर माथापच्ची होती रही। काम निपटाने के बाद कर्मियों ने राहत की सांस ली।