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142 विद्यालयों में से 46 विद्यालय बाउंड्रीवाल विहीन
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ब्लॉक में दम तोड़ रही मिशन कायाकल्प योजना
लक्ष्मीपुर (महराजगंज)। मिशन कल्याकल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने की योजना लक्ष्मीपुर ब्लॉक में दम तोड़ती नजर आ रही है। ब्लॉक में संचालित 142 विद्यालयों में से 46 विद्यालयों में अभी तक चहारदीवारी ही नहीं है जिससे बच्चों व विद्यालय की सुरक्षा को लेकर शिक्षक और अभिभावकों को हर पल चिंता बनी रहती है। शासन स्तर से आदेश होने के बाद भी ग्राम पंचायतें रुचि नहीं दिखा रही हैं।
लक्ष्मीपुर ब्लॉक में 96 ग्राम पंचायत हैं। इन गांवों में 142 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। जिसमें प्राथमिक 86, उच्च प्राथमिक 14 एवं कम्पोजिट 42 विद्यालय हैं। विद्यालय में मिशन कायाकल्प के तहत कार्य करवा कर मूलभूत आवश्यकताओं व सुविधाओं से सुसज्जित करने का कार्य 3 वर्ष पहले से चल रहा है। लेकिन, क्षेत्र के 46 विद्यालयों में अभी भी बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी है। जिन विद्यालय में चहारदीवारी नहीं है उस विद्यालय के हैंडपंप, शौचालय, टाइल्स, मल्टीपल हैंडवास सिस्टम को कुछ अराजक तत्वों द्वारा काफी नुकसान किया जाता है जिसकी भरपाई शिक्षकों को करनी पड़ती है। इतना ही नहीं, अगर शिक्षक व बच्चे विद्यालय परिसर में फूल पौधे लगा भी देते हैं तो वह दूसरे दिन सुरक्षित नहीं बच पाता है।
शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीपुर हेमन्त कुमार मिश्र ने बताया कि चहारदीवारी विहीन विद्यालयों की सूची खंड विकास अधिकारी को कई बार प्रेषित की जा चुकी है। लेकिन अभी भी 46 विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। खंड विकास अधिकारी लक्ष्मीपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिन विद्यालयों में बाउंड्रीवाल नहीं है उन गांवों के ग्राम प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक की बैठक कर उन्हें यथाशीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने को निर्देशित किया जाएगा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक इकाई लक्ष्मीपुर के अध्यक्ष धनप्रकाश त्रिपाठी व महामंत्री हरिश्चंद्र चौधरी ने चहारदीवारी विहीन विद्यालयों में जल्द से जल्द निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि चहारदीवारी नहीं होने से कायाकल्प से हुए कार्यों को अराजक तत्वों द्वारा काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिसकी भरपाई शिक्षकों को करनी पड़ रही है।
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लक्ष्मीपुर (महराजगंज)। मिशन कल्याकल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों को मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने की योजना लक्ष्मीपुर ब्लॉक में दम तोड़ती नजर आ रही है। ब्लॉक में संचालित 142 विद्यालयों में से 46 विद्यालयों में अभी तक चहारदीवारी ही नहीं है जिससे बच्चों व विद्यालय की सुरक्षा को लेकर शिक्षक और अभिभावकों को हर पल चिंता बनी रहती है। शासन स्तर से आदेश होने के बाद भी ग्राम पंचायतें रुचि नहीं दिखा रही हैं।
लक्ष्मीपुर ब्लॉक में 96 ग्राम पंचायत हैं। इन गांवों में 142 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। जिसमें प्राथमिक 86, उच्च प्राथमिक 14 एवं कम्पोजिट 42 विद्यालय हैं। विद्यालय में मिशन कायाकल्प के तहत कार्य करवा कर मूलभूत आवश्यकताओं व सुविधाओं से सुसज्जित करने का कार्य 3 वर्ष पहले से चल रहा है। लेकिन, क्षेत्र के 46 विद्यालयों में अभी भी बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी है। जिन विद्यालय में चहारदीवारी नहीं है उस विद्यालय के हैंडपंप, शौचालय, टाइल्स, मल्टीपल हैंडवास सिस्टम को कुछ अराजक तत्वों द्वारा काफी नुकसान किया जाता है जिसकी भरपाई शिक्षकों को करनी पड़ती है। इतना ही नहीं, अगर शिक्षक व बच्चे विद्यालय परिसर में फूल पौधे लगा भी देते हैं तो वह दूसरे दिन सुरक्षित नहीं बच पाता है।
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शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीपुर हेमन्त कुमार मिश्र ने बताया कि चहारदीवारी विहीन विद्यालयों की सूची खंड विकास अधिकारी को कई बार प्रेषित की जा चुकी है। लेकिन अभी भी 46 विद्यालयों में चहारदीवारी का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। खंड विकास अधिकारी लक्ष्मीपुर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिन विद्यालयों में बाउंड्रीवाल नहीं है उन गांवों के ग्राम प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक की बैठक कर उन्हें यथाशीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराने को निर्देशित किया जाएगा। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ब्लॉक इकाई लक्ष्मीपुर के अध्यक्ष धनप्रकाश त्रिपाठी व महामंत्री हरिश्चंद्र चौधरी ने चहारदीवारी विहीन विद्यालयों में जल्द से जल्द निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि चहारदीवारी नहीं होने से कायाकल्प से हुए कार्यों को अराजक तत्वों द्वारा काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिसकी भरपाई शिक्षकों को करनी पड़ रही है।
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