फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   milk sharing disease

Maharajganj News: भागमभाग भरी जिंदगी से यारी... दूध बांट रहा बीमारी

Sun, 04 Jun 2023 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sun, 04 Jun 2023 01:14 AM IST
विज्ञापन
milk sharing disease
देर रात तक जागने के बाद मिलावटी दूध पीने से लिवर, पेट और दिल को हो रही दिक्कत
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। दूध हमारे शरीर के लिए संपूर्ण आहार है। इसमें कई प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन्स होते हैं, लेकिन इंसान की भागमभाग भरी जिंदगी में दूध फायदा देने के बजाय आपको बीमारी दे सकता है। डॉक्टर बता रहे हैं कि अनियमित जीवन शैली में देर से उठना, देर तक जागना और सोते समय गर्म मिलावटी दूध पीने की आदत से लोगों के लिवर संबंधित बीमारी के अलावा वजन, स्किन, कोलेस्ट्रॉल, पेट खराब रहना, गैस और अपच की समस्याएं बढ़ जाती हैं।
जिला अस्पताल के डॉ. एबी त्रिपाठी ने बताया कि आजकल देर रात तक जागना लोगों की दिनचर्या में शामिल है। ऐसे में लोग अक्सर या तो खाली पेट दिन गुजार देते हैं, या फिर दिन में जंक, फूड, फास्ट फूड या कुछ भी खाकर पेट भर लेते हैं। वहीं दूध भी मिलावटी आ रहा है। ऐसे में दूध फायदा देने की बजाय नुकसान पहुंच रहा है। मिलावटी दूध से फैटी लिवर, यूरिक एसिड, गैस रात में लिवर बॉडी को डिटॉक्सीफाई करता है। डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि मिलावटी दूध से सैचुरेटे फैट होता है। बीमारी में यह धमनियों को ब्लॉक कर देता है। डेयरी में मिलावटी उत्पादों से कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ता है। डॉक्टर की सलाह से देसी गाय का दूध सही मात्रा में लें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि बच्चों को भी आवश्यकता से अधिक दूध नहीं पिलाना चाहिए। ऐसे करने से बच्चे खाना नहीं खा पाते हैं। उन्हें अपच होता है। ज्या
विज्ञापन

...
इस पर भी दें ध्यान
बार-बार दूध न लें, एक्सरसाइज के बाद दूध पीएं। सोने से दो-तीन घंटे पहले दूध पीएं। रात में खाना ज्यादा या कुछ गरिष्ठ हो तो दूध नहीं लेना चाहिए। गुनगुना दूध पीएं, गर्म न लें। मिलावटी दूध न लें। समय-समय पर दूध की जांच कर लें।
विज्ञापन
विज्ञापन

...
ऐसे करें मिलावटी दूध की पहचान
आयोडीन घोल में दूध की एक बूंद डालें, मिश्रण नीला हो जाए तो समझ लीजिए कि दूध में स्टार्च मिलाया गया है। एक परखनली में आधा चम्मच अरहर दाल और सोयाबीन पाउडर डालें, पांच मिनट बाद मिश्रण में लाल लिटमस पेपर का एक टुकड़ा नीला हो जाए तो जान लीजिए दूध में यूरिया मिला है। पांच से दस मिलीमीटर दूध में इतना ही पानी डालें, इसे अच्छी तरह से हिलाएं, अगर झाग देता है तो यह जान लीजिए की इसमें मिल्क दूध या वाशिंग पाउडर या फिर डिटजेंट मिला है। सिंथेक दूध का स्वाद कड़वा लगता है। दूध गर्म करने पर पीला हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed