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समस्या
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मौसम की बेरुखी से किसानों की बढ़ी मुश्किल
फरेंदा (महराजगंज)। मौसम की बेरुखी से किसानों के चेहरे पर उदासी छाने लगी है। समय से बारिश न होने से धान की फसल खेतों में सूख रही है। किसान फसल बचाने के लिए खेतों में पंपिंग सेट से पानी चला रहे हैं।
फरेंदा क्षेत्र के किसान विश्वजीत सिंह ने बताया कि बारिश न होने से खेत की रोपाई भी पूरा नहीं हो पाई है। रोपाई गई धान की फसल सूखने लगी है। धान की खेती करने में पूंजी अधिक लगने के कारण घाटे की खेती साबित हो रही है।
किसान राकेश चौधरी, प्रमोद चौधरी, बृजेश चौधरी आदि ने बताया कि समय से बारिश न होने से पंपिंग सेट से पानी चलाकर धान की रोपाई करनी पड़ी थी। अब खेतों में दरार पड़ गए हैं। यदि मौसम का यही रुख रहा तो समस्या बढ़ जाएगी। कठिन परिश्रम से धान की नर्सरी को बचाया गया, लेकिन अब फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है।
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फरेंदा (महराजगंज)। मौसम की बेरुखी से किसानों के चेहरे पर उदासी छाने लगी है। समय से बारिश न होने से धान की फसल खेतों में सूख रही है। किसान फसल बचाने के लिए खेतों में पंपिंग सेट से पानी चला रहे हैं।
फरेंदा क्षेत्र के किसान विश्वजीत सिंह ने बताया कि बारिश न होने से खेत की रोपाई भी पूरा नहीं हो पाई है। रोपाई गई धान की फसल सूखने लगी है। धान की खेती करने में पूंजी अधिक लगने के कारण घाटे की खेती साबित हो रही है।
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किसान राकेश चौधरी, प्रमोद चौधरी, बृजेश चौधरी आदि ने बताया कि समय से बारिश न होने से पंपिंग सेट से पानी चलाकर धान की रोपाई करनी पड़ी थी। अब खेतों में दरार पड़ गए हैं। यदि मौसम का यही रुख रहा तो समस्या बढ़ जाएगी। कठिन परिश्रम से धान की नर्सरी को बचाया गया, लेकिन अब फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है।
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