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महाराजगंज: ऑपरेशन थिएटर की मशीन चार माह से खराब
Fri, 17 Feb 2023 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 17 Feb 2023 12:25 AM IST
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जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में सी-आर्म मशीन खराब होने से जाना पड़ता है निजी अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में व्यवस्था बदहाल है। ऑपरेशन थिएटर में सी-आर्म मशीन चार माह से खराब है। हड्डी से संबंधित ऑपरेशन की जरूरत होने पर डॉक्टर मरीज को रेफर कर पल्ला झाड़ लेते हैं। ज्यादातर मरीज निजी अस्पतालों में महंगी दर पर इलाज कराने के लिए विवश हैं। मशीन मंगाने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कारगर पहल नहीं की गई। मरीजों को इलाज कराने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में प्रत्येक दिन ओपीडी में 700 से अधिक पहुंचते हैं। हड्डी रोग डॉक्टर के पास प्रत्येक दिन 100 से अधिक मरीज आते हैं। प्रत्येक दिन कम से पांच गंभीर रोगी आते हैं, जिनको ऑपरेशन कराने की जरूरत होती है। उन मरीजों को सुविधा नहीं मिलने पर सिर्फ परामर्श लेकर जाना पड़ता है। तमाम मरीज मेडिकल काॅलेज जाने के बजाय निजी अस्पतालों में इलाज कराने चले जाते हैं।
यह समस्या करीब चार माह से बनी है। खराब मशीन को चार से ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है। मशीन के खराब होने के कारण आयुष्मान भारत योजना के मरीजों का हड्डियों से जुड़ा ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है।
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अंदर की जगह को स्क्रीन पर देखते हैं डॉक्टर
हड्डी रोग विशेषज्ञ के अनुसार, सी-आर्म मशीन हड्डी से जुड़े ऑपरेशन के काम में आती है। यह मशीन दस लाख रुपये से शुरू होती है। इस मशीन के जरिए डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान हड्डी या अंदर की जगह को स्क्रीन पर देखते हैं। छोटे से लेकर बड़ा ऑपरेशन करने में मदद मिलती है। इस मशीन के बिना ऑपरेशन करना संभव नहीं है।
कोट
हड्डी से जुड़ी बीमारी का इलाज ओपीडी में किया जाता है। गंभीर रोगी, जिन्हें ऑपरेशन की जरूरत है, उनको मेडिकल काॅलेज रेफर किया जाता है। समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है।
-डॉ. विकास कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
निजी अस्पताल में कराना पड़ा ऑपरेशन
निचलौल क्षेत्र के खोन्हौली गांव के सुरेश कसौधन (48) की सड़क हादसे में दाहिने पैर की हड्डी टूट गई थी। गोरखपुर एक निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। परिजन जिला अस्पताल ले गए थे, लेकिन वहां ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने कारण लौटना पड़ा। सुरेश ने बताया कि दुर्घटना करीब 15 दिन पहले हुई थी। सेखुई गांव की गंगा देवी (75) ने बताया कि एक सप्ताह पहले दरवाजे पर फिसलने के दौरान पैर टूट गया था। सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं मिली तो महराजगंज शहर के निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
कोट
मशीन को ठीक कराने के लिए पत्राचार किया गया है। जरूरी सामान मंगाने लिए व्यवस्था की गई है। 15 से 20 दिन के अंदर सामान उपलब्ध होने के बाद मशीन ठीक करा दी जाएगी।
-डॉ. अर्जुन प्रसाद भार्गव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में व्यवस्था बदहाल है। ऑपरेशन थिएटर में सी-आर्म मशीन चार माह से खराब है। हड्डी से संबंधित ऑपरेशन की जरूरत होने पर डॉक्टर मरीज को रेफर कर पल्ला झाड़ लेते हैं। ज्यादातर मरीज निजी अस्पतालों में महंगी दर पर इलाज कराने के लिए विवश हैं। मशीन मंगाने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कारगर पहल नहीं की गई। मरीजों को इलाज कराने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में प्रत्येक दिन ओपीडी में 700 से अधिक पहुंचते हैं। हड्डी रोग डॉक्टर के पास प्रत्येक दिन 100 से अधिक मरीज आते हैं। प्रत्येक दिन कम से पांच गंभीर रोगी आते हैं, जिनको ऑपरेशन कराने की जरूरत होती है। उन मरीजों को सुविधा नहीं मिलने पर सिर्फ परामर्श लेकर जाना पड़ता है। तमाम मरीज मेडिकल काॅलेज जाने के बजाय निजी अस्पतालों में इलाज कराने चले जाते हैं।
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यह समस्या करीब चार माह से बनी है। खराब मशीन को चार से ठीक होने का इंतजार किया जा रहा है। मशीन के खराब होने के कारण आयुष्मान भारत योजना के मरीजों का हड्डियों से जुड़ा ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है।
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अंदर की जगह को स्क्रीन पर देखते हैं डॉक्टर
हड्डी रोग विशेषज्ञ के अनुसार, सी-आर्म मशीन हड्डी से जुड़े ऑपरेशन के काम में आती है। यह मशीन दस लाख रुपये से शुरू होती है। इस मशीन के जरिए डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान हड्डी या अंदर की जगह को स्क्रीन पर देखते हैं। छोटे से लेकर बड़ा ऑपरेशन करने में मदद मिलती है। इस मशीन के बिना ऑपरेशन करना संभव नहीं है।
कोट
हड्डी से जुड़ी बीमारी का इलाज ओपीडी में किया जाता है। गंभीर रोगी, जिन्हें ऑपरेशन की जरूरत है, उनको मेडिकल काॅलेज रेफर किया जाता है। समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है।
-डॉ. विकास कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
निजी अस्पताल में कराना पड़ा ऑपरेशन
निचलौल क्षेत्र के खोन्हौली गांव के सुरेश कसौधन (48) की सड़क हादसे में दाहिने पैर की हड्डी टूट गई थी। गोरखपुर एक निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। परिजन जिला अस्पताल ले गए थे, लेकिन वहां ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने कारण लौटना पड़ा। सुरेश ने बताया कि दुर्घटना करीब 15 दिन पहले हुई थी। सेखुई गांव की गंगा देवी (75) ने बताया कि एक सप्ताह पहले दरवाजे पर फिसलने के दौरान पैर टूट गया था। सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं मिली तो महराजगंज शहर के निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
कोट
मशीन को ठीक कराने के लिए पत्राचार किया गया है। जरूरी सामान मंगाने लिए व्यवस्था की गई है। 15 से 20 दिन के अंदर सामान उपलब्ध होने के बाद मशीन ठीक करा दी जाएगी।
-डॉ. अर्जुन प्रसाद भार्गव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक