{"_id":"5de15c0e8ebc3e54c64ea72e","slug":"lumbani-and-kathmandu-maharajganj-news-gkp3312757160","type":"story","status":"publish","title_hn":"लुंबनी-काठमांडू रेलमार्ग का हुआ परीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लुंबनी-काठमांडू रेलमार्ग का हुआ परीक्षण
विज्ञापन
महराजगंज। लुंबनी काठमांडू रेलमार्ग का जायजा लेते चीनी राज्य मंत्री।
- फोटो : MAHARAJGANJ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लुंबनी-काठमांडू रेलमार्ग का हुआ परीक्षण
नवलपरासी/महराजगंज (नेपाल)। रूपंदेही के लुंबनी-कुरिनटार व काठमांडू को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित रेलवे मार्ग व स्टेशन स्थापना को लेकर रेलवे प्रशासन की उच्चस्तरीय टीम ने चीनी राज्यमंत्री आन लु सांग की अगुवाई में भौतिक सत्यापन किया। जिसमें लुंबनी माया देवी मंदिर के करीब अंतिम रेलवे स्टेशन होने की बात बताई।
इसकी जानकारी रेलवे विभाग के सीनियर डिवीजन इंजीनियर अमन चित्रकार ने दी। उन्होंने बताया कि चीन के राज्यमंत्री आन लु सांग की अगुआई में चीनी रेलवे प्रशासन की 23 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम ने लुंबनी-कुरिनटार होते हुए राजधानी काठमांडू को जाने वाली रेलवे लाइन का भौतिक परीक्षण किया। जिसमें लुंबनी के माया मन्दिर के करीब अंतिम रेलवे स्टेशन होने की बात कही गई। दर्शाए गए रेलमार्ग में काठमांडू से कुरिनटार के लिए एक ही रुट दिखाया गया है। जबकि कुरिनटार से लुंबनी व पोखरा के लिए अलग अलग रूट दिखाया गया है। काठमांडू से कुरिनटार की कुल दूरी 100 किमी जबकि कुरिनटार से लुंबनी की दूरी 1 सौ 57 किमी बताई गई। जबकि कुरिनटार से पोखरा की दूरी 98 किमी का अनुमान है।
विज्ञापन
नवलपरासी/महराजगंज (नेपाल)। रूपंदेही के लुंबनी-कुरिनटार व काठमांडू को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित रेलवे मार्ग व स्टेशन स्थापना को लेकर रेलवे प्रशासन की उच्चस्तरीय टीम ने चीनी राज्यमंत्री आन लु सांग की अगुवाई में भौतिक सत्यापन किया। जिसमें लुंबनी माया देवी मंदिर के करीब अंतिम रेलवे स्टेशन होने की बात बताई।
इसकी जानकारी रेलवे विभाग के सीनियर डिवीजन इंजीनियर अमन चित्रकार ने दी। उन्होंने बताया कि चीन के राज्यमंत्री आन लु सांग की अगुआई में चीनी रेलवे प्रशासन की 23 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम ने लुंबनी-कुरिनटार होते हुए राजधानी काठमांडू को जाने वाली रेलवे लाइन का भौतिक परीक्षण किया। जिसमें लुंबनी के माया मन्दिर के करीब अंतिम रेलवे स्टेशन होने की बात कही गई। दर्शाए गए रेलमार्ग में काठमांडू से कुरिनटार के लिए एक ही रुट दिखाया गया है। जबकि कुरिनटार से लुंबनी व पोखरा के लिए अलग अलग रूट दिखाया गया है। काठमांडू से कुरिनटार की कुल दूरी 100 किमी जबकि कुरिनटार से लुंबनी की दूरी 1 सौ 57 किमी बताई गई। जबकि कुरिनटार से पोखरा की दूरी 98 किमी का अनुमान है।
विज्ञापन