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नेपाल में टिड्डियों के हमले से किसान परेशान
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नेपाल के रूपनदेही जिले में खेत में धुआं करते किसान।
- फोटो : MAHARAJGANJ
नेपाल में टिड्डियों के हमले से किसान परेशान
नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचा टिड्डियों का दल
महराजगंज। नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में टिड्डियों का दल पहुंच गया है, जिससे किसान परेशान हैं। इन दिनों किसान खेत में धुंआ कर टिड्डी दल से बचाव में जुटे हैं। वहीं नेपाल का कृषि ज्ञान केंद्र किसानों को जागरूक कर रहा है। अभी सीमावर्ती क्षेत्रों में टिड्डियों के दल का प्रभाव ज्यादा है।
शनिवार की दोपहर को रूपनदेही जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में टिड्डियों का दल दिखा। मंगलवार को रूपनदेही जिले के अलावा बुटवल क्षेत्र में उनका प्रभाव बढ़ गया है। मथागढ़ी गांव नगरपालिका, रिबडिकोट नगर पालिका, रेनादेवी छहरा नगर पालिका और तानसेन नगरपालिका क्षेत्र में देखे गए है। पलपा में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के कारण टिड्डियों का दल नहीं दिखा। उनके पालपा के कुछ स्थानों पर रुके होने की संभावना है। किसान अपने खेत में धुआं सुलगा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कृषि ज्ञान केंद्र पलपा के जिम्मेदारों को बताया कि तिनयांगुनुपालिका -2, जांगला के इलाके में परेशानी बढ़ गई है।
कृषि ज्ञान केंद्र के प्रमुख शिव प्रसाद आर्यल ने बताया कि एक तकनीकी टीम झंगला पहुंचकर किसानों को बचाव के लिए जागरूक किया। डोभन के पास्कुंड, बुढ़ासतक और बगहा गांवों के जंगल के पेड़ों पर टिड्डियों को देखा गया। बारिश में वह कुछ नहीं करते हैं और पानी रुकने पर खेतों में लगाए गए खरपतवार और घास, मक्का और धान के बीज खा सकते हैं। टिड्डियों से बचाव के लिए उपाय करने को कहा गया है।
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उन्होंने बताया कि भले ही अब तक टिड्डियों के दल ने पलपा में फसलों के पत्ते खाए हैं, लेकिन इससे उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। पालपा में बारिश और बूंदाबांदी के कारण टिड्डियां दूसरे पेड़ों पर रहने लगी हैं। उन्होंने बताया कि टिड्डियों के प्रभाव को कम करने के लिए व्यवस्था की जा रही है।
किसान फसलों को बचाने में जुटे
बेनीपुर निवासी हरिराम कांदू, सफीकुला निवासी पकलिहवा, धनश्याम निवासी नौडीहवा, सागर निवासी मंगलपुरा ने बताया कि प्लेट, टिन के डिब्बे बजाकर, धुआं सुलगाकर और शोर मचाकर टिड्डियों से छुटकारा पाने की कोशिश की जा रही है। अगर टिड्डियों का आना कम नहीं हुआ तो पैदावार प्रभावित होगी। इन दिनों फसल की रखवाली में ज्यादा परेशानी हो रही है।
बकुलडीहा में दिखा टिड्डियों का दल
महराजगंज। जिला कृषि अधिकारी हिमांचल सोनकर ने बताया कि टिड्डियों का दल मंगलवार की सुबह परसामलिक थाना क्षेत्र के बकुलडीहा में दिखने के उपरांत नेपाल की तरफ गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात दल जंगल में रहा। मंगलवार की सुबह वह बकुलडीहा से नेपाल सीमा की तरफ जाता दखा। उन्होंने आमजन से बचाव को लेकर पूरी तैयारी रखने को कहा है।
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नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचा टिड्डियों का दल
महराजगंज। नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में टिड्डियों का दल पहुंच गया है, जिससे किसान परेशान हैं। इन दिनों किसान खेत में धुंआ कर टिड्डी दल से बचाव में जुटे हैं। वहीं नेपाल का कृषि ज्ञान केंद्र किसानों को जागरूक कर रहा है। अभी सीमावर्ती क्षेत्रों में टिड्डियों के दल का प्रभाव ज्यादा है।
शनिवार की दोपहर को रूपनदेही जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में टिड्डियों का दल दिखा। मंगलवार को रूपनदेही जिले के अलावा बुटवल क्षेत्र में उनका प्रभाव बढ़ गया है। मथागढ़ी गांव नगरपालिका, रिबडिकोट नगर पालिका, रेनादेवी छहरा नगर पालिका और तानसेन नगरपालिका क्षेत्र में देखे गए है। पलपा में हल्की बारिश और बूंदाबांदी के कारण टिड्डियों का दल नहीं दिखा। उनके पालपा के कुछ स्थानों पर रुके होने की संभावना है। किसान अपने खेत में धुआं सुलगा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कृषि ज्ञान केंद्र पलपा के जिम्मेदारों को बताया कि तिनयांगुनुपालिका -2, जांगला के इलाके में परेशानी बढ़ गई है।
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कृषि ज्ञान केंद्र के प्रमुख शिव प्रसाद आर्यल ने बताया कि एक तकनीकी टीम झंगला पहुंचकर किसानों को बचाव के लिए जागरूक किया। डोभन के पास्कुंड, बुढ़ासतक और बगहा गांवों के जंगल के पेड़ों पर टिड्डियों को देखा गया। बारिश में वह कुछ नहीं करते हैं और पानी रुकने पर खेतों में लगाए गए खरपतवार और घास, मक्का और धान के बीज खा सकते हैं। टिड्डियों से बचाव के लिए उपाय करने को कहा गया है।
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उन्होंने बताया कि भले ही अब तक टिड्डियों के दल ने पलपा में फसलों के पत्ते खाए हैं, लेकिन इससे उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। पालपा में बारिश और बूंदाबांदी के कारण टिड्डियां दूसरे पेड़ों पर रहने लगी हैं। उन्होंने बताया कि टिड्डियों के प्रभाव को कम करने के लिए व्यवस्था की जा रही है।
किसान फसलों को बचाने में जुटे
बेनीपुर निवासी हरिराम कांदू, सफीकुला निवासी पकलिहवा, धनश्याम निवासी नौडीहवा, सागर निवासी मंगलपुरा ने बताया कि प्लेट, टिन के डिब्बे बजाकर, धुआं सुलगाकर और शोर मचाकर टिड्डियों से छुटकारा पाने की कोशिश की जा रही है। अगर टिड्डियों का आना कम नहीं हुआ तो पैदावार प्रभावित होगी। इन दिनों फसल की रखवाली में ज्यादा परेशानी हो रही है।
बकुलडीहा में दिखा टिड्डियों का दल
महराजगंज। जिला कृषि अधिकारी हिमांचल सोनकर ने बताया कि टिड्डियों का दल मंगलवार की सुबह परसामलिक थाना क्षेत्र के बकुलडीहा में दिखने के उपरांत नेपाल की तरफ गया है। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात दल जंगल में रहा। मंगलवार की सुबह वह बकुलडीहा से नेपाल सीमा की तरफ जाता दखा। उन्होंने आमजन से बचाव को लेकर पूरी तैयारी रखने को कहा है।