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Maharajganj News: भाषा विवाद की आंच, युवाओं ने फूंका पुतला
Tue, 08 Jul 2025 07:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 08 Jul 2025 07:28 PM IST
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महराजगंज। महाराष्ट्र में ठाकरे भाइयों की तरफ से शुरू हुए भाषा विवाद की आंच जनपद तक पहुंच गई है। मंगलवार को मुख्यालय के सक्सेना चौक के निकट युवाओं का समूह अंकुर मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में एकत्र हुआ और नारेबाजी करते हुए उद्धव व राज ठाकरे का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
युवाओं ने कहा कि भाषा के आधार पर क्षेत्र व राज्य को अलग करने का प्रयास राष्ट्र के लिए हानिकारक है। किसी एक क्षेत्र या भाषा का योगदान आजादी में नहीं था बल्कि सभी ने अपना योगदान दिया, लेकिन भाषाई आधार पर क्षेत्रीय लोगों को प्रताड़ित करना निंदनीय है।
युवा नेता अंकुर मणि ने कहा कि ठाकरे एक ऐसा नाम है कि संपूर्ण राष्ट्र बाला साहब के कारण याद रखता है। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों के लिए आरक्षण की वकालत जरूर की, लेकिन गैर राज्य के लोगों को मारने पीटने, अभद्रता जैसी कोई स्थिति नहीं पैदा होने दी। मुंबई देश का आर्थिक राजधानी कही जाती है जो महाराष्ट्र में है, लेकिन वहां गैर राज्य के लोग व मराठी से इतर भाषा जानने वालों का उत्पीड़न करना निंदनीय है। यह कार्य राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे सिर्फ वोट की राजनीति के लिए कर रहे हैं, लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिलेगी। इस दौरान प्रवीन पांडेय, अर्पित पांडेय, त्रिपुरेश, सुनील कन्नौजिया, अभिषेक दुबे, भरत, राजा सिंह, तुषार, करन गोरखनाथ, राकेश पटेल मौजूद रहे। संवाद
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युवाओं ने कहा कि भाषा के आधार पर क्षेत्र व राज्य को अलग करने का प्रयास राष्ट्र के लिए हानिकारक है। किसी एक क्षेत्र या भाषा का योगदान आजादी में नहीं था बल्कि सभी ने अपना योगदान दिया, लेकिन भाषाई आधार पर क्षेत्रीय लोगों को प्रताड़ित करना निंदनीय है।
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युवा नेता अंकुर मणि ने कहा कि ठाकरे एक ऐसा नाम है कि संपूर्ण राष्ट्र बाला साहब के कारण याद रखता है। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों के लिए आरक्षण की वकालत जरूर की, लेकिन गैर राज्य के लोगों को मारने पीटने, अभद्रता जैसी कोई स्थिति नहीं पैदा होने दी। मुंबई देश का आर्थिक राजधानी कही जाती है जो महाराष्ट्र में है, लेकिन वहां गैर राज्य के लोग व मराठी से इतर भाषा जानने वालों का उत्पीड़न करना निंदनीय है। यह कार्य राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे सिर्फ वोट की राजनीति के लिए कर रहे हैं, लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिलेगी। इस दौरान प्रवीन पांडेय, अर्पित पांडेय, त्रिपुरेश, सुनील कन्नौजिया, अभिषेक दुबे, भरत, राजा सिंह, तुषार, करन गोरखनाथ, राकेश पटेल मौजूद रहे। संवाद
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