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Maharajganj News: नेपाली मुद्रा के एक्सचेंज की सुविधा नहीं हुंडी कारोबार से मालामाल हो रहे धंधेबाज
Sat, 01 Aug 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:38 AM IST
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महराजगंज। अंतरराष्ट्रीय भारत-नेपाल सीमा पर भारतीय क्षेत्र में नेपाली करेंसी एक्सचेंज की सुविधा नहीं है। इसका फायदा उठाते हुए सोनौली व नौतनवां के कई सफेदपोश हुंडी कारोबार के सहारे मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। नेपाली मुद्रा पर यह आठ से 10 फीसदी बट्टा काटकर भारतीय रुपया देकर यह धंधेबाज काली कमाई कर रहे हैं।
भारत और नेपाल के मैत्री संबंधों के कारण दोनों देश के नागरिकों को अपने साथ एक-दूसरे के देश में 25,000 रुपये तक साथ ले जाने का अधिकार है। भारतीय मुद्रा तो लगभग पूरे नेपाल में चलती है लेकिन नेपाली मुद्रा भारत में सिर्फ सीमा क्षेत्र तक ही चलती है। हालांकि भारत-नेपाल की सभी सीमाओं पर मनी एक्सचेंज की सुविधा है लेकिन सोनौली सीमा पर मनी एक्सचेंज काउंटर नेपाल के हिस्से वाले क्षेत्र बेलहिया में है।
भारतीय क्षेत्र में प्रबंध न होने का लाभ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बैठे यह सफेदपोश उठा रहे हैं और गोपनीय तरीके से नेपाली रुपया एक्सचेंज करने की सुविधा 10 फीसदी कटौती करने उपलब्ध कराते हैं। मौजूदा एक्सचेंज प्रावधान के तहत नियमत: 100 नेपाली रुपये के बदले 62.50 रुपये मिलना चाहिए लेकिन बिना किसी लाइसेंस मनी एक्सचेंज की सुविधा देने वाले यह सफेदपोश 100 रुपये नेपाली के बदले 53 से 54 रुपये ही देते हैं बाकी इनकी काली कमाई का हिस्सा है।
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क्या है हुंडी कारोबार : हुंडी कारोबार पैसे की लेनदेन का अवैध तरीका है। इसे हवाला कारोबार भी कहते हैं। इसमें कालाधन इस्तेमाल किया जाता है। सोना तस्करों, राजनैतिक दलों व आतंकी संगठनों तक का भी पैसा हवाला कारोबार से ही बाहर जाता है।
बराबर पकड़ी जाती नेपाली करेंसी : सीमावर्ती क्षेत्र में हुंडी कारोबार कई वर्षों से फलफूल रहा है। बीते वर्षों में छपवा टोल प्लाजा के पास 90 लाख नेपाली मुद्रा, रेलवे स्टेशन चौराहा के पास 10 लाख नेपाली मुद्रा व सोनौली बार्डर पर भी करीब 30 लाख रुपया नेपाली मुद्रा पकड़ी जा चुकी है। रकम के साथ अधिकतर नौतनवा के लोग ही पकड़े गए। नेपाली रुपये का बार्डर पर पकड़ा जाना यह साबित करता कि कोई माध्यम ऐसा है जिस रास्ते भारतीय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नेपाली करेंसी पहुंच रही है।
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भारत और नेपाल के मैत्री संबंधों के कारण दोनों देश के नागरिकों को अपने साथ एक-दूसरे के देश में 25,000 रुपये तक साथ ले जाने का अधिकार है। भारतीय मुद्रा तो लगभग पूरे नेपाल में चलती है लेकिन नेपाली मुद्रा भारत में सिर्फ सीमा क्षेत्र तक ही चलती है। हालांकि भारत-नेपाल की सभी सीमाओं पर मनी एक्सचेंज की सुविधा है लेकिन सोनौली सीमा पर मनी एक्सचेंज काउंटर नेपाल के हिस्से वाले क्षेत्र बेलहिया में है।
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भारतीय क्षेत्र में प्रबंध न होने का लाभ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बैठे यह सफेदपोश उठा रहे हैं और गोपनीय तरीके से नेपाली रुपया एक्सचेंज करने की सुविधा 10 फीसदी कटौती करने उपलब्ध कराते हैं। मौजूदा एक्सचेंज प्रावधान के तहत नियमत: 100 नेपाली रुपये के बदले 62.50 रुपये मिलना चाहिए लेकिन बिना किसी लाइसेंस मनी एक्सचेंज की सुविधा देने वाले यह सफेदपोश 100 रुपये नेपाली के बदले 53 से 54 रुपये ही देते हैं बाकी इनकी काली कमाई का हिस्सा है।
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क्या है हुंडी कारोबार : हुंडी कारोबार पैसे की लेनदेन का अवैध तरीका है। इसे हवाला कारोबार भी कहते हैं। इसमें कालाधन इस्तेमाल किया जाता है। सोना तस्करों, राजनैतिक दलों व आतंकी संगठनों तक का भी पैसा हवाला कारोबार से ही बाहर जाता है।
बराबर पकड़ी जाती नेपाली करेंसी : सीमावर्ती क्षेत्र में हुंडी कारोबार कई वर्षों से फलफूल रहा है। बीते वर्षों में छपवा टोल प्लाजा के पास 90 लाख नेपाली मुद्रा, रेलवे स्टेशन चौराहा के पास 10 लाख नेपाली मुद्रा व सोनौली बार्डर पर भी करीब 30 लाख रुपया नेपाली मुद्रा पकड़ी जा चुकी है। रकम के साथ अधिकतर नौतनवा के लोग ही पकड़े गए। नेपाली रुपये का बार्डर पर पकड़ा जाना यह साबित करता कि कोई माध्यम ऐसा है जिस रास्ते भारतीय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नेपाली करेंसी पहुंच रही है।