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Maharajganj News: ब्रह्मांड के रहस्य समझेंगी कस्तूरबा की बेटियां
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महराजगंज। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल की बेटियां अब ब्रह्मांड के रहस्य समझेंगी। इसके लिए कस्तूरबा स्कूलों में एस्ट्रोनोमी लैब की स्थापना की जाएगी।
शासन से क्रिटिकल गैप फंड की अनुमति के बाद शिक्षा महानिदेशक स्तर से पत्र जारी किया गया है। चार लाख रुपये की लागत तैयार होगा एक लैब।
जनपद में 13 कस्तूरबा गांधी स्कूलों में 1,300 बेटियां नामांकित है। यह विद्यालय उच्चीकृत होकर 12वीं तक संचालित हो रहे हैं। कस्तूरबा की बेटियों की शिक्षा विशिष्ट बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
डिजिटल शिक्षा प्रबंध के लिए स्मार्ट क्लास, डिजिटल एलईडी व अन्य इंतजाम किए गए हैं। इसी क्रम में अब एस्ट्रोनोमी लैब निर्माण के लिए अनुमति मिली है। क्रिटिकल गैप योजना का इस्तेमाल करने को मंजूरी देकर प्रत्येक लैब के लिए 4 लाख रुपये खर्च का अनुमति पत्र शिक्षा महानिदेशक स्तर से जारी किया गया है। क्रिटिकल गैप वह धनराशि होती है जिसका उपयोग स्थानीय स्तर की आवश्यकताओं को देखते हुए खर्च किया जाता है। क्रिटिकल गैप मद से होने वाले कार्य जिला स्तरीय समिति की देखरेख में होते हैं।
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शासन से क्रिटिकल गैप फंड की अनुमति के बाद शिक्षा महानिदेशक स्तर से पत्र जारी किया गया है। चार लाख रुपये की लागत तैयार होगा एक लैब।
जनपद में 13 कस्तूरबा गांधी स्कूलों में 1,300 बेटियां नामांकित है। यह विद्यालय उच्चीकृत होकर 12वीं तक संचालित हो रहे हैं। कस्तूरबा की बेटियों की शिक्षा विशिष्ट बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
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डिजिटल शिक्षा प्रबंध के लिए स्मार्ट क्लास, डिजिटल एलईडी व अन्य इंतजाम किए गए हैं। इसी क्रम में अब एस्ट्रोनोमी लैब निर्माण के लिए अनुमति मिली है। क्रिटिकल गैप योजना का इस्तेमाल करने को मंजूरी देकर प्रत्येक लैब के लिए 4 लाख रुपये खर्च का अनुमति पत्र शिक्षा महानिदेशक स्तर से जारी किया गया है। क्रिटिकल गैप वह धनराशि होती है जिसका उपयोग स्थानीय स्तर की आवश्यकताओं को देखते हुए खर्च किया जाता है। क्रिटिकल गैप मद से होने वाले कार्य जिला स्तरीय समिति की देखरेख में होते हैं।
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