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अंग्रेजों के जमाने से संचालित है इस्लामिया स्कूल
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Tue, 24 Jul 2018 01:08 AM IST
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अंग्रेजों के जमाने से संचालित है इस्लामिया स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिले के परतावल ब्लॉक के जद्दू पिपरा गांव में इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय संचालित होने का मामला प्रकाश में आने पर खंड शिक्षा अधिकारी परतावल सोमवार को वहां जांच करने पहुंचे। जांच में पता चला कि यह सरकारी स्कूल अंग्रेजों के जमाने से इस्लामिया प्राथमिक विद्यालय के नाम से जाना जाता है।
हैरत कि बात है कि वर्ष 2015 के पहले तक यहां सभी रजिस्टर में सिर्फ उर्दू में सारी बातें लिखी जाती रहीं। इसके बाद रजिस्टर पर हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाने लगा। स्कूल में तैनात शिक्षा मित्र शैलेश राय एवं शबनम बेगम ने बताया कि स्कूल में 82 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को 38 बच्चे पढ़ने आए। लंबे समय से यहां शुक्रवार को छुट्टी होती है। रविवार को बच्चे पढ़ने आते हैं। पुराने ढर्रे पर संचालित हो रहे स्कूल में व्यवस्था परिवर्तन को लेकर किसी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। शबनम बेगम ने बताया कि स्कूल का संचालन 1928 में शुरू हुआ। तभी से यहां शुक्रवार को छुट्टी होती है। उस वक्त ग्राम प्रधान हाजी जलालुद्दीन रहे। उनके कार्यकाल के दौरान यह स्कूल बना था। प्रधानाध्यापक तीर्थराज ने बताया कि बच्चों को बेहतर शिक्षा दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। शुक्रवार की छुट्टी की बात पर स्पष्ट जवाब देने से कतराते रहे।उधर, सोमवार को जांच करने पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी श्याम सुंदर पटेल ने बताया कि स्कूल में शुक्रवार को छुट्टी होने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की गई है। गांव के लोगों से भी बातचीत कर जानकारी जुटाई गई है। रिपोर्ट बीएसए को भेजी जाएगी। डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि नियम के विपरीत स्कूल का संचालन नहीं हो सकता है। सभी स्कूलों के लिए एक ही नियम लागू होंगे। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर विचार विमर्श के बाद नियम के मुताबिक स्कूल का संचालन कराया जाएगा।
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हैरत कि बात है कि वर्ष 2015 के पहले तक यहां सभी रजिस्टर में सिर्फ उर्दू में सारी बातें लिखी जाती रहीं। इसके बाद रजिस्टर पर हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाने लगा। स्कूल में तैनात शिक्षा मित्र शैलेश राय एवं शबनम बेगम ने बताया कि स्कूल में 82 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को 38 बच्चे पढ़ने आए। लंबे समय से यहां शुक्रवार को छुट्टी होती है। रविवार को बच्चे पढ़ने आते हैं। पुराने ढर्रे पर संचालित हो रहे स्कूल में व्यवस्था परिवर्तन को लेकर किसी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। शबनम बेगम ने बताया कि स्कूल का संचालन 1928 में शुरू हुआ। तभी से यहां शुक्रवार को छुट्टी होती है। उस वक्त ग्राम प्रधान हाजी जलालुद्दीन रहे। उनके कार्यकाल के दौरान यह स्कूल बना था। प्रधानाध्यापक तीर्थराज ने बताया कि बच्चों को बेहतर शिक्षा दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। शुक्रवार की छुट्टी की बात पर स्पष्ट जवाब देने से कतराते रहे।उधर, सोमवार को जांच करने पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी श्याम सुंदर पटेल ने बताया कि स्कूल में शुक्रवार को छुट्टी होने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की गई है। गांव के लोगों से भी बातचीत कर जानकारी जुटाई गई है। रिपोर्ट बीएसए को भेजी जाएगी। डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने बताया कि नियम के विपरीत स्कूल का संचालन नहीं हो सकता है। सभी स्कूलों के लिए एक ही नियम लागू होंगे। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने पर विचार विमर्श के बाद नियम के मुताबिक स्कूल का संचालन कराया जाएगा।
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