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Maharajganj News: सीबीजी प्लांट बनेगा किसानों की कमाई का जरिया, पराली खोलेगी आय का द्वार
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महराजगंज। कृषि बाहुल्य जिला महराजगंज की तस्वीर बदल रही है। जिले में बन रहे दो सीबीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस) प्लांट न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने का जरिया बनेंगे बल्कि पर्यावरण के लिए बड़ी समस्या बन चुकी पराली जलाने की प्रथा पर भी रोक लगाएंगे। इंवेस्ट यूपी और उद्योग विभाग की पहल पर यह परियोजना तेजी से आकार ले रही है।
जानकारी के मुताबिक, पहला और बड़ा सीबीजी प्लांट फरेंदा ब्लॉक के लेजार महदेवा में बन रहा है। यह 15 टीपीडी (टन प्रति दिन) क्षमता का है। इसे मुंबई के निवेशक मिलिंद फटके लगा रहे हैं। सदर में 15 करोड़ का छोटा प्लांट स्थानीय रितेश शाह तैयार करा रहे हैं। दोनों ही प्लांटों में कृषि अवशेष (धान की डंठल) से कंप्रेस्ड बायो गैस तैयार किया जाएगा।
पराली है सबसे बड़ी समस्या
महराजगंज धान और गेहूं का प्रमुख उत्पादक जिला है। यहां हर साल खरीफ सीजन में हजारों टन पराली निकलती है। पराली के निस्तारण का कोई स्थायी विकल्प न होने से किसान उसे खेत में ही जलाने को मजबूर होते हैं। पिछले खरीफ सीजन में पराली जलाने के मामलों में महराजगंज प्रदेश में सबसे आगे रहा था। इससे न सिर्फ पर्यावरण प्रदूषित हुआ बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित हुई। कई बार किसानों पर मुकदमे और जुर्माने की कार्रवाई भी हुई।
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पराली बढ़ाएगी किसानों की कमाई
जनपद के बड़े किसान ने गोबिंद वर्मा ने बताया कि सीबीजी प्लांट शुरू होने के बाद जिले की तस्वीर बदल जाएगी। किसान अब अपनी पराली को जलाने के बजाय इन प्लांटों को बेच सकेंगे। इससे उन्हें प्रति एकड़ अतिरिक्त आय होगी। वहीं प्लांट संचालक इस पराली से बायोगैस बनाकर बाजार में बेचेंगे और मुनाफा कमाएंगे। इस प्रक्रिया में निकलने वाला जैविक खाद भी किसानों के लिए उपयोगी होगा।
रोजगार का खुलेगा द्वार
इंवेस्ट यूपी के जिला प्रतिनिधि प्रियंक त्रिपाठी के मुताबिक, इन प्लांटों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। पराली की कटाई, ढुलाई, प्लांट में काम और गैस वितरण तक एक पूरी चेन बनेगी। इससे स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा और जिले की औद्योगिक पहचान मजबूत होगी। परियोजना को इन्वेस्ट यूपी और जिला उद्योग दोनों मिलकर मॉनिटरिंग व प्लांट स्थापना में आ रही एनओसी से लेकर अन्य समस्याओं का निदान कराया जा रहा है। लेजार महदेवा प्लांट तक मुख्य मार्ग निर्माण के लिए इन्वेस्ट यूपी के तहत निर्माण की अनुमति मिल चुकी है जिसका टेंडर शीघ्र प्रकाशित कराया जाएगा।
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बोले अधिकारीजिले में किसानों के लिए पराली अब धुएं का कारण नहीं बल्कि आय का जरिया बनेगी। डीएम के निर्देशन में उद्योग विभाग औद्योगीकरण का दायरा बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। नए वर्ष से पहले जिले के दोनों सीबीजी प्लांट संचालित होने लगेंगे ऐसी उम्मीद है। सीबीजी प्लांट से पर्यावरण संरक्षण और समृद्धि दोनों एक साथ मिलेगी।
- नीरज सिंह, उपायुक्त
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जानकारी के मुताबिक, पहला और बड़ा सीबीजी प्लांट फरेंदा ब्लॉक के लेजार महदेवा में बन रहा है। यह 15 टीपीडी (टन प्रति दिन) क्षमता का है। इसे मुंबई के निवेशक मिलिंद फटके लगा रहे हैं। सदर में 15 करोड़ का छोटा प्लांट स्थानीय रितेश शाह तैयार करा रहे हैं। दोनों ही प्लांटों में कृषि अवशेष (धान की डंठल) से कंप्रेस्ड बायो गैस तैयार किया जाएगा।
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पराली है सबसे बड़ी समस्या
महराजगंज धान और गेहूं का प्रमुख उत्पादक जिला है। यहां हर साल खरीफ सीजन में हजारों टन पराली निकलती है। पराली के निस्तारण का कोई स्थायी विकल्प न होने से किसान उसे खेत में ही जलाने को मजबूर होते हैं। पिछले खरीफ सीजन में पराली जलाने के मामलों में महराजगंज प्रदेश में सबसे आगे रहा था। इससे न सिर्फ पर्यावरण प्रदूषित हुआ बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी प्रभावित हुई। कई बार किसानों पर मुकदमे और जुर्माने की कार्रवाई भी हुई।
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पराली बढ़ाएगी किसानों की कमाई
जनपद के बड़े किसान ने गोबिंद वर्मा ने बताया कि सीबीजी प्लांट शुरू होने के बाद जिले की तस्वीर बदल जाएगी। किसान अब अपनी पराली को जलाने के बजाय इन प्लांटों को बेच सकेंगे। इससे उन्हें प्रति एकड़ अतिरिक्त आय होगी। वहीं प्लांट संचालक इस पराली से बायोगैस बनाकर बाजार में बेचेंगे और मुनाफा कमाएंगे। इस प्रक्रिया में निकलने वाला जैविक खाद भी किसानों के लिए उपयोगी होगा।
रोजगार का खुलेगा द्वार
इंवेस्ट यूपी के जिला प्रतिनिधि प्रियंक त्रिपाठी के मुताबिक, इन प्लांटों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलेगा। पराली की कटाई, ढुलाई, प्लांट में काम और गैस वितरण तक एक पूरी चेन बनेगी। इससे स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा और जिले की औद्योगिक पहचान मजबूत होगी। परियोजना को इन्वेस्ट यूपी और जिला उद्योग दोनों मिलकर मॉनिटरिंग व प्लांट स्थापना में आ रही एनओसी से लेकर अन्य समस्याओं का निदान कराया जा रहा है। लेजार महदेवा प्लांट तक मुख्य मार्ग निर्माण के लिए इन्वेस्ट यूपी के तहत निर्माण की अनुमति मिल चुकी है जिसका टेंडर शीघ्र प्रकाशित कराया जाएगा।
बोले अधिकारीजिले में किसानों के लिए पराली अब धुएं का कारण नहीं बल्कि आय का जरिया बनेगी। डीएम के निर्देशन में उद्योग विभाग औद्योगीकरण का दायरा बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। नए वर्ष से पहले जिले के दोनों सीबीजी प्लांट संचालित होने लगेंगे ऐसी उम्मीद है। सीबीजी प्लांट से पर्यावरण संरक्षण और समृद्धि दोनों एक साथ मिलेगी।
- नीरज सिंह, उपायुक्त