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Maharajganj News: गो-सदन में साइलेज बनाने का काम जल्द शुरु करने के निर्देश
Sun, 24 Nov 2024 04:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 24 Nov 2024 04:44 AM IST
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महराजगंज। जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में गो-सदन मधवलिया की जिला प्रबंध कार्यकारिणी की बैठक गो-सदन परिसर में संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने स्वदेशी नस्ल के गोवंशों के नस्ल सुधार के लिए दीर्घकालीन कार्ययोजना बनाकर उसके क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने नस्ल सुधार के लिए चिह्नित गोवंश के विस्तृत अभिलेखीकरण के लिए भी कहा। उन्होंने गोसदन में साइलेज बनाने का काम जल्द शुरु करने का निर्देश दिए। उन्होंने गो–कास्ट के निर्माण और बिक्री के लिए इच्छुक स्वयं सहायता समूहों के साथ अनुबंध करते हुए गो–कास्ट की बिक्री की रणनीति बनाने के लिए निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को विभिन्न माध्यमों से गो-सदन की आय वृद्धि के लिए निर्देशित किया।
विधायक सिसवा ने कहा कि पहले गो-सदन की स्थिति बेहद निराशाजनक थी, लेकिन विगत वर्षों के प्रयास के परिणाम स्वरुप गो-सदन में काफी कार्य शासन-प्रशासन की ओर से कराया गया है, लेकिन इसे आत्मनिर्भर बनाए जाने की जरूरत है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि गोसदन परिसर में कुल 537 पशु संरक्षित हैं। इन पशुओं के लिए वर्तमान में लगभग 399 क्विंटल भूसा और दान के माध्यम से 230 क्विंटल पराली उपलब्ध है। साथ ही 05.50 क्विंटल चोकर भी दान के माध्यम से प्राप्त हुआ है। इसके अलावा पशुओं के लिए एक एक्स में नेपियर घास, तीन एकड़ में जई 0.05 एकड़ में बरसीम की बुआई की गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि योजना के तहत चिह्नित दो गायों ने बछड़ा/बछिया को जन्म दिया है, जबकि आठ अन्य गर्भवती हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हौसला प्रसाद, उपजिलाधिकारी निचलौल शैलेंद्र गौतम, बीडीओ निचलौल शमा सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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विधायक सिसवा ने कहा कि पहले गो-सदन की स्थिति बेहद निराशाजनक थी, लेकिन विगत वर्षों के प्रयास के परिणाम स्वरुप गो-सदन में काफी कार्य शासन-प्रशासन की ओर से कराया गया है, लेकिन इसे आत्मनिर्भर बनाए जाने की जरूरत है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि गोसदन परिसर में कुल 537 पशु संरक्षित हैं। इन पशुओं के लिए वर्तमान में लगभग 399 क्विंटल भूसा और दान के माध्यम से 230 क्विंटल पराली उपलब्ध है। साथ ही 05.50 क्विंटल चोकर भी दान के माध्यम से प्राप्त हुआ है। इसके अलावा पशुओं के लिए एक एक्स में नेपियर घास, तीन एकड़ में जई 0.05 एकड़ में बरसीम की बुआई की गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि योजना के तहत चिह्नित दो गायों ने बछड़ा/बछिया को जन्म दिया है, जबकि आठ अन्य गर्भवती हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हौसला प्रसाद, उपजिलाधिकारी निचलौल शैलेंद्र गौतम, बीडीओ निचलौल शमा सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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