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Maharajganj News: निजी अस्पतालों की जांच में मिलीं खामियां, नोटिस

Tue, 07 Apr 2026 02:38 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 02:38 AM IST
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Inspection of private hospitals found flaws, notice issued
जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़।  
चिकित्सा कर्मियों के पास नहीं थी चिकित्सकीय शैक्षिक योग्यता
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संतकबीरनगर। डीएम आलोक कुमार द्वारा गठित टीम ने सोमवार को निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। इन अस्पतालाें में कई खामियां पाई गईं। अस्पताल के कर्मियों के पास उपयुक्त चिकित्सकीय शैक्षिक योग्यता नहीं पाई गई। सफाई व्यवस्था भी खराब मिली। टीम ने नोटिस देकर दो सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए हैं।
टीम में शामिल एसडीएम न्यायिक एचआर तिवारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामरतन व महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुबारक अली की टीम ने अपराह्न तीन बजे धनघटा क्षेत्र के चंद्रौटी स्थित लीलावती अस्पताल का निरीक्षण किया। इसका संचालन बुद्धि सागर पांडेय की देखरेख में किया जा रहा था।
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चिकित्सालय में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। चिकित्सालय में चिकित्साकर्मी कुमारी नीलम, कुमारी अंजली मौजूद थीं, जिनके पास चिकित्सालय में कार्य करने के लिए उपयुक्त चिकित्सकीय शैक्षिक प्रमाणपत्र नहीं था। चिकित्सालय की साफ-सफाई भी ठीक नहीं थी। वार्डों में बेड तकिया व चादर रहित थे। पर्याप्त रोशनी भी नहीं थी। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियमानुसार नहीं किया जा रहा था।
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चिकित्सालय के बाहर पीली पटि्टका पर चिकित्सकों व कर्मियों का नाम नहीं था। चिकित्सालय में कुल तीन मरीज भर्ती थे, चिकित्सक के बारे में पूछने पर संचालक ने बताया कि पूर्ण कालिक चिकित्सक डाॅ. विकास पांडेय उपस्थित हैं, जो किसी व्यक्तिगत कारण से निकट स्थित घर गए हैं। टीम ने कमियों को दूर करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। इसी क्रम में बेबी लैंड हास्पिटल बनियाबारी खलीलाबाद का भी औचक निरीक्षण किया गया। चिकित्सालय खुला पाया गया और डॉ. विपिन कुमार, डाॅ. सीमा कुमार उपस्थित मिलीं।

चिकित्सालय में मानक के अनुरूप साफ-सफाई नहीं मिली। मरीजों के बैठने और पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं थी। चिकित्सालय में कोई प्रतीक्षालय रूम नहीं था न ही शौचालय की व्यवस्था पाई गई। चिकित्सालय संचालन के लिए उपयुक्त दस्तावेज रजिस्टर नहीं मिला। चिकित्सालय में महिला चिकित्सा कर्मियों के पास चिकित्सालय में काम करने के लिए उपयुक्त चिकित्सकीय शैक्षिक योग्यता नहीं थी।
चिकित्सालय संचालक को जल्द से जल्द कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नोटिस दी गई।
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