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Maharajganj News: व्यापारी संवाद में जीएसटी की विशेष समाधान योजना की दी जानकारी
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महराजगंज। राज्य कर विभाग ने ईंट भट्ठा कारोबारियों को जीएसटी प्रावधानों की जानकारी देने और उनकी समस्याएं सुनने के उद्देश्य से शुक्रवार को आजाद नगर वार्ड में स्थित ईंट निर्माता समिति कार्यालय में व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने जीएसटी की विशेष समाधान योजना, कर भुगतान, रिटर्न दाखिल करने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उपायुक्त राज्य कर खंड-एक हरिशंकर प्रसाद ने बताया कि ईंट भट्ठों के लिए जीएसटी में दो कर दरें निर्धारित हैं। पहली छह प्रतिशत बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट और दूसरी 12 प्रतिशत इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ लागू है।
इस दौरान ईंट निर्माता व्यापारियों ने मनरेगा के तहत आपूर्ति की गई ईंटों का समय पर भुगतान न मिलने, बाजार में बिक्री कम होने, असमय बारिश से उत्पादन प्रभावित होने और सरकारी सड़क निर्माण कार्यों में ईंटों के अधिक उपयोग की मांग उठाई। इसके अलावा तराई क्षेत्र को देखते हुए टैक्स एवं रॉयल्टी में जीएसटी छूट, एक लाख ईंट उत्पादन के लिए कोयले की मानक मात्रा 18 टन से बढ़ाकर 20 टन करने का सुझाव दिया।
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कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों ने जीएसटी की विशेष समाधान योजना, कर भुगतान, रिटर्न दाखिल करने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उपायुक्त राज्य कर खंड-एक हरिशंकर प्रसाद ने बताया कि ईंट भट्ठों के लिए जीएसटी में दो कर दरें निर्धारित हैं। पहली छह प्रतिशत बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट और दूसरी 12 प्रतिशत इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ लागू है।
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इस दौरान ईंट निर्माता व्यापारियों ने मनरेगा के तहत आपूर्ति की गई ईंटों का समय पर भुगतान न मिलने, बाजार में बिक्री कम होने, असमय बारिश से उत्पादन प्रभावित होने और सरकारी सड़क निर्माण कार्यों में ईंटों के अधिक उपयोग की मांग उठाई। इसके अलावा तराई क्षेत्र को देखते हुए टैक्स एवं रॉयल्टी में जीएसटी छूट, एक लाख ईंट उत्पादन के लिए कोयले की मानक मात्रा 18 टन से बढ़ाकर 20 टन करने का सुझाव दिया।
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