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महाराजगंज : 15 नवंबर से विदेशी पर्यटकों के खुल जाएगी भारत-नेपाल सीमा
Wed, 20 Oct 2021 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, महाराजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, महाराजगंज
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 Oct 2021 11:27 PM IST
सार
भगवान बुद्ध के जन्मस्थान लुंबनी में बौद्ध पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद।
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Nepal news
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
17 महीने से बंद भारत-नेपाल सीमा पहले भारतीय और नेपाली नागरिकों के लिए कोविड शर्तों पर खुली, अब 15 नवंबर से विदेशी पर्यटकों के लिए खुलने की उम्मीद है। हालांकि संबंधित कार्यालय में अब तक ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।
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इन दिनों भारतीय इमिग्रेशन मार्ग से भारत से नेपाल जाने वाले विदेशी नागरिकों को ई वीजा या टूरिस्ट वीजा पर डिपार्चर दे रहा है, लेकिन विदेशी नागरिकों को नेपाल से भारत आने पर अराइवल नहीं देता था। विदेश मंत्रालय की नई गाइडलाइन से अब 15 नवंबर से विदेशी नागरिकों को नेपाल से भारत आने की अनुमति मिल सकती है। 960 थाई टेंपल सोनौली के प्रबंधक राजेश शुक्ला ने बताया कि कोविड के कारण विदेशी नागरिक नेपाल तो जा सकते थे, पर वहां से आ नहीं सकते थे। 15 नवंबर की विदेश मंत्रालय के नई गाइडलाइन से विदेशी पर्यटक भी नेपाल से भारत आ सकते हैं।
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सिद्धार्थ होटल संघ भैरहवां के अध्यक्ष सीपी श्रेष्ट ने बताया कि सबसे ज्यादा बौद्ध पर्यटक श्रीलंका, कंबोडिया, थाईलैंड आदि देशों भारत के रास्ते नेपाल लुंबनी आते थे। भारत में वे कुशीनगर, श्रावस्ती, बोधगया, सारनाथ की यात्रा के बाद लुंबनी आते थे। लुंबनी भगवान बुद्ध का जन्मस्थान है और बौद्ध पर्यटक एक बार जीवन में जरूर आता है। यदि 15 नवंबर से विदेशी नागरिकों के लिए स्थल मार्ग की सीमा खुल जाती है तो विदेशों से बहुत सारे ग्रुप स्थल मार्ग से भारत से नेपाल आएगा।
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