बढ़ गई मिट्टी के दीयों की मांग कम हुई चाइनीज के प्रति रुचि
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महराजगंज। दीपावली के चलते बाजार गुलजार हैं। चाहे मिट्टी के दीये हों या फिर सोने - चांदी की दुकान, सभी जगहों पर लोगों की भीड़ दिखाई देने लगी है। जगह-जगह बर्तन की दुकानें सज गई हैं। आभूषण, कपड़े व अन्य सामानों की दुकानें भी सज गई हैं और वहां लोगों की भीड़ दिखने लगी है। उधर, चाइनीज सामानों की मांग घटने का असर मिट्टी के दियों पर भी पड़ा है। इन्हें बनाने वालों के पास भी फुर्सत नहीं है।
दीयों की मांग बढ़ने से कुम्हारों के चक्के तेजी से घूम रहे हैं। मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ने के साथ कीमत में भी इजाफा हुआ है। दीयों की कीमत इस साल 80 रुपये प्रति सैकड़ा हो गई है। खिलौनों का बाजार भी तेजी पकड़ने लगा है।
मिट्टी के दिए बनाने में व्यस्त नरेश प्रजापति ने बताया कि चीन के सामानों के बहिष्कार से मिट्टी के दिए व अन्य सामानों के व्यापार को काफी फायदा हुआ है। वही पूजन में मिट्टी के दिए जलाना भी शुभ माना जाता है। मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ी है। उनका कहना था कि 80 रुपये प्रति सैकड़ा के हिसाब बाजार में इसकी बिक्री हो रही है।