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रात हुई तो समझो अटके, नहीं मिलेगी बस
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:44 AM IST
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रात हुई तो समझो अटके, नहीं मिलेगी बस
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिले में रोडवेज बस सेवा बदहाल है। विभाग की आय भी ठीक ठाक है, लेकिन यात्रियों के लिए सुविधाओं के नाम पर कुुछ भी उपलब्ध नहीं है। रात में जिला मुख्यालय से बस मिलना तक मुश्किल है। निचलौल डिपो की ओर से शाम को 7.30 बजे रोजवेज की बस गोरखपुर भेजे जाने का दावा किया जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह बस अक्सर मिलती ही नहीं है। जिससे लोगों को परेशानी होती है।
बताया जाता है कि निचलौल डिपो की आय प्रति माह करीब एक करोड़ से अधिक है। जिला मुख्यालय से रात के समय यात्रा करनी हो तो वहां रोडवेज की बस नहीं मिलेगी, क्योंकि बस स्टेशन से अक्सर सात बजे के बाद बस नहीं चलती है। संयोगवश अगर प्राइवेट बस व जीप मिल जाए तो मुश्किल थोड़ी आसान हो जाती है अन्यथा मुख्यालय पर रात में रुके रहना लोगों की विवशता हो जाती है। क्योंकि जिला मुख्यालय से बाहर जाने के लिए क्योंकि रोडवेज की बस दूसरे दिन सुबह मिलती है। रात में अगर मजबूरी में वहां रुकना पड़ जाए तो सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध नहीं रहते हैं। इससे खतरे की आशंका भी बनी रहती है।निचलौल डिपो की आय हर माह करीब एक करोड़ रुपये बताई जाती है लेकिन यात्रियों के लिए सुविधाओं के नाम पर सिर्फ दुश्वारियां हैं। बस स्टेशन के सामने जाम पड़ी नाली से उठने वाली दुर्गंध के कारण वहां रहने वालों तथा यात्रियों को सांस ले पाना तक मुश्किल हो जाता है। इन दिनों गोरखपुर जाने के लिए रात को ज्यादा दिक्कत होती है। कभी - कभार बस शाम सात बजे के बाद मिल जाती है लेकिन यह सुविधा नियमित रूप से नहीं मिलती है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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बताया जाता है कि निचलौल डिपो की आय प्रति माह करीब एक करोड़ से अधिक है। जिला मुख्यालय से रात के समय यात्रा करनी हो तो वहां रोडवेज की बस नहीं मिलेगी, क्योंकि बस स्टेशन से अक्सर सात बजे के बाद बस नहीं चलती है। संयोगवश अगर प्राइवेट बस व जीप मिल जाए तो मुश्किल थोड़ी आसान हो जाती है अन्यथा मुख्यालय पर रात में रुके रहना लोगों की विवशता हो जाती है। क्योंकि जिला मुख्यालय से बाहर जाने के लिए क्योंकि रोडवेज की बस दूसरे दिन सुबह मिलती है। रात में अगर मजबूरी में वहां रुकना पड़ जाए तो सुरक्षा के भी पुख्ता प्रबंध नहीं रहते हैं। इससे खतरे की आशंका भी बनी रहती है।निचलौल डिपो की आय हर माह करीब एक करोड़ रुपये बताई जाती है लेकिन यात्रियों के लिए सुविधाओं के नाम पर सिर्फ दुश्वारियां हैं। बस स्टेशन के सामने जाम पड़ी नाली से उठने वाली दुर्गंध के कारण वहां रहने वालों तथा यात्रियों को सांस ले पाना तक मुश्किल हो जाता है। इन दिनों गोरखपुर जाने के लिए रात को ज्यादा दिक्कत होती है। कभी - कभार बस शाम सात बजे के बाद मिल जाती है लेकिन यह सुविधा नियमित रूप से नहीं मिलती है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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