महराजगंज। इंस्पायर अवार्ड का दायरा बढ़ाकर 12वीं कक्षा तक करने के बाद भी आवेदकों की संख्या के मामले में जिला पीछे है। नामांकन बढ़ाने के लिए ब्लॉकवार नोडल तय होने के बाद भी यह स्थिति है। समीक्षा बैठक में डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा कि एक माह का समय बीतने के बाद भी सिर्फ 200 आवेदन ही हो सके हैं। यह स्थिति शर्मनाक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सप्ताह बाद दोबारा समीक्षा होगी अगर आवेदन नहीं बढ़े तो निर्धारित नोडल शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीआईओएस की अध्यक्षता में इंस्पायर अवार्ड, छात्रवृत्ति आवेदन का प्रेषण और ''एक पेड़ मां के नाम'' योजना की समीक्षा बैठक बुधवार को कार्यालय सभागार में की गई। इस दौरान अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय पांडेय व समाज कल्याण अधिकारी विपिन यादव उपस्थित रहे। समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि सभी स्कूलों को पहले ही पत्र जारी कर यह चेतावनी दी गई है कि 31 अगस्त तक जितने विद्यार्थियों का आवेदन पत्र उपलब्ध कराएंगे उतने ही बच्चों की छात्रवृत्ति दो अक्टूबर तक जारी हो सकेगी। इसके बाद ही अब तक माध्यमिक स्कूलों से सिर्फ 6,000 आवेदन ही मिले हैं। डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि अभी लगभग तीन दिन का समय है। युद्ध स्तर पर लगकर 31 तक अधिकाधिक पात्रों का आवेदन समाज कल्याण अधिकारी को भेजना सुनिश्चित करें। डीएमओ ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना के बारे में जानकारी दी। बैठक में अनामिका पांडेय, अनमोल यादव, सुरेंद्र चौधरी, किरण मौर्य, रामजी प्रसाद, डॉ. सुजीत, नरेंद्र, श्याम बहादुर, धनंजय व अन्य मौजूद रहे।