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रजिस्ट्रेशन के बिना घर में बोरिंग कराई तो पांच लाख तक जुर्माना
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रजिस्ट्रेशन के बिना घर में बोरिंग कराई तो पांच लाख तक जुर्माना
महराजगंज। भूमि के अंदर से पानी निकालने से पूर्व अब प्रत्येक व्यक्ति अथवा संस्था को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। घरेलू व कृषि कार्य के लिए पानी निकालने वालों पर जहां शुल्क नहीं लगेगा, वहीं वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक व सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ता को पंजीकरण के लिए शुल्क जमा करना होगा। बिना पंजीकरण पानी निकालने व जांच में यह तथ्य सामने आने पर दो से पांच लाख तक जुर्माना व सजा का प्रावधान है।
भू-गर्भ जल को व्यवस्थित तरीके से प्राप्त करने के दृष्टिगत शासन व प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाई गई है। ऐसे में हैंडपंप, कुंआ व अन्य प्रकार की बोरिंग कर भूमि के अंदर से पानी निकालने के लिए अब सभी को www.upgwdonline.in पर पंजीकरण कराना होगा। घरेलू व्यक्ति व किसान को पंजीकरण कराने व अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए जहां कोई शुल्क नहीं देना होगा, वहीं अन्य को पंजीकरण के लिए पांच हजार तथा अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए भी पांच हजार रुपये की धनराशि जमा करनी होगी। अनापत्ति प्रमाणपत्र तीन वर्ष तक के लिए वैध होगा।
ब्लॉक व निकाय में गठित होगी समिति
भूमि से पानी निकालने के लिए ब्लॉक व निकाय में भूगर्भ जल समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें विभिन्न विभागों के जिम्मेदार होंगे। वे आवेदन की स्थिति को देखते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य करेंगे।
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पंजीकरण के दायरे में ये सब
पंजीकरण कराए जाने के दायरे में आमजन, किसान के साथ ही व्यावसायिक संस्थान, होटल, अस्पताल, आरओ प्लांट, स्वीमिंग पुल, स्कूल आदि सब हैं।
अब तक महज पांच ने प्राप्त की है एनओसी
सहायक अभियंता लघु सिंचाई गरिमा द्विवेदी ने बताया कि जिले में अभी तक पांच को ही अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया है। आईपीएल चीनी मिल ने तीन, सदर के तरकुलवा में आरओ प्लांट के एक तथा नौतनवां में भी एक प्रतिष्ठान की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया है।
भूमि के अंदर से अनावश्यक रुप से निकाले जाने वाले पानी से संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से पंजीकरण व अनापत्ति प्रमाणपत्र की व्यवस्था बनी है। अनिवार्य रुप से जिले में इस व्यवस्था का पालन कराया जाएगा।
-गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य विकास अधिकारी
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महराजगंज। भूमि के अंदर से पानी निकालने से पूर्व अब प्रत्येक व्यक्ति अथवा संस्था को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। घरेलू व कृषि कार्य के लिए पानी निकालने वालों पर जहां शुल्क नहीं लगेगा, वहीं वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक व सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ता को पंजीकरण के लिए शुल्क जमा करना होगा। बिना पंजीकरण पानी निकालने व जांच में यह तथ्य सामने आने पर दो से पांच लाख तक जुर्माना व सजा का प्रावधान है।
भू-गर्भ जल को व्यवस्थित तरीके से प्राप्त करने के दृष्टिगत शासन व प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाई गई है। ऐसे में हैंडपंप, कुंआ व अन्य प्रकार की बोरिंग कर भूमि के अंदर से पानी निकालने के लिए अब सभी को www.upgwdonline.in पर पंजीकरण कराना होगा। घरेलू व्यक्ति व किसान को पंजीकरण कराने व अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए जहां कोई शुल्क नहीं देना होगा, वहीं अन्य को पंजीकरण के लिए पांच हजार तथा अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए भी पांच हजार रुपये की धनराशि जमा करनी होगी। अनापत्ति प्रमाणपत्र तीन वर्ष तक के लिए वैध होगा।
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ब्लॉक व निकाय में गठित होगी समिति
भूमि से पानी निकालने के लिए ब्लॉक व निकाय में भूगर्भ जल समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें विभिन्न विभागों के जिम्मेदार होंगे। वे आवेदन की स्थिति को देखते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कार्य करेंगे।
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पंजीकरण के दायरे में ये सब
पंजीकरण कराए जाने के दायरे में आमजन, किसान के साथ ही व्यावसायिक संस्थान, होटल, अस्पताल, आरओ प्लांट, स्वीमिंग पुल, स्कूल आदि सब हैं।
अब तक महज पांच ने प्राप्त की है एनओसी
सहायक अभियंता लघु सिंचाई गरिमा द्विवेदी ने बताया कि जिले में अभी तक पांच को ही अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया है। आईपीएल चीनी मिल ने तीन, सदर के तरकुलवा में आरओ प्लांट के एक तथा नौतनवां में भी एक प्रतिष्ठान की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया है।
भूमि के अंदर से अनावश्यक रुप से निकाले जाने वाले पानी से संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से पंजीकरण व अनापत्ति प्रमाणपत्र की व्यवस्था बनी है। अनिवार्य रुप से जिले में इस व्यवस्था का पालन कराया जाएगा।
-गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य विकास अधिकारी