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Maharajganj News: एआई की मदद से कर रहे टीबी रोगियों को चिह्नित
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महराजगंज। क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में महराजगंज जिला लगातार तकनीकी नवाचारों को अपना रहा है। अब संभावित टीबी रोगियों की पहचान और उनकी त्वरित जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग एक्स रे परीक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद ले रहा है। इससे न केवल जांच प्रक्रिया में तेजी आई है बल्कि संदिग्ध मामलों की सटीक पहचान भी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीबी की रोकथाम और मरीजों की समय पर पहचान के लिए जिले भर में 30 केंद्रों पर जांच और दवा वितरण की सुविधा उपलब्ध है। फिलहाल जिले में लगभग 4,800 मरीज पंजीकृत हैं। इनकी नियमित जांच, दवा उपलब्धता और फॉलोअप की प्रक्रिया निरंतर जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि नई व्यवस्था में एआई आधारित एक्स रे विश्लेषण को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। एआई तकनीक की मदद से टीबी के संभावित मरीजों की पहचान करने का तरीका बेहद सरल और प्रभावी है।
मरीज के छाती का एक्स रे डिजिटल रूप से एआई एप्लिकेशन में अपलोड किया जाता है। कुछ ही मिनटों में एप्लिकेशन लगभग 100 एक्स रे में से संदिग्ध मरीजों की पहचान कर लेता है। एआई द्वारा चिह्नित एक्स रे को चिकित्सकों को भेजा जाता है।
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विशेषज्ञ दोबारा जांच कर पुष्टि करते हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिए केवल मरीज की पहचान काफी नहीं है बल्कि उसके परिवार और नजदीकी संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जांच अत्यंत जरूरी है। इसी उद्देश्य से हर चिह्नित मरीज के परिजनों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीबी की रोकथाम और मरीजों की समय पर पहचान के लिए जिले भर में 30 केंद्रों पर जांच और दवा वितरण की सुविधा उपलब्ध है। फिलहाल जिले में लगभग 4,800 मरीज पंजीकृत हैं। इनकी नियमित जांच, दवा उपलब्धता और फॉलोअप की प्रक्रिया निरंतर जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि नई व्यवस्था में एआई आधारित एक्स रे विश्लेषण को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। एआई तकनीक की मदद से टीबी के संभावित मरीजों की पहचान करने का तरीका बेहद सरल और प्रभावी है।
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मरीज के छाती का एक्स रे डिजिटल रूप से एआई एप्लिकेशन में अपलोड किया जाता है। कुछ ही मिनटों में एप्लिकेशन लगभग 100 एक्स रे में से संदिग्ध मरीजों की पहचान कर लेता है। एआई द्वारा चिह्नित एक्स रे को चिकित्सकों को भेजा जाता है।
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विशेषज्ञ दोबारा जांच कर पुष्टि करते हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि टीबी उन्मूलन के लिए केवल मरीज की पहचान काफी नहीं है बल्कि उसके परिवार और नजदीकी संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जांच अत्यंत जरूरी है। इसी उद्देश्य से हर चिह्नित मरीज के परिजनों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जा रही है।