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Maharajganj News: झोपड़ी कॉटेज... वनवासियों की जान सकेंगे दिनचर्या, शाकाहारी-मांसाहारी भोजन का उठा सकेंगे लुत्फ

Sat, 25 May 2024 04:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Sat, 25 May 2024 04:23 AM IST
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Hut Cottage... Will be able to know the daily routine of forest dwellers
ग्रामीणों की मदद से तैयार समूह की महिलाएं तैयारी में जुटीं, 100 रुपये में 24 घंटे के लिए होगा उपलब्ध
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सदर के दो ग्राम पंचायतों में जून में होगा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अगर आपकी रुचि वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों की दिनचर्या जानने की है। आप वनवासियों की तरह शाकाहारी अथवा मांसाहारी भोजन का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो जुलाई से आपकी इच्छा महराजगंज के सदर ब्लॉक में पूरी हो सकेगी। आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं इसकी तैयारी कर रही हैं। 100 रुपये में 24 घंटे के लिए वन क्षेत्र में बाहरी लोगों को एक झोपड़ी नुमा काॅटेज रहने के लिए दिया जाएगा। साथ ही उन्हें वन क्षेत्र के लोगों की दिनचर्या भी गाइड की तरह समूह की महिलाएं दिखाएंगी। एडीओ आईएसबी नागेंद्र पांडेय की ओर से सहमति मिलने के बाद महिलाएं इस उपक्रम के लिए जून से कार्य प्रारंभ कर देंगी।
जनवरी में बलिया जिले से स्थानांतरित होकर सदर ब्लाॅक की जिम्मेदारी देख रहे बीडीओ एडीओ आईएसबी व समूह मैनेजर राहुल की मदद से आजीविका समूह की महिलाओं को आगे बढ़ने का रास्ता सुझा रहे हैं। वन ग्राम बांसपार बैजौली की कुंती व बड़हरा रानीपुर में सीरमती जो समूह अध्यक्ष भी हैं। अपने समूह के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने जा रही हैं। दोनों गांव जिनकी आबादी लगभग 3257 के आसपास है वहां 10-10 झोपड़ीनुमा काॅटेज किराए पर देने के लिए तैयार होंगे।
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निर्माण स्थानीय निवासियों के साथ उन्हीं की भूमि पर वहां कराया जाएगा, जहां आसपास सामुदायिक शौचालय व हैंडपंप की व्यवस्था रहे। घूमने अथवा जानकारी लेने वालों को यह 100 रुपये में 24 घंटे के लिए प्रति व्यक्ति के हिसाब से ठहरने के लिए काॅटेज देंगी। उन्हें वनवासियों की दिनचर्या, रीति रिवाज व खानपान को भी दिखाकर विवरण देंगी। शाकाहारी को साग- भाजी, चूल्हे की रोटी तो मांसाहारियों को बंबू चिकन, नार्मल हांडी चिकन भी शुल्क लेकर परोसेंगी। ब्लाॅक से कार्ययोजना पर सहमति मिलने के बाद खानपान, गाइड के लिए समूह में निर्धारण शुरू हो गया है।
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आधुनिक परिवेश में वनवासियों की दिनचर्या, खान-पान के विषय पर शोधार्धी, लेखक, विद्यार्थियों की उत्सुकता को देखते हुए कार्ययोजना पर सहमति व्यक्त की गई है। खर्च समूह अपने जोड़े गए पैसों से करेगा, इसके एवज में शुल्क लेगा। इसमें 23 महिलाएं जुड़ी हैं।
-अतुल सिंह, बीडीओ, सदर
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