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Maharajganj News: जगी उम्मीद...ईको टूरिज्म के रूप में विकसित होगा दर्जिनिया ताल
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सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग का दर्जिनिया ताल।
बीते माह डीएम ने ईको टूरिज्म की संभावना वाले क्षेत्रों का जायजा लेकर वन विभाग को डीपीआर तैयार करने के दिए थे निर्देश
सोहगीबरवां दर्जिनिया ताल को ईको टूरिज्म व पथलहवा को बटरफ्लाई जोन के रूप में विकसित करने का तैयार होगा प्रस्ताव
महराजगंज। नए वित्तीय सत्र में जनपद में पर्यटन क्षेत्र में विकास को पंख लगने की उम्मीद है। डीएम के निर्देशन में सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग की तरफ से ईको टूरिज्म व बटरफ्लाई पार्क स्थापना के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। डीएफओ के मुताबिक अगले माह में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग का जनपद के लगभग 452 किमी परिधि में विस्तार है।
सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग की सीमाएं बिहार बाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व व नेपाल के चितवन नेशनल पार्क से जुड़ती हैं। एक तरह से नेचरल कॉ़रिडोर का दर्जा सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग का है। अब यहां ईको टूरिज्म की संभावनाओं के विकास को पंख लगने की उम्मीद बढ़ी है। बीते माह डीएम संतोष कुमार शर्मा ने प्रभाग के ईको टूरिज्म की संभावना वाले क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद वन विभाग को इसके लिए निर्देश दिया है। इसके बाद दर्जिनिया को ईको टूरिज्म तो पथलहवा को बटरफ्लाई जोन के रूप में विकसित करने का डीपीआर वन विभाग तैयार कराने में जुटकर संभावनाओं को मजबूत कर रहा है। बीते दिनों डीएफओ ने यूपी ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के अधिकारियों संग प्रभाग के उक्त क्षेत्रों का भ्रमण कर निर्देशित बिंदुओं को समाहित कर डीपीआर बनवाने की कवायद तेज की है।
दर्जिनिया ताल है मगरमच्छों का स्वछंद विचरण आशियाना
राजकीय कॉलेज बलवान राजा के जंतु विज्ञान प्रवक्ता शमशाद अहमद ने बताया कि सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत निचलौल रेंज का दर्जिनिया ताल मगरमच्छों को स्वछंद विचरण की सहूलियत देता है। यहां 200 से अधिक मगरमच्छ व उनका कुनबा सर्दियों में उथली भूमि पर धूप सेंकते अक्सर दिख जाते हैं। ईको टूरिज्म के रूप में यहां पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं क्योंकि सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का झुंड यहां भोजन व प्रजनन के लिए डेरा डालता है। मार्च तक प्रवासी पक्षी इसी क्षेत्र में प्रवास करते हैं।
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विलुप्त प्राय श्रेणी की तितलियों को पसंद है आबोहवा
महराजगंज डायट में जंतु विज्ञान प्रवक्ता संजय कुमार के अनुसार सोहगीबरवां दर्जिनिया ताल के निकट ही पथलहवा बीट का चयन बटर फ्लाई जोन के रूप में विकसित करने का डीपीआर विभाग तैयार कर रहा है। पथलहवा दर्जिनिया ताल व वन सघनता क्षेत्र के मध्य लगभग 3 हेक्टेयर का भूभाग है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तितलियों के भ्रमण के लिए उम्दा स्थान है। यहां पीकॉक पेंजी, स्ट्राइप टाइगर, प्लेन टाइ, कॉमन इमीग्रेंट, लाइम, कॉमन क्रो, एगलाई, द ग्रेट एग लाई, ब्लू पेंजी, लेमन पेंजी, कॉमन केस्टर, कॉमन ग्राक यलो, कॉमन जैसी तितलियों की सतरंगी दुनिया पर्यटकों को खींचती है।
2019 में बॉर्डर एरिया डवलपमेंट के तहत गया था प्रस्ताव
ईको टूरिज्म की संभावना को देखते हुए 2019 में सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग की तरफ से ईको टूरिज्म व बटरफ्लाई पार्क का लगभग दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था लेकिन किन्हीं कारणों से इसे स्वीकृति नहीं मिली। अब डीएम के रुचि लेने से उम्मीद है कि नए वित्तीय सत्र में जाने वाले नए प्रस्ताव को हरी झंडी मिलेगी क्योंकि प्रस्ताव का अनुमोदन यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड भी करेगा।
वर्जन
जिलाधिकारी के निर्देश पर यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड के सदस्यों के निर्देशन में डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। दर्जिनिया ताल को ईको टूरिज्म व पथलहवा को बटरफ्लाई जोन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव अगले माह शासन को भेजा जाएगा।
-निरंजन सुर्वे, डीएफओ, सोहगीबरवां वन्य जीव अभयारण्य
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सोहगीबरवां दर्जिनिया ताल को ईको टूरिज्म व पथलहवा को बटरफ्लाई जोन के रूप में विकसित करने का तैयार होगा प्रस्ताव
महराजगंज। नए वित्तीय सत्र में जनपद में पर्यटन क्षेत्र में विकास को पंख लगने की उम्मीद है। डीएम के निर्देशन में सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग की तरफ से ईको टूरिज्म व बटरफ्लाई पार्क स्थापना के लिए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। डीएफओ के मुताबिक अगले माह में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया जाएगा। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग का जनपद के लगभग 452 किमी परिधि में विस्तार है।
सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग की सीमाएं बिहार बाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व व नेपाल के चितवन नेशनल पार्क से जुड़ती हैं। एक तरह से नेचरल कॉ़रिडोर का दर्जा सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग का है। अब यहां ईको टूरिज्म की संभावनाओं के विकास को पंख लगने की उम्मीद बढ़ी है। बीते माह डीएम संतोष कुमार शर्मा ने प्रभाग के ईको टूरिज्म की संभावना वाले क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद वन विभाग को इसके लिए निर्देश दिया है। इसके बाद दर्जिनिया को ईको टूरिज्म तो पथलहवा को बटरफ्लाई जोन के रूप में विकसित करने का डीपीआर वन विभाग तैयार कराने में जुटकर संभावनाओं को मजबूत कर रहा है। बीते दिनों डीएफओ ने यूपी ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के अधिकारियों संग प्रभाग के उक्त क्षेत्रों का भ्रमण कर निर्देशित बिंदुओं को समाहित कर डीपीआर बनवाने की कवायद तेज की है।
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दर्जिनिया ताल है मगरमच्छों का स्वछंद विचरण आशियाना
राजकीय कॉलेज बलवान राजा के जंतु विज्ञान प्रवक्ता शमशाद अहमद ने बताया कि सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत निचलौल रेंज का दर्जिनिया ताल मगरमच्छों को स्वछंद विचरण की सहूलियत देता है। यहां 200 से अधिक मगरमच्छ व उनका कुनबा सर्दियों में उथली भूमि पर धूप सेंकते अक्सर दिख जाते हैं। ईको टूरिज्म के रूप में यहां पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं क्योंकि सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का झुंड यहां भोजन व प्रजनन के लिए डेरा डालता है। मार्च तक प्रवासी पक्षी इसी क्षेत्र में प्रवास करते हैं।
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विलुप्त प्राय श्रेणी की तितलियों को पसंद है आबोहवा
महराजगंज डायट में जंतु विज्ञान प्रवक्ता संजय कुमार के अनुसार सोहगीबरवां दर्जिनिया ताल के निकट ही पथलहवा बीट का चयन बटर फ्लाई जोन के रूप में विकसित करने का डीपीआर विभाग तैयार कर रहा है। पथलहवा दर्जिनिया ताल व वन सघनता क्षेत्र के मध्य लगभग 3 हेक्टेयर का भूभाग है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तितलियों के भ्रमण के लिए उम्दा स्थान है। यहां पीकॉक पेंजी, स्ट्राइप टाइगर, प्लेन टाइ, कॉमन इमीग्रेंट, लाइम, कॉमन क्रो, एगलाई, द ग्रेट एग लाई, ब्लू पेंजी, लेमन पेंजी, कॉमन केस्टर, कॉमन ग्राक यलो, कॉमन जैसी तितलियों की सतरंगी दुनिया पर्यटकों को खींचती है।
2019 में बॉर्डर एरिया डवलपमेंट के तहत गया था प्रस्ताव
ईको टूरिज्म की संभावना को देखते हुए 2019 में सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग की तरफ से ईको टूरिज्म व बटरफ्लाई पार्क का लगभग दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था लेकिन किन्हीं कारणों से इसे स्वीकृति नहीं मिली। अब डीएम के रुचि लेने से उम्मीद है कि नए वित्तीय सत्र में जाने वाले नए प्रस्ताव को हरी झंडी मिलेगी क्योंकि प्रस्ताव का अनुमोदन यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड भी करेगा।
वर्जन
जिलाधिकारी के निर्देश पर यूपी ईको टूरिज्म बोर्ड के सदस्यों के निर्देशन में डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। दर्जिनिया ताल को ईको टूरिज्म व पथलहवा को बटरफ्लाई जोन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव अगले माह शासन को भेजा जाएगा।
-निरंजन सुर्वे, डीएफओ, सोहगीबरवां वन्य जीव अभयारण्य