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Maharajganj News: व्हीलचेयर नहीं मिली तो गोद में बच्चें को उठाकर पहुंचा दवा काउंटर पर
Fri, 21 Apr 2023 05:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज।
Updated Fri, 21 Apr 2023 05:30 PM IST
सार
एमडी आयुर्वेद डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि सही खाद्य पदार्थों का चयन करें अनाज, मौसमी फल, हरी सब्जियां, बीन्स, दूध और शुद्ध घी कच्ची घनी के सरसों का तेल के साथ-साथ फाइबर एवं प्रोटीन युक्त खाना खाएं। अच्छी एवं संतुलित मात्रा में फाइबर आपके लीवर को अच्छे स्तर पर काम करने में मदद करता है। फल, सब्जियां, सत्तू, मोटे अनाज की रोटी, आपके शरीर की फाइबर की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।
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जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर आयुब को गोद में लेकर खड़ा पिता हैदर।संवाद
विस्तार
महराजगंज जिला अस्पताल में गर्मी से बेहाल मरीजों को इलाज कराने में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। बृहस्पतिवार को ऐसा ही एक मामल अस्पताल में देखने को मिला, जब एक तीमारदार को व्हीलचेयर नहीं मिली तो गोद में बच्चे को लेकर पिता दवा काउंटर की ओर चल पड़ा। वहीं इमरजेंसी वार्ड में मरीज के पास कूडे़दान में भरा कूड़ा बदबू दे रहा था, लेकिन इसे हटाने की फुर्सत किसी को नहीं थी। इमरजेंसी वार्ड में बेड पर मरीज भरे हैं। तीमारदार फर्श पर बैठकर वक्त गुजारते हुए दिखे।
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बृहस्पतिवार को दोपहर में 12 बज रहे थे। जिला अस्पताल की ओपीडी में राजमंदिर गांव के हैदर अली दिखे। उनके बेटे अय्यूब अली के पैर में पट्टी बंधी थी। वह रो रहा था। इलाज के बाद पैर दर्द कर रहा था। पैर में शीशा धंसने के बाद हैदर डॉक्टर से इलाज कराने लाए थे।
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गर्मी से बेहाल हैदर अली ने बताया कि व्हीलचेयर नहीं दिखी तो बेटे को गोद में लेकर दवा काउंटर पर चला आया हूंं। दवा लेकर चला जाऊंगा। किसी तरह से दवा हो गई, वही बहुत है। काउंटर पर ज्यादा भीड़ नहीं थी, इस वजह से जल्दी दवा लेकर चले गए।
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सबसे बुरा हाल इमरजेंसी का रहा, यहां 18 बेड की इमरजेंसी में 25 मरीज भर्ती मिले। 20 मरीज उल्टी, डायरिया से पीड़ित रहे। इनके परिजन फर्श पर बैठे थे। गर्मी के कारण वार्ड में बदबू आ रही थी। इमरजेंसी में एक किनारे मरीज के पास कूड़ेदान मिला, उसे हटाया नहीं गया था। उसमें भरा कूड़ा बदबू दे रहा था। पास से गुजर रहे धीरेंद्र ने बताया कि भैया तो आम बात है, हर रोज यहां ऐसे ही दिखता है। उन्होंने बताया कि बीते तीन दिन से अस्पताल में भर्ती एक रिश्तेदार को देखने आता हूं। कहीं न कहीं कूड़ा जरूर दिख जाता है। बदबू के बीच किसी से मरीज विवश होकर इलाज कराते हैं।
अस्पताल में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। अगर कहीं गड़बड़ी है तो संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गर्मी के वजह से मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सभी डॉक्टर बेहतर ढंग से इलाज करने में जुटे हैं। अस्पताल में व्हीलचेयर उपलब्ध है। मरीजों को इसका प्रयोग करने के लिए जागरूक भी किया जाता है। -डॉ. एपी भार्गव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक।
फलों और सब्जियों को करें आहार में शामिल
एमडी आयुर्वेद डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि सही खाद्य पदार्थों का चयन करें अनाज, मौसमी फल, हरी सब्जियां, बीन्स, दूध और शुद्ध घी कच्ची घनी के सरसों का तेल के साथ-साथ फाइबर एवं प्रोटीन युक्त खाना खाएं। अच्छी एवं संतुलित मात्रा में फाइबर आपके लीवर को अच्छे स्तर पर काम करने में मदद करता है। फल, सब्जियां, सत्तू, मोटे अनाज की रोटी, आपके शरीर की फाइबर की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। हल्दी में एंटी- इंफ्लेमेटरी के अलावा एंटी ऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं जो लिवर सेल्स को डैमेज होने से बचाने में काफी मदद करती है। करेला, लौकी, साबुत अनाज, दही, मट्ठा, आंवला, नारियल पानी साथ साथ हर दो घंटे पर सामान्य जल पीने से लिवर ही नहीं अपितु पूरा शरीर स्वस्थ रखा जा सकता है। नियमित समय एवं संतुलित अहार विहार अर्थात व्यायाम योगासन आदि से लिवर को हमेशा स्वस्थ रख सकते हैं। मदिरा, तंबाकू या अन्य किसी भी प्रकार का नशा लिवर को नुकसान पहुंचाता है।
गर्मी से बचाव के लिए सतर्कता बेहद जरूरी
मिठौरा। अत्यधिक गर्मी (हीट स्ट्रोक) एक ऐसी स्थिति है, जब आपके शरीर का तापमान अत्यधिक गर्मी, धूप, आग आदि के संपर्क में आने के कारण 40 डिग्री सेंटीग्रेड के ऊपर पहुंच जाता है। पूरे शरीर को ढकने वाले वस्त्र पहने, सिर पर टोपी या गमछा बाधे, खूब पानी पिए, बेल, दही आदि का शरबत पिएं। घर पर नींबू, पानी, नमक, चीनी का घोल बनाकर पीए।
यह जानकारी डॉ. प्रदीप कुमार मौर्य ने दी। उन्होंने बताया कि सनबर्न से बचने के लिए छतरी, टोपी, गीला तौलिया और ठंडा पानी साथ लेकर निकलें। खानपान में साफ-सफाई का बहुत ध्यान रखें। बाहर का तला-भुना और खुले में बनाया जा रहा कोई भी खाद्य पदार्थ खाने से बचें। इस मौसम में दूषित खाने या पानी से बीमारी होने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है। बच्चों को भी इन बातों की जानकारी दें और उन्हें कुछ भी खाने से पहले हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।