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हादसों का सबब बन सकता है हाईटेंशन तारों का जाल

Sat, 11 Aug 2018 12:43 AM IST
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो) Updated Sat, 11 Aug 2018 12:43 AM IST
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Hats can become a haven
हादसों का सबब बन सकता है हाईटेंशन तारों का जाल - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। शहर के कई जगहों पर बिना जाली के जर्जर हाईटेंशन तारों का जाल फैला हुआ है। साथ ही खुले में रखे ट्रांसफार्मर घरों व दुकानों से सटे बिजली के खंभे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। कई स्थानों पर तो ट्रांसफार्मर दुकानों के पास रख दिए गए हैं। ऐसे में बरसात के समय में कभी भी फाल्ट होने से हादसा हो सकता है। विद्युत निगम की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
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 विद्युत निगम की ओर से शहर के घरों, प्रतिष्ठानों आदि को रोशन करने के लिए जगह-जगह हाईटेंशन लाइन के तारों का जला बिछा दिया गया है। वहीं 100 केवीए 250 केवीए और 400 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर भी गलियों व मुख्य सड़कों के किनारे रखे गए हैं। आसपास लगे केबल के कारण हमेशा खतरा बना रहा है। ट्रांसफार्मर भी खुले रखे गए हैं। इससे आसपास चरने वाले पशुओं के साथ हादसे की आशंका बनी रहती है। ट्रांसफार्मर जलने से निकलने वाली चिंगारी से लोग सहम जाते हैं। शहर से सटे ही नगर के सक्सेना चौराहे पर भी कुछ ऐसी घटनाएं सुनने में आई हैं। श्याम मंदिर के सामने ट्रांसफार्मर लगे है। इसके सटे ही कुछ ही दूरी पर स्थित दुकानों के आसपास तमाम लोग खडे़ होते हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में एसडीएम कार्यालय के बगल में ही खुले में ट्रांसफार्मर रखा गया है। यहां आसपास दुकानों पर तमाम लोगों आनाजाना लगा रहता है। इसके बावजूद विद्युत निगम के अधिकारी इस समस्या के निराकरण के प्रति गंभीर नहीं हैं।  दवा विक्रेता समिति के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी कहते हैं कि दुकान के सामने पोल पर तार उलझे हुए हैं। हर रोज स्पार्किंग से फाल्ट होते रहते हैं। साथ ही दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बाद भी समस्या के निराकरण के प्रति अधिकारी बेपरवाह बने हुए हैं। शिक्षक अखिलेश पाठक ने बताया कि शहर में उलझे हुए तारों के प्रति विद्युत निगम गंभीर नहीं है। कई घरों में तो 300 मीटर की दूरी तक तार बांस व बल्ली के सहारे घरों तक पहुंचाए गए हैं। बरसात में समय में दुर्घटना की आशंका ज्यादा रहती है। लोगों ने कई बार इसकी शिकायत निगम के अफसरों से की है।अधिशासी अभियंता हरिशंकर ने बताया कि शहर में जरूरत के मुताबिक पोल लगाने का काम चल रहा है। इससे बास व बल्ली के जरिए केबिल ले जाने की समस्या दूर हो जाएगी। 
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