{"_id":"6a88b37d1aeb1a08b4028f41","slug":"har-ghar-jal-scheme-in-dire-straits-drinking-water-has-reached-only-60-villages-in-six-years-maharajganj-news-c-206-1-go11002-183671-2026-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: हर घर जल योजना का बुरा हाल, छह वर्ष में मात्र 60 गांवों तक पहुंचा पेयजल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: हर घर जल योजना का बुरा हाल, छह वर्ष में मात्र 60 गांवों तक पहुंचा पेयजल
विज्ञापन
2020 में स्वीकृत 720 परियोजनाएं दिसंबर 2025 तक होनी थीं पूरी
18 अगस्त 2026 तक मात्र 60 ग्राम पंचायतों में हो रही है जलापूर्ति
टैंक बने शो पीस, पाइप बिछाने के लिए खुदी पड़ी है सड़क
महराजगंज। जिले में हर घर नल योजना का बुरा हाल है। ग्रामीण क्षेत्रों तक पाइप लाइन से पेयजल पहुंचाने के लिए 2020 में 1500 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई थी। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी अभी तक महज 882 ग्राम पंचायतों में से महज 60 में जलापूर्ति शुरू हो सकी है। शेष ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अभी भी पेयजल का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों तक पाइप लाइन से पेयजल पहुंचाने के लिए 2020 में 1500 करोड़ रुपये की 720 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं। परियोजनाओं के जरिये कुल 882 ग्राम पंचायतों तक पानी पहुंचाना था। इस कार्य के लिए दिसंबर 2025 तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी। समय सीमा बीतने के आठ माह बाद भी 18 अगस्त 2026 की विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक मात्र 60 ग्राम पंचायतों में ही जलापूर्ति शुरू की जा सकी है।
शेष 822 ग्राम पंचायतों में परियोजना आधी अधूरी पड़ी है। किसी ग्राम पंचायत में वाटर टैंक शो पीस बनकर खड़ा है तो किसी गांव की पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क खोद कर छोड़ दी गई है। इन सड़कों की वजह से ग्रामीणों को काफी पेरशानी हो रही है। ऐसे में हर घर जल योजना से जुड़े जिम्मेदारों की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
जनपद में कुल 882 ग्राम पंचायतों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए शासन की तरफ से 2020 में 1500 करोड़ रुपये की कुल 720 परियोजना स्वीकृत दी गई थी। योजना की निगरानी व कार्य आवंटन का जिम्मा जल निगम को सौंपा गया था। इनकी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर भुगतान की व्यवस्था लागू की गई। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी विभाग तय लक्ष्य का 10 फीसदी भी हासिल नहीं कर पाया है।
हालांकि शासन ने विशेष समीक्षा के उपरांत परियोजना पूरा करने के लिए समय सीमा दिसम्बर 2028 तक जरूर कर दिया है लेकिन परियोजनाओं की रफ्तार देखकर उक्त समय सीमा तक भी परियोजना पूरी हो सकेगी इसको लेकर ग्रामीणों में शंका है।
प्रत्येक परियोजना के तहत यह कार्य होने थे
2020 में जनपद के लिए स्वीकृत 720 परियोजनाओं में से प्रत्येक के तहत वाटर टैंक, अंडर ग्राउंड पाइपलाइन व टोंटी लगाया जाना था। इनमें एक लाख लीटर का वाटर टैंक, अंडरग्राउंड पाइपलाइन आबादी क्षेत्र (ग्राम पंचायतों में) पंपघर मोटर बाउंड्री व 75 फीसदी सार्वजनिक उपयोग वाले स्थान पर टोंटी लगाया जाना था।
केस एक
सदर के भिसवां व हरखपुरा दोनों ग्राम पंचायतों में योजना के तहत टैंक, पाइपलाइन, पंप घर सहित अन्य सभी कार्य पूर्ण हुए लगभग तीन माह पूरे हो चुके हैं। लेकिन न तो सार्वजनिक स्थानों पर टोंटी लगाई गई और न ही ग्रामीणों को कनेक्शन ही दिया गया। पूरी व्यवस्था मुकम्मल होने के बाद भी दोनों गांव के लोग साधारण हैंडपंप का पानी पी रहे हैं।
केस दो
ग्राम पंचायत बरवां विद्यापति में वाटर टैंक, पंपघर व मोटर इत्यादि स्थापित कराने से पहले गांव की सड़कों को खोदकर पाइपलाइन ही बिछाई गई। अब वाटर टैंक बना है लेकिन मोटर घर कब बनेगा और कनेक्शन कब मिलेगा इस बारे में कोई अपडेट नहीं। यहां के ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से अभी जूझना पड़ रहा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
स्पीक अप-
हमारे गांव में काफी दिन पहले पाइपलाइन बिछाकर बिना सड़क दुरुस्त कराए ही छोड़ दिया गया है। पक्की सड़क तो गांव के प्रधान ने रोड़ा भरवाकर दुरुस्त करा दिया लेकिन कच्चा मार्ग बारिश में कीचड़ युक्त हो जाता है।
-आलिया निशा, सिसवां राजा, महराजगंज।
-- -- -- -- -- -
गांव में पहले टैंक व पंप घर बनाने की जगह परियोजना पाने वाली फर्म ने पहले पाइपलाइन ही बिछवा दिया। ग्रामीणों ने जब आवाज उठाई तो वाटर टैंक बना लेकिन पंप घर कब तक बनेगा और कब आपूर्ति शुरू होगी किसी को नहीं पता।
-डॉ. आनंद गुप्ता, बरवां विद्यापति, महराजगंज।
वर्जन
जनपद की 60 ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। परियोजना पारदर्शी तरीके से पूरी हो इसके लिए विभागीय सत्यापन के बाद भुगतान की व्यवस्था लागू है। 300 पंचायतों में 90 फीसदी, 120 में 75 फीसदी कार्य 18 अगस्त 2026 तक पूर्ण किए जाने की रिपोर्ट है। दिसम्बर 2028 तक हर हाल में परियोजना पूर्ण करानी है।
-आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता जल निगम, महराजगंज।
विज्ञापन
18 अगस्त 2026 तक मात्र 60 ग्राम पंचायतों में हो रही है जलापूर्ति
टैंक बने शो पीस, पाइप बिछाने के लिए खुदी पड़ी है सड़क
महराजगंज। जिले में हर घर नल योजना का बुरा हाल है। ग्रामीण क्षेत्रों तक पाइप लाइन से पेयजल पहुंचाने के लिए 2020 में 1500 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत हुई थी। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी अभी तक महज 882 ग्राम पंचायतों में से महज 60 में जलापूर्ति शुरू हो सकी है। शेष ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अभी भी पेयजल का इंतजार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों तक पाइप लाइन से पेयजल पहुंचाने के लिए 2020 में 1500 करोड़ रुपये की 720 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं। परियोजनाओं के जरिये कुल 882 ग्राम पंचायतों तक पानी पहुंचाना था। इस कार्य के लिए दिसंबर 2025 तक की समय सीमा निर्धारित की गई थी। समय सीमा बीतने के आठ माह बाद भी 18 अगस्त 2026 की विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक मात्र 60 ग्राम पंचायतों में ही जलापूर्ति शुरू की जा सकी है।
विज्ञापन
शेष 822 ग्राम पंचायतों में परियोजना आधी अधूरी पड़ी है। किसी ग्राम पंचायत में वाटर टैंक शो पीस बनकर खड़ा है तो किसी गांव की पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क खोद कर छोड़ दी गई है। इन सड़कों की वजह से ग्रामीणों को काफी पेरशानी हो रही है। ऐसे में हर घर जल योजना से जुड़े जिम्मेदारों की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
जनपद में कुल 882 ग्राम पंचायतों तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए शासन की तरफ से 2020 में 1500 करोड़ रुपये की कुल 720 परियोजना स्वीकृत दी गई थी। योजना की निगरानी व कार्य आवंटन का जिम्मा जल निगम को सौंपा गया था। इनकी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर भुगतान की व्यवस्था लागू की गई। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी विभाग तय लक्ष्य का 10 फीसदी भी हासिल नहीं कर पाया है।
हालांकि शासन ने विशेष समीक्षा के उपरांत परियोजना पूरा करने के लिए समय सीमा दिसम्बर 2028 तक जरूर कर दिया है लेकिन परियोजनाओं की रफ्तार देखकर उक्त समय सीमा तक भी परियोजना पूरी हो सकेगी इसको लेकर ग्रामीणों में शंका है।
प्रत्येक परियोजना के तहत यह कार्य होने थे
2020 में जनपद के लिए स्वीकृत 720 परियोजनाओं में से प्रत्येक के तहत वाटर टैंक, अंडर ग्राउंड पाइपलाइन व टोंटी लगाया जाना था। इनमें एक लाख लीटर का वाटर टैंक, अंडरग्राउंड पाइपलाइन आबादी क्षेत्र (ग्राम पंचायतों में) पंपघर मोटर बाउंड्री व 75 फीसदी सार्वजनिक उपयोग वाले स्थान पर टोंटी लगाया जाना था।
केस एक
सदर के भिसवां व हरखपुरा दोनों ग्राम पंचायतों में योजना के तहत टैंक, पाइपलाइन, पंप घर सहित अन्य सभी कार्य पूर्ण हुए लगभग तीन माह पूरे हो चुके हैं। लेकिन न तो सार्वजनिक स्थानों पर टोंटी लगाई गई और न ही ग्रामीणों को कनेक्शन ही दिया गया। पूरी व्यवस्था मुकम्मल होने के बाद भी दोनों गांव के लोग साधारण हैंडपंप का पानी पी रहे हैं।
केस दो
ग्राम पंचायत बरवां विद्यापति में वाटर टैंक, पंपघर व मोटर इत्यादि स्थापित कराने से पहले गांव की सड़कों को खोदकर पाइपलाइन ही बिछाई गई। अब वाटर टैंक बना है लेकिन मोटर घर कब बनेगा और कनेक्शन कब मिलेगा इस बारे में कोई अपडेट नहीं। यहां के ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से अभी जूझना पड़ रहा है।
स्पीक अप-
हमारे गांव में काफी दिन पहले पाइपलाइन बिछाकर बिना सड़क दुरुस्त कराए ही छोड़ दिया गया है। पक्की सड़क तो गांव के प्रधान ने रोड़ा भरवाकर दुरुस्त करा दिया लेकिन कच्चा मार्ग बारिश में कीचड़ युक्त हो जाता है।
-आलिया निशा, सिसवां राजा, महराजगंज।
गांव में पहले टैंक व पंप घर बनाने की जगह परियोजना पाने वाली फर्म ने पहले पाइपलाइन ही बिछवा दिया। ग्रामीणों ने जब आवाज उठाई तो वाटर टैंक बना लेकिन पंप घर कब तक बनेगा और कब आपूर्ति शुरू होगी किसी को नहीं पता।
-डॉ. आनंद गुप्ता, बरवां विद्यापति, महराजगंज।
वर्जन
जनपद की 60 ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। परियोजना पारदर्शी तरीके से पूरी हो इसके लिए विभागीय सत्यापन के बाद भुगतान की व्यवस्था लागू है। 300 पंचायतों में 90 फीसदी, 120 में 75 फीसदी कार्य 18 अगस्त 2026 तक पूर्ण किए जाने की रिपोर्ट है। दिसम्बर 2028 तक हर हाल में परियोजना पूर्ण करानी है।
-आतिफ हुसैन, अधिशासी अभियंता जल निगम, महराजगंज।