Maharajganj News: सरकारी फाइलों में हो रही हाथ की धुलाई, पानी की टंकियां बढ़ा रहीं गैराज की शोभा
सोनौली कस्बे में करीब चार वर्ष पूर्व 20 लाख की लागत से वाटर एटीएम लगाया गया, लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। दो साल पहले खराब हुए वाटर एटीएम की मरम्मत कराने की दिशा में अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। बढ़ती गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर में नगर पालिका प्रशासन ने ट्रॉली पर पानी की टंकी रखवाकर हाथ धुलने की व्यवस्था कराई थी, लेकिन वक्त के साथ यह व्यवस्था बदहाल हो गई। लाखों रुपये खर्च कर पांच टंकियां बनवाई गई थीं। वर्तमान में एक भी टंकी शहर में प्रमुख स्थानों पर नहीं दिख रही है। डीएम कार्यालय के सामने ही एक टंकी धूल फांक रही है। उसमें भी पानी भरवाने में नगर पालिका प्रशासन को रुचि नहीं ले रहा है, जबकि कोरोना फिर सिर उठाने लगा है।
डीएम कार्यालय के सामने रविवार को हाथ धुलने वाली पानी की टंकी सड़क किनारे दिखी। पास खड़े एक युवक ने बताया कि काफी समय से यह टंकी यहीं पर है। इसमें न तो पानी है, न ही सैनिटाइजर रखा हुआ है। कोरोना के दूसरे चरण में जब चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची थी, तब कुछ दिनों तक शहर में जगह-जगह पानी की टंकी की व्यवस्था की गई थी, साथ में सैनिटाइचर में भी उपलब्ध रहता था, ताकि लोग पानी की टंकी से हाथ धूलकर कोरोना से बच सकें।
शहर में हनुमानगढ़ी पर मिले राकेश कुमार ने बताया कि हाथ धुलने वाली पानी की टंकी लगवाकर रकम खर्च कर दी गई, लेकिन इसका लाभ किसी को मिल नहीं रहा है। इसे बनवाने में मोटी रकम खर्च कर कमीशन हजम कर दायित्व की इतिश्री कर ली गई। पड़री रोड पर सुरेश कुमार ने बताया कि शिवनगर मोहल्ले में स्कूल के पास बने गैराज में पानी की टंकियां रखी हुई हैं। वहां पहुंचने पर बदहाल व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर दिख गई। इसमें लगे जाली फिल्टर सब बेकार हो गए हैं। जिस ट्राॅली पर टंकी रखी हुई है, उसमें भी जंक लग रहा है।
लोगों ने क्या कहा
गैराज के बाहर टहल रहे सत्यदेव कुमार ने बताया कि इन दिनों कोरोना का केस बढ़ रहा है। शहर में इससे बचाव के इंतजाम सिर्फ फाइलों में दिख रही हैं। हाथ धुलने की टंकी का प्रयोग नहीं हो रहा है तो लाखों की रकम खर्च कर इसे बनवाया क्यों गया?
शहर में हाथ धुलने वाली टंकी बेकार है। जब इसका उपयोग नहीं हो रहा है तो रकम खर्च करने का कोई मतलब नहीं है। अधिकारी दायित्व के प्रति बेखबर हैं। -अशफाक खान, गांधी नगर
नगर पालिका प्रशासन स्वच्छता का संदेश सिर्फ फाइलों में दे रहा है। हकीकत में व्यवस्था बदहाल दिख रही है। हाथ धुलने की बात गोष्ठी तक सिमट कर रह गई है। -रमेश निगम, सुभाष नगर
पानी की टंकी को दुरुस्त कराने के बाद शहर के प्रमुख स्थानों पर रखवा दिया जाएगा। स्वच्छता के प्रति नगर पालिका प्रशासन गंभीर है। सफाई कर्मियों की टीम सभी मोहल्लों में समय समय पर सफाई करती है। -आलोक कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
एटीएम भी नहीं दे रहे साथ, पेयजल के लिए परेशानी
सोनौली कस्बे में करीब चार वर्ष पूर्व 20 लाख की लागत से वाटर एटीएम लगाया गया, लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। दो साल पहले खराब हुए वाटर एटीएम की मरम्मत कराने की दिशा में अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। बढ़ती गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। सोनौली नगर पंचायत क्षेत्र के कुनसेरवा चौराहे पर वाटर एटीएम का जनरेटर व अन्य संयंत्र खराब हैं। टेंपों स्टैंड के सामने स्थापित वाटर एटीएम का बोर खराब हो गया। खराब वाटर एटीएम को दुरुस्त नहीं कराया गया।
कस्बे के सुदर्शन बताया कि वाटर एटीएम पर सुबह आठ बजे से लेकर रात दस बजे तक पानी लेने के लिए लाइन लगती थी, लेकिन पिछले एक साल से खराब है। पेयजल के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। विनोद, गुड्डू खान, दीपक, हरिश्चंद्र आदि का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन की ओर से खराब वाटर एटीएम की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। अधिशासी अधिकारी राजनाथ यादव ने बताया कि बजट आने पर वाटर एटीएम की मरम्मत की मरम्मत करा दी जाएगी। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से लोगों को बेहतर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।