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Maharajganj News: सीमावर्ती इलाकों में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि
Wed, 27 Mar 2024 06:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 27 Mar 2024 06:00 PM IST
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महराजगंज/निचलौल। भारत-नेपाल सरहद के सीमावर्ती इलाकों में मंगलवार शाम को मौसम में अचानक परिवर्तन हो गया। उसके बाद तेज हवाओं के साथ सीमावर्ती इलाकों में बारिश व ओलावृष्टि होने लगी। करीब आधे घंटे तक बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी गेहूं की फसलें गिर गईं।
क्षेत्र किसान कुंदन पांडेय, शशिभूषण गुप्ता, वकील अहमद, कमलेश कुमार आदि ने बताया कि मंगलवार को पूरे दिन मौसम साफ रहा। शाम को अचानक मौसम ने करवट बदल दिया। कुछ देर बाद चारों तरफ बादल छा गए। फिर तेज गरज के साथ सरहद से सटे झुलनीपुर, बैठवलिया, मिश्रवलिया, कममिसवा, शीतलापुर खेसरहा, डोमा, बढ़या सहित नेपाल राष्ट्र के भी कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ ही ओलावृष्टि भी हुई। इससे खेतों में तैयार गेहूं की फसल गिर गई। ऐसे में पैदावार को लेकर किसान चिंतित हो गए हैं।
वहीं कृषि विज्ञान केंद्र बसूली के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि बारिश के साथ पड़े ओलावृष्टि होने से सबसे अधिक गेहूं की फसल प्रभावित होगी। क्योंकि ओले से गेंहू में लगी फली टूट जाएगी। इतना ही नहीं गिरे गेहूं की फसल के दाने बेहतर तरीके से पक भी नहीं पाएंगे, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं दलहन पर भी ओलावृष्टि का असर देखने को मिलेगा। क्योंकि, दलहन के फसल में भी फली लग चुकी है।
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क्षेत्र किसान कुंदन पांडेय, शशिभूषण गुप्ता, वकील अहमद, कमलेश कुमार आदि ने बताया कि मंगलवार को पूरे दिन मौसम साफ रहा। शाम को अचानक मौसम ने करवट बदल दिया। कुछ देर बाद चारों तरफ बादल छा गए। फिर तेज गरज के साथ सरहद से सटे झुलनीपुर, बैठवलिया, मिश्रवलिया, कममिसवा, शीतलापुर खेसरहा, डोमा, बढ़या सहित नेपाल राष्ट्र के भी कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ ही ओलावृष्टि भी हुई। इससे खेतों में तैयार गेहूं की फसल गिर गई। ऐसे में पैदावार को लेकर किसान चिंतित हो गए हैं।
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वहीं कृषि विज्ञान केंद्र बसूली के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि बारिश के साथ पड़े ओलावृष्टि होने से सबसे अधिक गेहूं की फसल प्रभावित होगी। क्योंकि ओले से गेंहू में लगी फली टूट जाएगी। इतना ही नहीं गिरे गेहूं की फसल के दाने बेहतर तरीके से पक भी नहीं पाएंगे, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं दलहन पर भी ओलावृष्टि का असर देखने को मिलेगा। क्योंकि, दलहन के फसल में भी फली लग चुकी है।
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