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15 अगस्त से पेपरलेस हो जाएंगे सरकारी दफ्तर
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:11 AM IST
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15 अगस्त से पेपरलेस हो जाएंगे सरकारी दफ्तर
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। डिजिटल इंडिया के तहत प्रदेश सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों को स्वतंत्रता दिवस के बाद पेपरलेस किए जाने का आदेश जारी किया है। इसके पहले चरण में कुछ प्रमुख विभागों को शामिल किया गया है। इसके लिए कर्मचारियों को प्रथम चरण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब कर्मचारियों को कंप्यूटर पर सूचनाएं आदान-प्रदान किए जाने सहित अन्य जानकारी दी जा रही है। ई-आफिस सिस्टम पूरी तरह से लागू होने के बाद कागज की बचत होगी।
सरकारी कार्यालयों में फाइलों को ढेर लगे रहते हैं। इन फाइलों में कोई पुराना कागज ढूंढना हो तो काफी परेशानी होती है। लेकिन अब इस समस्या से निजात मिलने वाली है। सरकार ने डिजिटल इंडिया के तहत सभी कार्यालयों को कागज मुक्त करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। ई - आफिस सिस्टम के तहत पहले चरण में मुख्य कार्यालय शामिल किए गए हैं। इसमें जिला स्तरीय कार्यालयों को ई आफिस सिस्टम के तहत इंटरनेट से जोड़कर कागजों से मुक्त किया जाएगा। खास बात यह है कि ई-आफिस सिस्टम से हर वर्ष करीब एक करोड़ रुपये की बचत होगी। अभी सरकारी विभागों में कागजों का प्रयोग बडे़ पैमाने पर होता है। सारा रिकार्ड फाइलों में ही दबा होने के कारण भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता है। अक्सर सूचना मिलती रहती है कि जांच से बचने के लिए अभिलेख इधर उधर कर दिए जाते हैं। जानकारी ऑनलाइन फीड होने से इस प्रकार की समस्या से भी बचा जा सकेगा। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अजय कुमार यादव ने बताया कि ई आफिस सिस्टम लागू करने के लिए प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। 15 अगस्त से अधिकांश कार्यालयों में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारियों के डिजिटल सिग्नेचर के लिए फार्म लखनऊ कार्यालय भेजे जा चुके हैं।
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सरकारी कार्यालयों में फाइलों को ढेर लगे रहते हैं। इन फाइलों में कोई पुराना कागज ढूंढना हो तो काफी परेशानी होती है। लेकिन अब इस समस्या से निजात मिलने वाली है। सरकार ने डिजिटल इंडिया के तहत सभी कार्यालयों को कागज मुक्त करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। ई - आफिस सिस्टम के तहत पहले चरण में मुख्य कार्यालय शामिल किए गए हैं। इसमें जिला स्तरीय कार्यालयों को ई आफिस सिस्टम के तहत इंटरनेट से जोड़कर कागजों से मुक्त किया जाएगा। खास बात यह है कि ई-आफिस सिस्टम से हर वर्ष करीब एक करोड़ रुपये की बचत होगी। अभी सरकारी विभागों में कागजों का प्रयोग बडे़ पैमाने पर होता है। सारा रिकार्ड फाइलों में ही दबा होने के कारण भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता है। अक्सर सूचना मिलती रहती है कि जांच से बचने के लिए अभिलेख इधर उधर कर दिए जाते हैं। जानकारी ऑनलाइन फीड होने से इस प्रकार की समस्या से भी बचा जा सकेगा। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अजय कुमार यादव ने बताया कि ई आफिस सिस्टम लागू करने के लिए प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। 15 अगस्त से अधिकांश कार्यालयों में प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारियों के डिजिटल सिग्नेचर के लिए फार्म लखनऊ कार्यालय भेजे जा चुके हैं।
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