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Maharajganj News: मरीज-एंबुलेस माफिया की अब खैर नहीं...अभियान चलाकर होगी धर-पकड़

Sun, 07 Sep 2025 01:33 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Sep 2025 01:33 AM IST
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Gorakhpur News: Now there is no mercy for patient-ambulance mafia...they will be arrested by running a campaign
सीएम की सख्ती का असरः पुलिस, आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम पूरे शहर में चलाएगी अभियान
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बीआरडी के पास पकड़े गए तीन अस्पतालों के एंबुलेंस की जांच के लिए सीएमओ ने गठित की टीम



गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज, एम्स और जिला अस्पताल के पास सक्रिय मरीज-एंबुलेंस माफिया के खिलाफ अब प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि मरीजों को जबरन निजी अस्पतालों में भेजने के लिए एंबुलेंस का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मामले में पुलिस, आरटीओ और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम अब बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर मरीज-एंबुलेंस माफिया के खिलाफ कार्रवाई करेगी।



सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्ती का असर दिखाई दे रहा है। हाल ही में समीक्षा बैठक में सीएम ने माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। पिछले दिनों पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पास पांच संदिग्ध एंबुलेंस पकड़ी गई थीं। इनमें सुरक्षा के मानक नहीं थे। वहीं, पुलिस को देखते ही एंबुलेंस चालक भाग गए थे। पांचों एंबुलेंस को सीज कर दिया गया था। तीन एंबुलेंस निजी अस्पतालों की थीं लेकिन उनका फिटनेस नहीं था। इनकी जांच के लिए पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा था। इसपर सीएमओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है, जिसमें एसीएमओ भी शामिल हैं।
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यह टीम अस्पतालों की भी जांच करेगी। वहीं, दो एंबुलेंस का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। अब पुलिस इनके इंजन और चेसिस नंबर के जरिये मालिक तक पहुंचेगी। पुलिस को शक है कि ये गाड़ियां चोरी की भी हो सकती हैं।
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पूरे शहर में चलेगा अभियान



संयुक्त टीम अब सिर्फ बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही नहीं बल्कि पूरे शहर में एंबुलेंस की वैधता की जांच करेगी। अभियान के दौरान वाहन के कागज, एंबुलेंस के लिए जरूरी सुरक्षा मानक, परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, चालक के लाइसेंस और अस्पताल से संबद्धता की जानकारी ली जाएगी। जिन एंबुलेंस में अनियमितता पाई जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



अस्पतालों की रहती है मिलीभगत



सूत्रों ने बताया कि एंबुलेंस माफिया सरकारी अस्पतालों के आसपास सक्रिय रहते हैं। ये तीमारदारों को बहकाकर मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती करा देते हैं। बदले में एंबुलेंस संचालकों को कमीशन मिलता है। इस पूरी खेल में निजी अस्पताल संचालक, एंबुलेंस चालक, सरकारी अस्पताल के कर्मचारी और कुछ बिचौलिए शामिल होते हैं।




वर्जन



कुछ दिन पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पास संदिग्ध मिली पांच एंबुलेंस को सीज कर दिया गया था। अब पूरे शहर में अभियान चलाकर एंबुलेंस की जांच की जाएगी। सुरक्षा मानकों का अभाव और पंजीकरण न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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