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Maharajganj News: प्रयास हो रहे खूब, फिर भी नहीं बन पाए गोल्डन कार्ड
Sat, 06 May 2023 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 06 May 2023 12:45 AM IST
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उदासीनता की भेंट चढ़ी योजना, नाम गलत दर्ज होने पर भी नहीं मिल रही सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गोल्डन कार्ड बनाने की योजना उदासीनता की भेंट चढ़ गई है। लाख जतन के बाद भी अब तक तीन लाख गोल्डन कार्ड बन सके हैं। छह लाख कार्ड बनने बाकी हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक मुफ्त चिकित्सा की व्यवस्था है, लेकिन इसके लिए लाभार्थी के पास योजना का गोल्डन कार्ड होना जरूरी है।
जानकारी के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के तहत सूची में 2,35,504 लाभार्थियों को शामिल किया गया है। इसमें करीब 9,65,994 सदस्य होने का अनुमान विभाग की ओर से लगाया गया है। इनमें से महज 3,63,585 लाभार्थियों का ही गोल्डन कार्ड बन सका है। अभी 6,02409 का गोल्डन कार्ड नहीं बना पाया है।
वर्ष 2018 में शुरू हुई योजना तो विभाग की ओर से जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने लगे। इसके बाद कॉमन सर्विस सेंटर के कर्मियों के सहयोग से गांव कैंप लगाकर गोल्डन कार्ड की प्रकिया पूर्ण की गई। अब गांव में तैनात पंचायत सहायक, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्तााओं के माध्यम से गांव में गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे है, लेकिन कार्ड बनाने की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
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कुल लाभार्थी परिवारों की संख्या 2,35,504
परिवार में शामिल कुल सदस्य- 9,65,994
लाभार्थियों के बने गोल्डन कार्ड- 3,63,585
लाभार्थी जिनका गोल्डन कार्ड बनना है- 6,02,409
योजना के तहत अबतक कुल उपचारित मरीज- 24,874
...
बातचीत
गोल्डन कार्ड वाली सूची में नाम दर्ज है। आधार में नाम द्रोपदी अंकित हो गया है। इसको सुधार कराने के लिए केंद्र पर गई थी, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगभग एक माह पूर्व मुजुरी बाजार से घर लौट रही थी। इसी दौरान सड़क पर गिरने के कारण दाहिना हाथ फैक्चर हो गया। सर्जिकल हास्पिटल में इलाज हुआ, लेकिन सरकारी सुविधा नहीं मिली।
कलावती, ग्राम पंचायत बैदा
..
नाम गोल्डन कार्ड वाली सूची में दर्ज है। एक माह पहले घर पर कुर्सी बैठी थी, इसी दौरान कुर्सी का टूट गई। इससे कमर का कुल्हा टूट गया। इलाज के लिए महराजगंज फैक्चर सर्जिकल हास्पिटल में भर्ती हुई, लेकिन गोल्डन कार्ड में मेरा नाम नहीं दिख रहा था। इलाज कराने में लगभग 42 हजार रुपये खर्च करने पड़े हैं।
सोमनी देवी, ग्राम सभा बैदा
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कोट
गोल्डन कार्ड बनाने के लिए जरूरी दिशानिर्देश दिए गए हैं। गांव स्तर से पंचायत मित्रों को गोल्डन कार्ड में शत-प्रतिशत बनवाने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-संतोष कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गोल्डन कार्ड बनाने की योजना उदासीनता की भेंट चढ़ गई है। लाख जतन के बाद भी अब तक तीन लाख गोल्डन कार्ड बन सके हैं। छह लाख कार्ड बनने बाकी हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक मुफ्त चिकित्सा की व्यवस्था है, लेकिन इसके लिए लाभार्थी के पास योजना का गोल्डन कार्ड होना जरूरी है।
जानकारी के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के तहत सूची में 2,35,504 लाभार्थियों को शामिल किया गया है। इसमें करीब 9,65,994 सदस्य होने का अनुमान विभाग की ओर से लगाया गया है। इनमें से महज 3,63,585 लाभार्थियों का ही गोल्डन कार्ड बन सका है। अभी 6,02409 का गोल्डन कार्ड नहीं बना पाया है।
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वर्ष 2018 में शुरू हुई योजना तो विभाग की ओर से जिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने लगे। इसके बाद कॉमन सर्विस सेंटर के कर्मियों के सहयोग से गांव कैंप लगाकर गोल्डन कार्ड की प्रकिया पूर्ण की गई। अब गांव में तैनात पंचायत सहायक, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्तााओं के माध्यम से गांव में गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे है, लेकिन कार्ड बनाने की रफ्तार नहीं बढ़ रही है।
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कुल लाभार्थी परिवारों की संख्या 2,35,504
परिवार में शामिल कुल सदस्य- 9,65,994
लाभार्थियों के बने गोल्डन कार्ड- 3,63,585
लाभार्थी जिनका गोल्डन कार्ड बनना है- 6,02,409
योजना के तहत अबतक कुल उपचारित मरीज- 24,874
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बातचीत
गोल्डन कार्ड वाली सूची में नाम दर्ज है। आधार में नाम द्रोपदी अंकित हो गया है। इसको सुधार कराने के लिए केंद्र पर गई थी, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। लगभग एक माह पूर्व मुजुरी बाजार से घर लौट रही थी। इसी दौरान सड़क पर गिरने के कारण दाहिना हाथ फैक्चर हो गया। सर्जिकल हास्पिटल में इलाज हुआ, लेकिन सरकारी सुविधा नहीं मिली।
कलावती, ग्राम पंचायत बैदा
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नाम गोल्डन कार्ड वाली सूची में दर्ज है। एक माह पहले घर पर कुर्सी बैठी थी, इसी दौरान कुर्सी का टूट गई। इससे कमर का कुल्हा टूट गया। इलाज के लिए महराजगंज फैक्चर सर्जिकल हास्पिटल में भर्ती हुई, लेकिन गोल्डन कार्ड में मेरा नाम नहीं दिख रहा था। इलाज कराने में लगभग 42 हजार रुपये खर्च करने पड़े हैं।
सोमनी देवी, ग्राम सभा बैदा
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कोट
गोल्डन कार्ड बनाने के लिए जरूरी दिशानिर्देश दिए गए हैं। गांव स्तर से पंचायत मित्रों को गोल्डन कार्ड में शत-प्रतिशत बनवाने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-संतोष कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी