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34.30 लाख हजम कर गए ग्राम सचिव और रोजगार सेवक

Sat, 01 Jan 2022 11:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jan 2022 11:18 PM IST
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gaban of 34.30 lakh
अधूरा आवास के साथ लाभार्थी राजू।संवाद - फोटो : MAHARAJGANJ
34.30 लाख हजम कर गए ग्राम सचिव और रोजगार सेवक
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- पीएम और सीएम आवास की तीसरी किस्त 49 लाभार्थियों को मिली ही नहीं
- वर्ष 2016-17 से अब तक 49 आवासों का निर्माण कार्य पड़ा अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। क्षेत्र के मुसहर गांव सोहगीबरवां में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना की तीसरी किस्त 34.30 लाख रुपये ग्राम सचिव और रोजगार सेवक हड़प गए। जिसकी वजह से वर्ष 2016-17 से अब तक 49 आवास पूर्ण नहीं हो सके हैं। इस प्रकरण में ग्राम सचिव एवं रोजगार सेवक को निलंबित कर दिया गया है। जिम्मेदार जनवरी के अंत तक आवास पूरा कराने की बात कह रहे हैं।
मुसहर गांव सोहगीबरवा में वित्तीय वर्ष 2016-17 से अब तक 20 प्रधानमंत्री और 29 मुख्यमंत्री आवास का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। आवास निर्माण के लिए लाभार्थी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। वर्ष 2016-17 में 68 लाभार्थी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चयनित हुए थे। जिसमें 66 लाभार्थियों का आवास निर्माण पूरा हुआ। जबकि दो लाभार्थियों का आवास अधूरा है। वर्ष 2017-18 में 105 आवास का लक्ष्य था। 99 आवास का निर्माण कार्य पूरा हुआ। जबकि छह अब तक अधूरा है। वर्ष 2019-20 में 201 लाभार्थियों को आवास का लक्ष्य रखा गया। जिसमें 189 आवास पूरे हुए। 12 आवास अब भी अधूरे हैं। वहीं वर्ष 2020-21 में 143 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए चयनित किया गया। अब तक 114 आवास का निर्माण पूरा हुआ है। 29 आवास का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। अब तक कुल 49 आवास नहीं बन सके हैं।
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इस संबंध में प्रभारी बीडीओ कर्मबीर केशव ने कहा कि आवास निर्माण की जिम्मेदारी रोजगार सेवक और ग्राम सचिव को दी गई थी। जांच में पता चला कि इन्होंने आवास की तीसरी किस्त हजम कर ली। इस मामले में आरोपित रोजगार सेवक प्रभुनाथ यादव और ग्राम सचिव विवेक पटेल को निलंबित कर दिया गया है। जिम्मेदारों को आवास का निर्माण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया है। जनवरी के अंत तक सभी आवास पूरा करा लिया जाएगा।
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छप्पर में रहना मजबूरी
सोहगीबरवा निवासी लाभार्थी इंद्रजीत का कहना है कि वह छप्पर के बने घर में रह रहे हैं। बरसात होती है तो गृहस्थी का सारा सामान भीग जाता है। बीते दिन हुई बारिश से झोपड़ी से पानी टपकने लगा था। आवास निर्माण के लिए जिम्मेदारों से कई बार निवेदन किया गया लेकिन केवल आश्वासन ही मिला।
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