{"_id":"6a209597a0e30c074c0cdee8","slug":"from-blossom-to-market-storm-spoils-mango-math-maharajganj-news-c-227-1-sdn1035-159233-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: बौर से बाजार तक, आंधी ने बिगाड़ा आम का गणित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: बौर से बाजार तक, आंधी ने बिगाड़ा आम का गणित
Thu, 04 Jun 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 04 Jun 2026 02:29 AM IST
विज्ञापन
तेज हवाओं ने झकझोर दिए बाग, उत्पादन और कमाई दोनों पर पड़ा असर
समय से पहले गिरे फलों से किसानों की बढ़ी चिंता, बाजार में लोकल आम की आवक घटने के आसार
सिद्धार्थनगर। इस बार आम की अच्छी फसल की उम्मीद लगाए बैठे बागवानों को मई के आखिरी सप्ताह और जून की शुरुआत में आई तेज आंधी ने बड़ा झटका दिया है। बौर से लदे और फलों से झुके बागों में अचानक चली तेज हवाओं ने आम का पूरा गणित बिगाड़ दिया। कई इलाकों में बड़ी संख्या में कच्चे और अधपके आम जमीन पर गिर गए, जिससे किसानों को उत्पादन के साथ आय का भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जिले के इटवा, बांसी, डुमरियागंज, शोहरतगढ़ और जोगिया क्षेत्र के बागबान बताते हैं कि इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने से आम की फसल बेहतर दिख रही थी लेकिन लगातार चली आंधी ने कई बागों में 20 से 40 प्रतिशत तक फल गिरा दिए। सबसे ज्यादा असर दशहरी, लंगड़ा और स्थानीय देसी किस्मों पर पड़ा है।
जोगिया क्षेत्र के बागबान रामाधार चौधरी बताते हैं कि पेड़ों पर फल काफी अच्छी मात्रा में थे लेकिन एक रात की तेज आंधी ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई पेड़ों के नीचे कच्चे आमों की परत बिछ गई। अब उत्पादन कम होने का सीधा असर आमदनी पर पड़ेगा।
विज्ञापन
इटवा के किसान राजेश पांडेय कहते हैं कि इस बार बाजार से अच्छी उम्मीद थी। बागों की देखभाल और सिंचाई पर खर्च भी ज्यादा हुआ लेकिन आंधी के बाद अनुमानित उत्पादन काफी घट गया है। जो आम बाजार तक पहुंचने थे, उसका बड़ा हिस्सा जमीन पर गिरकर खराब हो गया। फल व्यापारियों का भी मानना है कि अगले कुछ सप्ताह में लोकल आम की आवक प्रभावित हो सकती है।
डुमरियागंज के फल कारोबारी मोहम्मद सलीम बताते हैं कि अगर मौसम स्थिर नहीं रहा तो स्थानीय आम की उपलब्धता घट सकती है। इससे बाजार में कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
उद्यान विशेषज्ञों के अनुसार आम की फसल में इस समय फल बढ़ने का महत्वपूर्ण चरण चल रहा है। ऐसे समय तेज हवा और आंधी का सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। जिन बागों में फल अधिक थे, वहां नुकसान भी अपेक्षाकृत ज्यादा हुआ है।
-- -- -- -- -- -- --
स्पीकअप
इस बार पेड़ों पर फल खूब था। आंधी के बाद बाग में जहां नजर डालिए, कच्चे आम ही दिखाई दे रहे हैं। नुकसान का सही आंकलन तो बाद में होगा लेकिन कमाई पर असर तय है।
- अरमान खां, बागवान, सेमरा
लोकल आम की आवक कम हुई तो बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं। अभी से बागबान नुकसान की बात कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इसका असर मंडियों में नजर आएगा।
- इमामुद्दीन, बागबान
-- -- -- -- -- -- --
आंधी से आम की फसल पर असर
- दशहरी, लंगड़ा और देसी आम सबसे ज्यादा प्रभावित
- कई बागों में 20-40 प्रतिशत तक फल गिरे
- उत्पादन घटने से किसानों की आय पर असर
- स्थानीय बाजारों में आवक कम होने की आशंका
- कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ी
-- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
समय से पहले गिरे फलों से किसानों की बढ़ी चिंता, बाजार में लोकल आम की आवक घटने के आसार
सिद्धार्थनगर। इस बार आम की अच्छी फसल की उम्मीद लगाए बैठे बागवानों को मई के आखिरी सप्ताह और जून की शुरुआत में आई तेज आंधी ने बड़ा झटका दिया है। बौर से लदे और फलों से झुके बागों में अचानक चली तेज हवाओं ने आम का पूरा गणित बिगाड़ दिया। कई इलाकों में बड़ी संख्या में कच्चे और अधपके आम जमीन पर गिर गए, जिससे किसानों को उत्पादन के साथ आय का भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जिले के इटवा, बांसी, डुमरियागंज, शोहरतगढ़ और जोगिया क्षेत्र के बागबान बताते हैं कि इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने से आम की फसल बेहतर दिख रही थी लेकिन लगातार चली आंधी ने कई बागों में 20 से 40 प्रतिशत तक फल गिरा दिए। सबसे ज्यादा असर दशहरी, लंगड़ा और स्थानीय देसी किस्मों पर पड़ा है।
विज्ञापन
जोगिया क्षेत्र के बागबान रामाधार चौधरी बताते हैं कि पेड़ों पर फल काफी अच्छी मात्रा में थे लेकिन एक रात की तेज आंधी ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई पेड़ों के नीचे कच्चे आमों की परत बिछ गई। अब उत्पादन कम होने का सीधा असर आमदनी पर पड़ेगा।
विज्ञापन
इटवा के किसान राजेश पांडेय कहते हैं कि इस बार बाजार से अच्छी उम्मीद थी। बागों की देखभाल और सिंचाई पर खर्च भी ज्यादा हुआ लेकिन आंधी के बाद अनुमानित उत्पादन काफी घट गया है। जो आम बाजार तक पहुंचने थे, उसका बड़ा हिस्सा जमीन पर गिरकर खराब हो गया। फल व्यापारियों का भी मानना है कि अगले कुछ सप्ताह में लोकल आम की आवक प्रभावित हो सकती है।
डुमरियागंज के फल कारोबारी मोहम्मद सलीम बताते हैं कि अगर मौसम स्थिर नहीं रहा तो स्थानीय आम की उपलब्धता घट सकती है। इससे बाजार में कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना है।
उद्यान विशेषज्ञों के अनुसार आम की फसल में इस समय फल बढ़ने का महत्वपूर्ण चरण चल रहा है। ऐसे समय तेज हवा और आंधी का सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। जिन बागों में फल अधिक थे, वहां नुकसान भी अपेक्षाकृत ज्यादा हुआ है।
स्पीकअप
इस बार पेड़ों पर फल खूब था। आंधी के बाद बाग में जहां नजर डालिए, कच्चे आम ही दिखाई दे रहे हैं। नुकसान का सही आंकलन तो बाद में होगा लेकिन कमाई पर असर तय है।
- अरमान खां, बागवान, सेमरा
लोकल आम की आवक कम हुई तो बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं। अभी से बागबान नुकसान की बात कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इसका असर मंडियों में नजर आएगा।
- इमामुद्दीन, बागबान
आंधी से आम की फसल पर असर
- दशहरी, लंगड़ा और देसी आम सबसे ज्यादा प्रभावित
- कई बागों में 20-40 प्रतिशत तक फल गिरे
- उत्पादन घटने से किसानों की आय पर असर
- स्थानीय बाजारों में आवक कम होने की आशंका
- कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ी