फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Fraud is in the nature of Kedarnath, he cheats his villagers again and again

Maharajganj News: केदारनाथ की फितरत में है जालसाजी बार-बार अपने गांव वालों को भी ठगा

Tue, 19 Dec 2023 12:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 19 Dec 2023 12:58 AM IST
विज्ञापन
Fraud is in the nature of Kedarnath, he cheats his villagers again and again
आरोपी केदारनाथ अग्रहरी के घर लगा ताला।
महराजगंज। योगी कॉरपोरेशन ग्रुप ऑफ इंडिया नाम से फर्जी संस्था बनाकर जालसाजी करने वाला केदारनाथ अग्रहरि बहुत ही शातिर है। गिरफ्तारी के बाद उसकी काले कारनामे परत दर परत खुल रहे हैं। केदारनाथ ने पहले भी गांव के तमाम लोगों को ठगा और उनकी रकम लेकर फरार हो चुका है। उसने क्षेत्र में ऐसी हनक बनाई थी कि रकम गंवाने के बाद भी कोई मुंह नहीं खोलता था।
विज्ञापन


केदारनाथ अग्रहरि उर्फ योगी केदारनाथ पनियरा थाना क्षेत्र के सतगुरु का रहने वाला है। बताते हैं कि केदारनाथ पहले गांव के लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू किया। गल्ले के कारोबार के दौरान संपर्क में आए किसानों से उनका धान-गेहूं खरीद लेता था। किसानों का विश्वास जीतने के लिए कुछ रुपये भी देता था। जब गल्ले का कारोबार चल पड़ा तो केदारनाथ ने बड़े-बड़े किसानों को झांसा देना शुरू कर दिया। बड़े मुनाफे का लालच देकर उनका धान-गेहूं ले लेता था। सभी को यह भरोसा देता था कि उनका गल्ला बड़े मिलर को भेजा है। रकम मिलते ही सबको भुगतान कर दिया जाएगा। इस तरह के झांसे में आए लगभग दो दर्जन किसानों को गुमराह करके उसने कई लाख रुपए उड़ा लिए। जब किसानों ने रुपये के लिए दबाव बनाया तो केदारनाथ सतगुरु बाजार छोड़कर फरार हो गया।
विज्ञापन


बताते हैं कि कुछ साल बाद जब किसानों से ठगी का मुद्दा शांत हुआ तो केदारनाथ फिर अपने घर लौटा। इसबार उसने कुआंचाप गांव के कोईलहवा टोले के पास गिट्टी, सरिया, सीमेंट की दुकान खोली। यहां भी उसने अपने शातिर दिमाग से ग्राहकों में मजबूत पकड़ बना ली। दुकान पर आने वाले तमाम गरीबों को झांसा देकर केदारनाथ ने एडवांस रुपये जमा करवा लिए। आश्वासन दिया कि जब वह घर बनवाएंगे तो उन्हें पुरानी दर पर निर्माण सामग्री देगा। लोग केदारनाथ के झांसे में आकर रुपये उसके पास जमा करवाते गए। जैसे ही मोटी रकम जमा हुई केदारनाथ चकमा देकर वहां से भाग निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन


पांच साल बाद अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन ग्रुप के साथ वापसी की : बिल्डिंग मेटेरियल्स के कारोबार के दौरान की गई जालसाजी के बाद केदारनाथ अंडरग्राउंड हो गया। पांच साल बाद वह घर लौटा तो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन का एक ग्रुप बनाकर युवाओं और समाजसेवियों को जोड़ने लगा। इसबार भी उसके झांसे में कई लोग आ गए। लोगों का विश्वास जीतने के बाद केदारनाथ ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन का सदस्य बनाने के लिए 2500 रुपए से पांच हजार रुपए लेना शुरू कर दिया। केदारनाथ की कारगुजारी उजागर करते हुए गांव के रामकिशुन ने बताया कि पनियरा ब्लॉक अध्यक्ष रामबेलास को उसने जिलाध्यक्ष बनाया।

सूरज, सर्वजीत, सतेंद्र, परशुराम, आदित्य, प्रमोद, निलेश, अशोक समेत लगभग हजारों लोगों से आईडी कार्ड बनाने के नाम पर लाखों रुपए लेकर फरार हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed