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Maharajganj News: चकबंदी दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा, तीन पर केस दर्ज
Sun, 20 Jul 2025 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:34 AM IST
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महराजगंज। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनबरसा गांव में वर्षों पुराने चकबंदी दस्तावेजों में गड़बड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। इसमें तीन व्यक्तियों पर फर्जी तरीके से जमीन पर कब्जा जमाने की नीयत से अभिलेखों में नाम दर्ज कराने का आरोप लगा है।
जिला प्रशासन की सतर्कता से मामला उजागर हुआ और पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की शुरुआत सोनबरसा निवासी संध्या, वंदना और अर्चना की शिकायत से हुई।
उन्होंने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि कुछ लोगों ने कूटरचित तरीके से चकबंदी अभिलेखों में अपने नाम दर्ज करा लिए हैं। जब उन्होंने अभिलेख की पुरानी नकल ली थी, तब किसी प्रकार की प्रविष्टि नहीं थी पर बाद में फर्जी तरीके से नाम जोड़ दिए गए।
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डीएम के आदेश पर जब राजस्व विभाग ने दस्तावेजों की पड़ताल की तो यह स्पष्ट हुआ कि जालसाजों ने सुनियोजित तरीके से अभिलेखों में छेड़छाड़ की है। इस आधार पर डीएम ने न केवल फर्जी प्रविष्टियों को निरस्त करने का आदेश दिया, बल्कि लाभ लेने की मंशा रखने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
इसी क्रम में राजस्व अभिलेख पाल गंगा प्रसाद ने सदर कोतवाली में तहरीर दी, जिस पर हरिवेलास, विनय कुमार और अंबिका के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। कोतवाल सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को कानून के तहत दंडित किया जाएगा।
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जिला प्रशासन की सतर्कता से मामला उजागर हुआ और पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की शुरुआत सोनबरसा निवासी संध्या, वंदना और अर्चना की शिकायत से हुई।
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उन्होंने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि कुछ लोगों ने कूटरचित तरीके से चकबंदी अभिलेखों में अपने नाम दर्ज करा लिए हैं। जब उन्होंने अभिलेख की पुरानी नकल ली थी, तब किसी प्रकार की प्रविष्टि नहीं थी पर बाद में फर्जी तरीके से नाम जोड़ दिए गए।
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डीएम के आदेश पर जब राजस्व विभाग ने दस्तावेजों की पड़ताल की तो यह स्पष्ट हुआ कि जालसाजों ने सुनियोजित तरीके से अभिलेखों में छेड़छाड़ की है। इस आधार पर डीएम ने न केवल फर्जी प्रविष्टियों को निरस्त करने का आदेश दिया, बल्कि लाभ लेने की मंशा रखने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
इसी क्रम में राजस्व अभिलेख पाल गंगा प्रसाद ने सदर कोतवाली में तहरीर दी, जिस पर हरिवेलास, विनय कुमार और अंबिका के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। कोतवाल सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को कानून के तहत दंडित किया जाएगा।