{"_id":"64f4dc75ca7972be030bfcf4","slug":"fortified-rice-plastic-and-ring-industries-will-speed-up-industrial-development-in-the-district-maharajganj-news-c-7-1-gkp1037-293463-2023-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: फोर्टिफाइड चावल, प्लास्टिक व रिंग उद्योग से जिले में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: फोर्टिफाइड चावल, प्लास्टिक व रिंग उद्योग से जिले में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
Mon, 04 Sep 2023 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 04 Sep 2023 12:50 AM IST
विज्ञापन
फोर्टिफाइड चावल, प्लास्टिक व रिंग उद्योग से जिले में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
फोटो
- झुलनीपुर में सीलिंग की 25 एकड़ भूमि पर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम ने दी आस्थान निर्माण की स्वीकृति
- औद्योगिक आस्थान में 28 लोगों ने निवेश के लिए मांगी है जमीन
- 71 करोड़ का निवेश प्रस्तावित, 600 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। झुलनीपुर को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में नई पहचान मिलने वाली है। वृहद औद्योगिक आस्थान के लिए सीलिंग की 25 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम ने इस पर आस्थान निर्माण की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। यहां फोर्टिफाइड चावल, प्लास्टिक कुर्सी, एल्युमिनियम रिंग समेत कई उद्योग विकसित होेंगे। इनमें 71 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। झुलनीपुर में बनने वाले औद्योगिक आस्थान में निवेश के लिए 28 लोगों ने भूमि मांगी है।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित झुलनीपुर में निवेश की चाह रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। भारत-नेपाल सीमा की महत्ता एवं निचलौल क्षेत्र के झुलनीपुर के पास सीलिंग की 39 एकड़ भूमि की उपलब्धता को देखते हुए यहां पर 25 एकड़ में औद्योगिक आस्थान विकसित करने की योजना बनाई गई है। झुलनीपुर की भूमि पर वृहद आस्थान की स्वीकृति दे दी गई है। बस, प्रशासनिक स्तर से भूमि को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग को हस्तांरित किया जाना है।
--
फोटो
प्लास्टिक उद्योग में साढ़े सात करोड़ का होगा निवेश
झुलनीपुर में करीब साढ़े करोड़ रुपये की लागत से प्लास्टिक कुर्सी उद्योग लगाने की योजना है। इसमें कुल 42 लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाना है। प्लास्टिक कुर्सी का उद्योग जिले के साथ ही आसपास के जिलों में नहीं है। ऐसे में यदि प्लांट लग गया तो वह व्यावसायिक दृष्टि से काफी लाभदायक होगा। काफी समय से जमीन का इंतजार कर रहा हूं। एक एकड़ भूमि मिल जाए तो वे अपने निवेश को मूर्त रूप दे सकेंगे। -आदित्य प्रकाश, निवेशक
विज्ञापन
--
फोटो
दो एकड़ में सर्फ उद्याेग की योजना
भारत-नेपाल सीमा की महत्ता व स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए यदि झुलनीपुर में भूमि मिल जाए तो दो एकड़ में सर्फ फैक्ट्री लगाने की योजना है। इस में एक करोड़ से अधिक का निवेश होगा, वहीं 25 से 30 लोगों को रोजगार भी मुहैया कराया जा सकेगा। इससे जिले के साथ सीमा पार तक व्यवसाय विकसित करने में मदद मिलेगी। जैसे ही भूमि मिलेगी, उद्योग लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। -बैजनाथ, निवेशक
-- -
फोटो
ढाई एकड़ भूमि में लगेगा एल्युमिनियम रिंग उद्योग
झुलनीपुर में तीन करोड़ की लागत से करीब ढाई एकड़ में एल्युमिनियम रिंग उद्योग लगना है। औद्योगिक आस्थान के लिए जमीन की स्वीकृति मिलने से जल्द उद्योग शुरू करने की संभावना है। इससे इस क्षेत्र में औद्योगिक माहौल तो बनेगा ही, 30 से 40 लोगों को रोजगार से जोड़ने की मदद मिलेगी। इसके बन जाने से जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों व नेपाल तक एल्युमिनियम से बनी सामग्री की आपूर्ति में सहूलियत होगी। -विकास गुप्ता, निवेशक
-- -
फाेर्टिफाइड चावल उत्पादन उद्योग में 10 करोड़ का होगा निवेश
आंगनबाड़ी केंद्र व एमडीएम में प्रयुक्त होने वाले चावल में फोर्टिफाइड चावल की मौजूदगी को देखते हुए यहां फोर्टिफाइड राइस फैक्ट्री लगाने की योजना है। इसके लिए डेढ़ से दो एकड़ जमीन की आवश्यकता है। इस फैक्ट्री में करीब 10 करोड़ के निवेश की संभावना है। करीब 30 लोगों को रोजगार मिलेगा। जिले में फोर्टिफाइड चावल का उद्योग लगने से जहां स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, वहीं अन्य मुश्किलें भी दूर होंगी। -सुमन गुप्ता, निवेशक
-- -
इन लोगों ने भी उद्योग लगाने के लिए मांगी भूमि
शत्रुघ्न गुप्ता ने राइस मिल, अनुमेहा ने बकरी पालन व प्रजनन केंद्र, ब्रह्मानंद जायसवाल ने पीवीसी पाइप, विनोद यादव ने रिंग उद्योग, रामुदलारे सिंह ने बुुक बाइंडिंग, कन्हैया लाल अग्रवाल ने विभिन्न प्रकार के चना उत्पाद, रंजीत सिंह ने पेंट, सुमन चौरसिया ने दफ्ती-गत्ता, शहाब ने ईंट उद्याेग, विजय जायसवाल ने प्लाईवुड, जीतनदीप ने रिंग निर्माण, मनोज मोदी ने ह्यूमपाइप, प्रकाश सिंह ने फर्नीचर, गणेश प्रसाद ने मिनरल वाटर, अजय कुमार ने फुटवियर, अनिल कुमार ने बेकरी, राजेंद्र अग्रवाल ने बायोकोल प्लांट, आरती देवी ने स्लीपर सीट, अष्टभुजा जायसवाल ने स्टील फेब्रिकेशन के साथ ही अन्य लोगों ने भी विभिन्न उद्योगों को स्थापित करने के लिए भूमि मांगी है।
-- --
वृहद औद्योगिक आस्थान के लिए अब तक हुई पहल
तीन सितंबर 2022- जिला प्रशासन के निर्देश पर उप जिलाधिकारी निचलौल व उपायुक्त उद्योग ने आस्थान के लिए निचलौल के अमड़ा में सीलिंग की भूमि देखी व निदेशक उद्योग को रिपोर्ट भेजी।
नौ सितंबर 2022- जिलाधिकारी के स्तर से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव को 25 एकड़ भूमि की उपलब्धता का पत्र भेजा गया।
नवंबर 2022- उद्योग निदेशालय की ओर से खसरा-खतौनी मांगी गई।
चार मार्च 2023- 25 एकड़ की भूमि उपलब्धता से संबंधित खसरा-खतौनी आदि से संबंधित पत्र आयुक्त व निदेशक उद्योग को भेजे गए।
17 मार्च 2023- निदेशक की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर उद्योग, राजस्व व उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम की ओर से संयुक्त निरीक्षण कराने की बात कही गई।
22 जुलाई 2023- सीलिंग की भूमि का संयुक्त निरीक्षण किया गया।
8 से 11 अगस्त- निगम, राजस्व व उद्योग विभाग के अधिकारियों की ओर से भूमि का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की गई।
28 अगस्त- अधिकारियों की ओर से तैयार रिपोर्ट को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
-- -
फोटो
भूमि वृहद औद्योगिक आस्थान के लिए ठीक है। विभाग को हस्तांतरित होने के बाद मानकों को पालन करते हुए पात्रों को उसे आवंटित किया जाएगा। -अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त उद्योग
-- -
फोटो
वृहद औद्योगिक आस्थान के संबंध में सर्वे रिपोर्ट प्राप्त हुई है। रिपोर्ट में भूमि को ठीक बताया गया है। 25 एकड़ में आस्थान के विकास के लिए भूमि को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया को जल्द शुरू कराया जाएगा। -सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
विज्ञापन
- झुलनीपुर में सीलिंग की 25 एकड़ भूमि पर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम ने दी आस्थान निर्माण की स्वीकृति
- औद्योगिक आस्थान में 28 लोगों ने निवेश के लिए मांगी है जमीन
- 71 करोड़ का निवेश प्रस्तावित, 600 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। झुलनीपुर को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में नई पहचान मिलने वाली है। वृहद औद्योगिक आस्थान के लिए सीलिंग की 25 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम ने इस पर आस्थान निर्माण की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। यहां फोर्टिफाइड चावल, प्लास्टिक कुर्सी, एल्युमिनियम रिंग समेत कई उद्योग विकसित होेंगे। इनमें 71 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। झुलनीपुर में बनने वाले औद्योगिक आस्थान में निवेश के लिए 28 लोगों ने भूमि मांगी है।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित झुलनीपुर में निवेश की चाह रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। भारत-नेपाल सीमा की महत्ता एवं निचलौल क्षेत्र के झुलनीपुर के पास सीलिंग की 39 एकड़ भूमि की उपलब्धता को देखते हुए यहां पर 25 एकड़ में औद्योगिक आस्थान विकसित करने की योजना बनाई गई है। झुलनीपुर की भूमि पर वृहद आस्थान की स्वीकृति दे दी गई है। बस, प्रशासनिक स्तर से भूमि को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग को हस्तांरित किया जाना है।
विज्ञापन
फोटो
प्लास्टिक उद्योग में साढ़े सात करोड़ का होगा निवेश
झुलनीपुर में करीब साढ़े करोड़ रुपये की लागत से प्लास्टिक कुर्सी उद्योग लगाने की योजना है। इसमें कुल 42 लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाना है। प्लास्टिक कुर्सी का उद्योग जिले के साथ ही आसपास के जिलों में नहीं है। ऐसे में यदि प्लांट लग गया तो वह व्यावसायिक दृष्टि से काफी लाभदायक होगा। काफी समय से जमीन का इंतजार कर रहा हूं। एक एकड़ भूमि मिल जाए तो वे अपने निवेश को मूर्त रूप दे सकेंगे। -आदित्य प्रकाश, निवेशक
विज्ञापन
फोटो
दो एकड़ में सर्फ उद्याेग की योजना
भारत-नेपाल सीमा की महत्ता व स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए यदि झुलनीपुर में भूमि मिल जाए तो दो एकड़ में सर्फ फैक्ट्री लगाने की योजना है। इस में एक करोड़ से अधिक का निवेश होगा, वहीं 25 से 30 लोगों को रोजगार भी मुहैया कराया जा सकेगा। इससे जिले के साथ सीमा पार तक व्यवसाय विकसित करने में मदद मिलेगी। जैसे ही भूमि मिलेगी, उद्योग लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। -बैजनाथ, निवेशक
फोटो
ढाई एकड़ भूमि में लगेगा एल्युमिनियम रिंग उद्योग
झुलनीपुर में तीन करोड़ की लागत से करीब ढाई एकड़ में एल्युमिनियम रिंग उद्योग लगना है। औद्योगिक आस्थान के लिए जमीन की स्वीकृति मिलने से जल्द उद्योग शुरू करने की संभावना है। इससे इस क्षेत्र में औद्योगिक माहौल तो बनेगा ही, 30 से 40 लोगों को रोजगार से जोड़ने की मदद मिलेगी। इसके बन जाने से जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों व नेपाल तक एल्युमिनियम से बनी सामग्री की आपूर्ति में सहूलियत होगी। -विकास गुप्ता, निवेशक
फाेर्टिफाइड चावल उत्पादन उद्योग में 10 करोड़ का होगा निवेश
आंगनबाड़ी केंद्र व एमडीएम में प्रयुक्त होने वाले चावल में फोर्टिफाइड चावल की मौजूदगी को देखते हुए यहां फोर्टिफाइड राइस फैक्ट्री लगाने की योजना है। इसके लिए डेढ़ से दो एकड़ जमीन की आवश्यकता है। इस फैक्ट्री में करीब 10 करोड़ के निवेश की संभावना है। करीब 30 लोगों को रोजगार मिलेगा। जिले में फोर्टिफाइड चावल का उद्योग लगने से जहां स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, वहीं अन्य मुश्किलें भी दूर होंगी। -सुमन गुप्ता, निवेशक
इन लोगों ने भी उद्योग लगाने के लिए मांगी भूमि
शत्रुघ्न गुप्ता ने राइस मिल, अनुमेहा ने बकरी पालन व प्रजनन केंद्र, ब्रह्मानंद जायसवाल ने पीवीसी पाइप, विनोद यादव ने रिंग उद्योग, रामुदलारे सिंह ने बुुक बाइंडिंग, कन्हैया लाल अग्रवाल ने विभिन्न प्रकार के चना उत्पाद, रंजीत सिंह ने पेंट, सुमन चौरसिया ने दफ्ती-गत्ता, शहाब ने ईंट उद्याेग, विजय जायसवाल ने प्लाईवुड, जीतनदीप ने रिंग निर्माण, मनोज मोदी ने ह्यूमपाइप, प्रकाश सिंह ने फर्नीचर, गणेश प्रसाद ने मिनरल वाटर, अजय कुमार ने फुटवियर, अनिल कुमार ने बेकरी, राजेंद्र अग्रवाल ने बायोकोल प्लांट, आरती देवी ने स्लीपर सीट, अष्टभुजा जायसवाल ने स्टील फेब्रिकेशन के साथ ही अन्य लोगों ने भी विभिन्न उद्योगों को स्थापित करने के लिए भूमि मांगी है।
वृहद औद्योगिक आस्थान के लिए अब तक हुई पहल
तीन सितंबर 2022- जिला प्रशासन के निर्देश पर उप जिलाधिकारी निचलौल व उपायुक्त उद्योग ने आस्थान के लिए निचलौल के अमड़ा में सीलिंग की भूमि देखी व निदेशक उद्योग को रिपोर्ट भेजी।
नौ सितंबर 2022- जिलाधिकारी के स्तर से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव को 25 एकड़ भूमि की उपलब्धता का पत्र भेजा गया।
नवंबर 2022- उद्योग निदेशालय की ओर से खसरा-खतौनी मांगी गई।
चार मार्च 2023- 25 एकड़ की भूमि उपलब्धता से संबंधित खसरा-खतौनी आदि से संबंधित पत्र आयुक्त व निदेशक उद्योग को भेजे गए।
17 मार्च 2023- निदेशक की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर उद्योग, राजस्व व उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम की ओर से संयुक्त निरीक्षण कराने की बात कही गई।
22 जुलाई 2023- सीलिंग की भूमि का संयुक्त निरीक्षण किया गया।
8 से 11 अगस्त- निगम, राजस्व व उद्योग विभाग के अधिकारियों की ओर से भूमि का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की गई।
28 अगस्त- अधिकारियों की ओर से तैयार रिपोर्ट को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
फोटो
भूमि वृहद औद्योगिक आस्थान के लिए ठीक है। विभाग को हस्तांतरित होने के बाद मानकों को पालन करते हुए पात्रों को उसे आवंटित किया जाएगा। -अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त उद्योग
फोटो
वृहद औद्योगिक आस्थान के संबंध में सर्वे रिपोर्ट प्राप्त हुई है। रिपोर्ट में भूमि को ठीक बताया गया है। 25 एकड़ में आस्थान के विकास के लिए भूमि को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया को जल्द शुरू कराया जाएगा। -सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी