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Maharajganj News: गंडक नदी के निशाने पर कलनही बीट के वन संपदा
Wed, 10 Jul 2024 04:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 10 Jul 2024 04:14 AM IST
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निचलौल। नेपाल में बारिश के कारण नारायणी (गंडक) नदी उफना गई थी, लेकिन जैसे ही पहाड़ों पर बारिश थमी तो नदी का जलस्तर भी कम हो गया। इससे लोगों को बाढ़ से राहत तो मिली है, लेकिन नदी की तेज धारा जंगल की भू कटान कर वन संपदा को नदी में गिरा दे रही है। ऐसे में वनकर्मियों ने निगरानी तेज कर दी है।
मंगलवार को टेलफॉल पुल के पास मौजूद जंगल से सटे गांव के रहने वाले नंदलाल, फारुख, दिनेश चौधरी आदि लोगों ने बताया पिछले दिनों नेपाल के पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के चलते गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। वहीं दो दिनों से नदी का जलस्तर कम होते ही निचलौल रेंज के कलनही बीट के जंगल को गंडक नदी अपने निशाने पर ले ली है।
यहां पर नदी अभी धीमी गति से भू-कटान कर नदी में समाहित कर रही है, लेकिन नदी कब बड़े पैमाने पर जंगल के बेशकीमती वन संपदाओं को अपने जद में लेना शुरू कर देगी। यह किसी को पता नहीं है।
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निचलौल वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने कहा कि नदी के किनारे सटे जंगलों की निगरानी लगातार की जा रही है। वन विभाग की भू कटान एवं वन्यजीवों को सुरिक्षत रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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मंगलवार को टेलफॉल पुल के पास मौजूद जंगल से सटे गांव के रहने वाले नंदलाल, फारुख, दिनेश चौधरी आदि लोगों ने बताया पिछले दिनों नेपाल के पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश के चलते गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। वहीं दो दिनों से नदी का जलस्तर कम होते ही निचलौल रेंज के कलनही बीट के जंगल को गंडक नदी अपने निशाने पर ले ली है।
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यहां पर नदी अभी धीमी गति से भू-कटान कर नदी में समाहित कर रही है, लेकिन नदी कब बड़े पैमाने पर जंगल के बेशकीमती वन संपदाओं को अपने जद में लेना शुरू कर देगी। यह किसी को पता नहीं है।
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निचलौल वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने कहा कि नदी के किनारे सटे जंगलों की निगरानी लगातार की जा रही है। वन विभाग की भू कटान एवं वन्यजीवों को सुरिक्षत रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।