{"_id":"66158f080222522c5a049ae4","slug":"flood-of-faith-in-devi-temples-on-the-first-day-of-navratri-maharajganj-news-c-206-1-mhg1002-119662-2024-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
Fri, 04 Oct 2024 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 04 Oct 2024 03:00 AM IST
विज्ञापन
फरेंदा दुर्गा मंदिर
फोटो
-सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे से होती रही मेले की निगरानी, लेहड़ा देवी मंदिर में लगी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/फरेंदा। चैत्र रामनवमी के पहले दिन मंगलवार को क्षेत्र के देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जिले के देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ लगी। दूर दराज से श्रद्धालु मां लेहड़ा देवी के दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जगह-जगह पुलिस की तैनाती रही। देवी मंदिरों में जयघोष से पूरा क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो उठा।
फरेंदा क्षेत्र के लेहड़ा देवी दुर्गा मंदिर में भक्तों की भीड़ दर्शन के लिए सुबह चार बजे से ही लग गई। लोग अपनी बारी के इंतजार में घंटों कतार में खड़े रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही थी। मंदिर परिसर में महिला पुलिस के साथ अन्य पुलिस कर्मी श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगे रहे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहा। क्षेत्र के फरेंदा दुर्गा मंदिर के साथ, महराजगंज शहर के दुर्गा मंदिर, मां बोकड़ा देवी मंदिर, सियरही भार देवी मंदिर, बनैलिया देवी मंदिर, टिकुलहिया, सोनाड़ी व कुंडिया देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही। सभी देवी मंदिरों पर भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन तैयार रहे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग
फरेंदा। लेहड़ा देवी मंदिर पर भारी वाहनों के साथ दो पहिया व चार पहिया वाहनों की रोकथाम के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को लेकर पुलिस वर्दी के साथ सादे ड्रेस में भी मेले का भ्रमण कर रहे थे। एंटी रोमियो स्क्वायड भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात रही। मंदिर के पुजारी संतोष पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन के साथ स्वयं सेवी भी सहायता में लगाए गए हैं। मंदिर पूरी रात खुला रहता हैं। दूर दराज से भक्त मंदिर पहुंच कर दर्शन कर मनौती मांग रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
भगवान गणेश की सबसे पहले पूजा हुई
पंडित विंध्यवासिनी पांडेय के मुताबिक कलश के रूप में भगवान गणेश की सबसे पहले पूजा हुई। पूजा से चैत्र नवरात्र का अनुष्ठान आरंभ हो गया। जगत जननी की कृपा व सर्वसिद्धि की कामना से उपासक फलाहार या सात्विक अन्न ग्रहण करते हुए दुर्गा सप्तशती के 13 अध्याय के कुल 700 श्लोकों का सविधि पाठ पूरे नौ दिन करेंगे। चैत्र शुक्ल नवमी बुधवार 17 अप्रैल तथा 18 को दशमी तिथि नवरात्रि की पड़ेगी। नवरात्रि में शुरुआत और अंतिम दिन व्रत रखने वाले 17 को हवन के बाद और नौ दिन व्रत रखने वाले 18 अप्रैल को पारण करेंगे।
-- -- -
महानवमी पर सुयोग-
चैत्र शुक्ल नवमी 17 अप्रैल बुधवार को पुष्य नक्षत्र के सुयोग में महानवमी का पर्व मनाया जायेगा। इसी दिन श्रद्धालु देवी दुर्गा के नवम स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा कर विशिष्ट भोग अर्पण, दुर्गा सप्तशती पाठ का समापन, हवन, कन्या पूजन व पुष्पांजलि करेंगे। रामनवमी का व्रत, ध्वज पूजन व शोभायात्रा इसी दिन निकलेगी।
विज्ञापन
-सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे से होती रही मेले की निगरानी, लेहड़ा देवी मंदिर में लगी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/फरेंदा। चैत्र रामनवमी के पहले दिन मंगलवार को क्षेत्र के देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जिले के देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ लगी। दूर दराज से श्रद्धालु मां लेहड़ा देवी के दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जगह-जगह पुलिस की तैनाती रही। देवी मंदिरों में जयघोष से पूरा क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो उठा।
फरेंदा क्षेत्र के लेहड़ा देवी दुर्गा मंदिर में भक्तों की भीड़ दर्शन के लिए सुबह चार बजे से ही लग गई। लोग अपनी बारी के इंतजार में घंटों कतार में खड़े रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे व ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही थी। मंदिर परिसर में महिला पुलिस के साथ अन्य पुलिस कर्मी श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लगे रहे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहा। क्षेत्र के फरेंदा दुर्गा मंदिर के साथ, महराजगंज शहर के दुर्गा मंदिर, मां बोकड़ा देवी मंदिर, सियरही भार देवी मंदिर, बनैलिया देवी मंदिर, टिकुलहिया, सोनाड़ी व कुंडिया देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही। सभी देवी मंदिरों पर भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन तैयार रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग
फरेंदा। लेहड़ा देवी मंदिर पर भारी वाहनों के साथ दो पहिया व चार पहिया वाहनों की रोकथाम के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को लेकर पुलिस वर्दी के साथ सादे ड्रेस में भी मेले का भ्रमण कर रहे थे। एंटी रोमियो स्क्वायड भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात रही। मंदिर के पुजारी संतोष पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन के साथ स्वयं सेवी भी सहायता में लगाए गए हैं। मंदिर पूरी रात खुला रहता हैं। दूर दराज से भक्त मंदिर पहुंच कर दर्शन कर मनौती मांग रहे हैं।
भगवान गणेश की सबसे पहले पूजा हुई
पंडित विंध्यवासिनी पांडेय के मुताबिक कलश के रूप में भगवान गणेश की सबसे पहले पूजा हुई। पूजा से चैत्र नवरात्र का अनुष्ठान आरंभ हो गया। जगत जननी की कृपा व सर्वसिद्धि की कामना से उपासक फलाहार या सात्विक अन्न ग्रहण करते हुए दुर्गा सप्तशती के 13 अध्याय के कुल 700 श्लोकों का सविधि पाठ पूरे नौ दिन करेंगे। चैत्र शुक्ल नवमी बुधवार 17 अप्रैल तथा 18 को दशमी तिथि नवरात्रि की पड़ेगी। नवरात्रि में शुरुआत और अंतिम दिन व्रत रखने वाले 17 को हवन के बाद और नौ दिन व्रत रखने वाले 18 अप्रैल को पारण करेंगे।
महानवमी पर सुयोग-
चैत्र शुक्ल नवमी 17 अप्रैल बुधवार को पुष्य नक्षत्र के सुयोग में महानवमी का पर्व मनाया जायेगा। इसी दिन श्रद्धालु देवी दुर्गा के नवम स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा कर विशिष्ट भोग अर्पण, दुर्गा सप्तशती पाठ का समापन, हवन, कन्या पूजन व पुष्पांजलि करेंगे। रामनवमी का व्रत, ध्वज पूजन व शोभायात्रा इसी दिन निकलेगी।