मासूमों का शव देख सरिता हुई बेहोश: बगीचे में बनी झोपड़ी में लगी भीषण आग, जिंदा जलकर भाई-बहन की मौत
गांव के लोग समझ नहीं सके की झोपड़ी में दो मासूम हैं। गांव के लोग आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े तो मासूमों की मां और दादी चिल्लाते हुए घर से निकली।
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महराजगंज स्थित नौतनवां थाना क्षेत्र के खरगबरवा गांव में बागिचे के पास बनी झोपड़ी में आग लगने से भाई बहन जिंदा जल गए। गांव के लोगों ने दौड़कर पंपिंगसेट चलाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आगे लगने के दौरान गांव में अफरा तफरी मच गई थी। हर कोई इधर उधर भागने लगी। आगे गांव में न बढ़े इसके लिए प्रयास करना लोगों ने शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, नौतनवां थाना क्षेत्र के खरगबरवां गांव में गौतम खेल की रखवाली करने के लिए गांव के बाहर घर से 500 मीटर की दूरी पर बागिचे में एक झोपड़ी बनाए थे। गुरुवार को उनका तीन साल का बेटा राजा और चार साल की बेटी काजल झोपड़ी में खेलने में गए। करीब 4:30 बजे दोनों बाहर से चेचरा बंद कर झोपड़ी में खेल रहे थे। अचानक झोपड़ी धूं-धू कर जलने लगी। दोनों मासूमों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
गांव के लोग समझ नहीं सके की झोपड़ी में दो मासूम हैं। गांव के लोग आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े तो मासूमों की मां और दादी चिल्लाते हुए घर से निकली। वह चिल्लाते हुए बोल रही थी, कि मेरे बच्चों को बचाओ। गांव के लोगों ने पंपिंगसेट चलाकर आग को बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो गया था।
आग बुझने के बाद मासूमों के शव को देखकर उनकी मां सरिता बेहोश हो गई। इस घटना की जानकारी होते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। लोगों के मुताबिक बच्चे खेलने के दौरान माचिश की तिल्ली जलाएं होंगे, इससे आग लगी होगी। आग लगने के सटीक कारणों को कोई बता नहीं सका।