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Maharajganj News: ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को अंतिम चेतावनी पत्र जारी
Thu, 30 Jan 2025 08:17 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 30 Jan 2025 08:17 PM IST
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महराजगंज। ग्राम पंचायत पड़री खुर्द, विकास खंड सिसवा में पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-कम-डाटा एंट्री ऑपरेटर के चयन में लापरवाही हुई। इसे लेकर जिलाधिकारी अनुनय झा ने ग्राम प्रधान धनंजय और पंचायत सचिव को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया है।
चयन प्रक्रिया को तीन दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार निलंबित कर दिए जाएंगे। जिलाधिकारी की ओर जारी किए गए पत्र में बताया गया है कि ग्राम पंचायत पड़री खुर्द में पंचायत सहायक के चयन को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब जांच के दौरान पहले चयनित अभ्यर्थी मनीषा पुत्री दरबारी का निवास प्रमाणपत्र उपजिलाधिकारी की ओर से 17 सितंबर 2024 को निरस्त कर दिया गया।
इसके बाद सहायक विकास अधिकारी(पंचायत) सिसवा ने 20 सितंबर 2024 को ग्राम प्रधान और सचिव को पुनः चयन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। जिला पंचायत राज अधिकारी ने 26 अक्तूबर 2024 को निर्देश जारी कर चयन प्रक्रिया जल्द पूरी करने और स्पष्टीकरण देने को कहा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पुनः डीपीआरओ ने 22 नवंबर 2024 को ग्राम प्रधान और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। चयन प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके न तो चयन प्रक्रिया पूरी की गई और न ही कोई जवाब दिया गया।
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने बताया कि अब यह मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। मोहम्मद मुख्तार की ओर से रिट याचिका दायर कर दी गई है, जिससे यह मामला कानूनी रूप से और गंभीर हो गया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से जारी किए गए पत्र में ग्राम प्रधान और सचिव को अंतिम मौका देते हुए निर्देश दिया गया है कि पत्र प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-कम-डाटा एंट्री ऑपरेटर की चयन प्रक्रिया पूरी करें।
यदि ऐसा नहीं किया गया, तो उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 95 (1) (छ) के तहत उनके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार निलंबित कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, प्रशासन चयन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करेगा। यदि ऐसा हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सचिव की होगी।
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चयन प्रक्रिया को तीन दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार निलंबित कर दिए जाएंगे। जिलाधिकारी की ओर जारी किए गए पत्र में बताया गया है कि ग्राम पंचायत पड़री खुर्द में पंचायत सहायक के चयन को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब जांच के दौरान पहले चयनित अभ्यर्थी मनीषा पुत्री दरबारी का निवास प्रमाणपत्र उपजिलाधिकारी की ओर से 17 सितंबर 2024 को निरस्त कर दिया गया।
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इसके बाद सहायक विकास अधिकारी(पंचायत) सिसवा ने 20 सितंबर 2024 को ग्राम प्रधान और सचिव को पुनः चयन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। जिला पंचायत राज अधिकारी ने 26 अक्तूबर 2024 को निर्देश जारी कर चयन प्रक्रिया जल्द पूरी करने और स्पष्टीकरण देने को कहा था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पुनः डीपीआरओ ने 22 नवंबर 2024 को ग्राम प्रधान और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। चयन प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके न तो चयन प्रक्रिया पूरी की गई और न ही कोई जवाब दिया गया।
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने बताया कि अब यह मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। मोहम्मद मुख्तार की ओर से रिट याचिका दायर कर दी गई है, जिससे यह मामला कानूनी रूप से और गंभीर हो गया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से जारी किए गए पत्र में ग्राम प्रधान और सचिव को अंतिम मौका देते हुए निर्देश दिया गया है कि पत्र प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर पंचायत सहायक/अकाउंटेंट-कम-डाटा एंट्री ऑपरेटर की चयन प्रक्रिया पूरी करें।
यदि ऐसा नहीं किया गया, तो उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 95 (1) (छ) के तहत उनके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार निलंबित कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, प्रशासन चयन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करेगा। यदि ऐसा हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सचिव की होगी।