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बैनामा कराने के दौरान तहसील में चली लाठी, दो घायल
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मारपीट के दौरान बुजुर्ग रामलगन को बचाते लोग । संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
बैनामा कराने के दौरान तहसील में चली लाठी, दो घायल
- पिता के नाम की जमीन को बड़े बेटा लिखाने पहुंचा था तहसील
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। तहसील परिसर में मंगलवार की शाम करीब साढ़े तीन बजे जमीन बैनामा कराने को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठियां चलने लगी। जिस दौरान दो लोग घायल हो गए। कुछ देर बाद तहसील में मौजूद लोगों के बीच बचाव के बाद मामला शांत हो गया। उसके बाद एक पक्ष जमीन का बैनामा कराने के लिए जमीन के मालिक को रजिस्ट्रार ऑफिस में लेकर चले गए।
क्षेत्र के बोधना निवासी शकुंतला ने बताया कि उनके ससुर रामलगन (85) के दो बेटे नेबुलाल और मनोज हैं। ससुर के नाम से डेढ़ एकड़ की जमीन है। विगत वर्षों ससुर के बड़े बेटे नेबुलाल ने बुजुर्ग ससुर को बहला फुसलाकर जायदाद की एक एकड़ जमीन अपनी पत्नी राजकुमारी के नाम से बैनामा करा लिया है। नेबुलाल शेष बचे 50 डिस्मिल जमीन का भी बैनामा कराने के लिए सुसर को बहला फुसलाकर तहसील पहुंच था। जिसकी सूचना मिलने के बाद तहसील पहुंचकर विरोध किया तो उन लोगों ने मारपीट करना शुरू कर दिया। वहीं नेबुलाल के बड़े बेटे गुड्डू ने कहा कि चाची शकुंतला करीब 20 वर्ष घर पर नहीं रही। जिसके चलते बाबा रामलगन ने उनकी मां राजकुमारी के नाम से एक एकड़ की जायदाद लिख दी। बाकी के बचे हिस्से भी उन्हीं को लिखने के लिए तहसील पहुंचे थे। लेकिन चाची शकुंतला मारपीट कर बाबा रामलगन को लेकर रजिस्ट्रार ऑफिस में चली गईं। मारपीट के दौरान शकुंतला और गुड्डू मामूली रूप से घायल हो गए। इस संबंध में सब रजिस्ट्रार राकेश कुमार ने कहा कि तहसील परिसर में मारपीट करने की जानकारी नहीं है। जमीन बैनामा कराने को लेकर कुछ लोग ऑफिस के बाहर बैठे रहे। क्षेत्राधिकारी डीके उपाध्ययाय कहना है कि मामला संज्ञान मे नहीं है। जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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- पिता के नाम की जमीन को बड़े बेटा लिखाने पहुंचा था तहसील
संवाद न्यूज एजेंसी
निचलौल। तहसील परिसर में मंगलवार की शाम करीब साढ़े तीन बजे जमीन बैनामा कराने को लेकर दो पक्षों में जमकर लाठियां चलने लगी। जिस दौरान दो लोग घायल हो गए। कुछ देर बाद तहसील में मौजूद लोगों के बीच बचाव के बाद मामला शांत हो गया। उसके बाद एक पक्ष जमीन का बैनामा कराने के लिए जमीन के मालिक को रजिस्ट्रार ऑफिस में लेकर चले गए।
क्षेत्र के बोधना निवासी शकुंतला ने बताया कि उनके ससुर रामलगन (85) के दो बेटे नेबुलाल और मनोज हैं। ससुर के नाम से डेढ़ एकड़ की जमीन है। विगत वर्षों ससुर के बड़े बेटे नेबुलाल ने बुजुर्ग ससुर को बहला फुसलाकर जायदाद की एक एकड़ जमीन अपनी पत्नी राजकुमारी के नाम से बैनामा करा लिया है। नेबुलाल शेष बचे 50 डिस्मिल जमीन का भी बैनामा कराने के लिए सुसर को बहला फुसलाकर तहसील पहुंच था। जिसकी सूचना मिलने के बाद तहसील पहुंचकर विरोध किया तो उन लोगों ने मारपीट करना शुरू कर दिया। वहीं नेबुलाल के बड़े बेटे गुड्डू ने कहा कि चाची शकुंतला करीब 20 वर्ष घर पर नहीं रही। जिसके चलते बाबा रामलगन ने उनकी मां राजकुमारी के नाम से एक एकड़ की जायदाद लिख दी। बाकी के बचे हिस्से भी उन्हीं को लिखने के लिए तहसील पहुंचे थे। लेकिन चाची शकुंतला मारपीट कर बाबा रामलगन को लेकर रजिस्ट्रार ऑफिस में चली गईं। मारपीट के दौरान शकुंतला और गुड्डू मामूली रूप से घायल हो गए। इस संबंध में सब रजिस्ट्रार राकेश कुमार ने कहा कि तहसील परिसर में मारपीट करने की जानकारी नहीं है। जमीन बैनामा कराने को लेकर कुछ लोग ऑफिस के बाहर बैठे रहे। क्षेत्राधिकारी डीके उपाध्ययाय कहना है कि मामला संज्ञान मे नहीं है। जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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