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Maharajganj News: दवा खाने के बाद भी नहीं उतर रहा बुखार, जांच कराने अस्पताल पहुंच रहे मरीज
Wed, 16 Sep 2026 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:53 AM IST
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- मौसम बदलने के साथ वायरल संक्रमण का असर बढ़ा
- जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 80 से 90 मरीज
महराजगंज। मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण का असर बढ़ने लगा है। कई मरीजों में दवा लेने के बाद भी दो-तीन दिन तक तेज बुखार बना रह रहा है। बुखार नहीं उतरने पर मरीज अब खुद दवा लेने के बजाय जिला अस्पताल पहुंचकर जांच करा रहे हैं। चिकित्सक लक्षणों के आधार पर खून समेत अन्य जांच लिख रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 80 से 90 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 40 से 50 मरीज बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। कुछ मरीजों में दो-तीन दिन से लगातार तेज बुखार की शिकायत सामने आ रही है। ऐसे में चिकित्सक वायरल फीवर के साथ अन्य संभावित संक्रमण की स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच करा रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि वायरल फीवर का असर सामान्य तौर पर चार से पांच दिन तक रह सकता है। बुखार के दौरान शरीर की प्रतिरोधी क्षमता प्रभावित होती है। कुछ मरीजों में स्वाद में बदलाव और प्लेटलेट्स कम होने जैसी समस्या भी देखी जा रही है। तेज बुखार लंबे समय तक बना रहे तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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लक्षण के आधार पर कराई जा रही जांच
बुखार की स्थिति में चिकित्सक मरीजों को सीबीसी, लिवर फंक्शन टेस्ट के अलावा अन्य जांच की सलाह दे रहे हैं। मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार तय किया जा रहा है। फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि लगातार बुखार, कमजोरी या अन्य लक्षण बने रहने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा बदलना ठीक नहीं है।
धूप और बाहर के खानपान से बचें
फिजिशियन डॉ. वैभव ने बताया कि वायरल संक्रमण से बचाव के लिए तेज धूप के सीधे संपर्क से बचना चाहिए। बाहर के खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से भी परहेज करें। पर्याप्त पानी पीने, साफ-सफाई रखने और बुखार होने पर आराम करने पर ध्यान देना चाहिए।
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- जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे 80 से 90 मरीज
महराजगंज। मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण का असर बढ़ने लगा है। कई मरीजों में दवा लेने के बाद भी दो-तीन दिन तक तेज बुखार बना रह रहा है। बुखार नहीं उतरने पर मरीज अब खुद दवा लेने के बजाय जिला अस्पताल पहुंचकर जांच करा रहे हैं। चिकित्सक लक्षणों के आधार पर खून समेत अन्य जांच लिख रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब 80 से 90 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 40 से 50 मरीज बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। कुछ मरीजों में दो-तीन दिन से लगातार तेज बुखार की शिकायत सामने आ रही है। ऐसे में चिकित्सक वायरल फीवर के साथ अन्य संभावित संक्रमण की स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच करा रहे हैं।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि वायरल फीवर का असर सामान्य तौर पर चार से पांच दिन तक रह सकता है। बुखार के दौरान शरीर की प्रतिरोधी क्षमता प्रभावित होती है। कुछ मरीजों में स्वाद में बदलाव और प्लेटलेट्स कम होने जैसी समस्या भी देखी जा रही है। तेज बुखार लंबे समय तक बना रहे तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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लक्षण के आधार पर कराई जा रही जांच
बुखार की स्थिति में चिकित्सक मरीजों को सीबीसी, लिवर फंक्शन टेस्ट के अलावा अन्य जांच की सलाह दे रहे हैं। मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार तय किया जा रहा है। फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि लगातार बुखार, कमजोरी या अन्य लक्षण बने रहने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा बदलना ठीक नहीं है।
धूप और बाहर के खानपान से बचें
फिजिशियन डॉ. वैभव ने बताया कि वायरल संक्रमण से बचाव के लिए तेज धूप के सीधे संपर्क से बचना चाहिए। बाहर के खुले खाद्य पदार्थों के सेवन से भी परहेज करें। पर्याप्त पानी पीने, साफ-सफाई रखने और बुखार होने पर आराम करने पर ध्यान देना चाहिए।