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डरें नहीं, डटकर मुकाबला करें छात्राएं
Tue, 12 Mar 2019 01:00 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 12 Mar 2019 01:00 AM IST
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डरें नहीं, डटकर मुकाबला करें छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। डिवाइन पब्लिक सीनियर सेकेंड्री स्कूल पड़री बुजुर्ग में अमर उजाला फाउंडेशन की अपराजिता मुहिम के तहत आयोजित शिविर में विशेषज्ञों और उनकी टीम ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। इस मौके पर सविना खातून, फराज अहमद, सुशील ने खुद प्रदर्शन कर छात्राओं को बारीकियां बताईं।
मुख्य अतिथि यातायात निरीक्षक बरजोर सिंह ने कहा कि छात्राएं डरें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें। यदि कोई छेड़छाड़ करता है तो छात्राएं चाबी, दुपट्टा, पेन, क्लिप, कापी और किताब तक को हथियार बना सकती हैं। यदि अकेले ऑटो में बैठकर कहीं जाना है तो उसमें बैठने से पहले ऑटो के नंबर का फोटो ले लें या उसे याद कर लें। परिवारवालों को ऑटो का नंबर भेज दें ताकि उन्हें पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने यातायात नियमों का पालन करने और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन के जिला सचिव अभिषेक विश्वकर्मा ने कहा कि यदि कोई ओछी हरकत करता है तो उसका डटकर मुकाबला करें। अगर आपने हिम्मत से काम लिया तो सामने वाला कोई हरकत करने से पहले सौ बार सोचेगा। छात्राएं अगर नियमित व्यायाम करती हैं तो न सिर्फ वे स्वस्थ्य रहेंगी बल्कि स्फूर्ति भी बनी रहेगी। प्रधानाचार्य आलोक रंजन त्रिपाठी ने कहा कि महिलाएं अबला नहीं हैं। वे मेहनत और हौसले के दम पर आगे बढ़ रही हैं। इस दौरान सिद्धार्थ पांडेय, रीना गुप्ता, वंदना, प्रीती, शलिनी, श्वेता, निकीता, मोनिका, शारदा आदि मौजूद रहीं। अग्रिमा त्रिपाठी का कहना था कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत लगे आत्मरक्षा शिविर में बहुत कुछ सीखने को मिला है। इससे पहले अपनी सुरक्षा का बोध नहीं था। इस मुहिम से छात्राओं को काफी लाभ मिलेगा। श्वेता वर्मा का कहना था कि अब डर नहीं लगेगा क्योंकि शिविर में बचाव का बेहतर तरीका बताया गया है। मैं स्वयं को कमजोर महसूस नहीं करूंगी। यदि कोई छेड़छाड़ की हिम्मत करता है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। श्रेया चित्रांशी का कहना है कि मन में जो डर था, वह अब समाप्त हो गया है। आत्मरक्षा के तरीके सीख लिए हैं। यह मेरे जीवन में काम आएंगे। ऐसे आयोजनों होते रहने चाहिए ताकि छात्राओं को इसका लाभ मिल सके। ज्योत्सना जायसवाल का कहना था कि अगर कोई उल्टी-सीधी हरकत करेगा तो उसका सामना करूंगी। प्रशिक्षण से हिम्मत मिली है। शिविर में मिली जानकारी से मनोबल बढ़ा है। बचाव के जो तरीके बताए गए हैं, वह काम आएंगे।
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मुख्य अतिथि यातायात निरीक्षक बरजोर सिंह ने कहा कि छात्राएं डरें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें। यदि कोई छेड़छाड़ करता है तो छात्राएं चाबी, दुपट्टा, पेन, क्लिप, कापी और किताब तक को हथियार बना सकती हैं। यदि अकेले ऑटो में बैठकर कहीं जाना है तो उसमें बैठने से पहले ऑटो के नंबर का फोटो ले लें या उसे याद कर लें। परिवारवालों को ऑटो का नंबर भेज दें ताकि उन्हें पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने यातायात नियमों का पालन करने और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन के जिला सचिव अभिषेक विश्वकर्मा ने कहा कि यदि कोई ओछी हरकत करता है तो उसका डटकर मुकाबला करें। अगर आपने हिम्मत से काम लिया तो सामने वाला कोई हरकत करने से पहले सौ बार सोचेगा। छात्राएं अगर नियमित व्यायाम करती हैं तो न सिर्फ वे स्वस्थ्य रहेंगी बल्कि स्फूर्ति भी बनी रहेगी। प्रधानाचार्य आलोक रंजन त्रिपाठी ने कहा कि महिलाएं अबला नहीं हैं। वे मेहनत और हौसले के दम पर आगे बढ़ रही हैं। इस दौरान सिद्धार्थ पांडेय, रीना गुप्ता, वंदना, प्रीती, शलिनी, श्वेता, निकीता, मोनिका, शारदा आदि मौजूद रहीं। अग्रिमा त्रिपाठी का कहना था कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के तहत लगे आत्मरक्षा शिविर में बहुत कुछ सीखने को मिला है। इससे पहले अपनी सुरक्षा का बोध नहीं था। इस मुहिम से छात्राओं को काफी लाभ मिलेगा। श्वेता वर्मा का कहना था कि अब डर नहीं लगेगा क्योंकि शिविर में बचाव का बेहतर तरीका बताया गया है। मैं स्वयं को कमजोर महसूस नहीं करूंगी। यदि कोई छेड़छाड़ की हिम्मत करता है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। श्रेया चित्रांशी का कहना है कि मन में जो डर था, वह अब समाप्त हो गया है। आत्मरक्षा के तरीके सीख लिए हैं। यह मेरे जीवन में काम आएंगे। ऐसे आयोजनों होते रहने चाहिए ताकि छात्राओं को इसका लाभ मिल सके। ज्योत्सना जायसवाल का कहना था कि अगर कोई उल्टी-सीधी हरकत करेगा तो उसका सामना करूंगी। प्रशिक्षण से हिम्मत मिली है। शिविर में मिली जानकारी से मनोबल बढ़ा है। बचाव के जो तरीके बताए गए हैं, वह काम आएंगे।
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