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Maharajganj News: नियमित यूरिया लेने वाले किसान संकटहरण बीमा योजना से होंगे लाभान्वित
Fri, 06 Sep 2024 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 06 Sep 2024 11:44 PM IST
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महराजगंज। साधन सहकारी समितियों पर नियमित यूरिया लेने वाले पंजीकृत किसानों के लिए अच्छी खबर है। इफ्फो की ओर उन किसानों को संकटहरण बीमा योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। सहकारिता विभाग ने योजना का प्रचार-प्रसार करने की कवायद शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जिले में 96 साधन सहकारी समिति हैं। जहां पर 40 हजार के करीब किसान नियमित यूरिया खाद लेते हैं। इन किसानों के लिए दुर्घटना व दैवीय आपदा के दौरान मदद के तौर पर इफको ने संकटहरण बीमा योजना चलाई है। किसान नकद खाद खरीदें या ऋण में, दोनों ही मामलों में रसीद लेने पर ही योजना के दायरे में आएंगे। खाद लेने के बदले रसीद समिति से मुफ्त में मिलती है।
इफको की ओर से साधन सहकारी समिति या अन्य पंजीकृत कृषि दुकानों से जुड़े किसानों को संकटहरण बीमा का लाभ मुफ्त मिलेगा। अगर कोई पंजीकृत किसान इफको द्वारा एक बोरा उर्वरक की खरीद पर 10 रुपये और एक वर्ष के दौरान अधिकतम 25 बोरे की खरीद पर 2.5 लाख रुपये का निशुल्क बीमा दिया जाएगा।
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फार्म भरकर जमा करना पड़ेगा
दुर्घटना या दैवीय आपदा का शिकार होने पर किसान के परिजनों को संकटहरण बीमा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन पत्र भरकर जमा करना होगा। समिति के सचिव, को-ऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक या ब्लाॅक में एडीओ कोऑपरेटिव के पास बीमा क्लेम फार्म किसान को मुफ्त में मिलेगा। खाद खरीदते समय मिली रसीद की फोटो काॅपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या इलाज के दौरान डाॅक्टरों की रिपोर्ट आवेदन पत्र के साथ संलग्न कर सचिव के पास जमा करना होगा। सचिव, शाखा प्रबंधक और एडीओ की रिपोर्ट लगने के बाद क्लेम के कागजात इफको के अधिकारियों के पास भुगतान के लिए भेजे जाएंगे।
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आपदा के शिकार किसान इस योजना के पात्र होंगे
इफको क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि जिले के पंजीकृत किसान जो साधन सहकारी समितियों व अन्य रजिस्टर्ड दुकानों में यूरिया, डीएपी, एनकेपी उर्वरक लेते हैं। अगर उन पंजीकृत किसान के किसी बाइक, कार या अन्य वाहन दुघर्टना में घायल होने या मौत होने, आकस्मिक तौर पर सांप के काटने, तालाब, झील या पानी में डूबने, छत से गिरकर घायल होने या मौत होने, बिजली का करंट, आग, घर गिरने से दबने या अन्य किसी दैवीय आपदा के शिकार किसान इस योजना के पात्र होंगे। आवेदनपत्र के साथ नकद या ऋण के तौर पर खाद खरीदते समय मिलने वाली रसीद अनिवार्य रूप से लगानी पड़ेगी।
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जानकारी के अनुसार, जिले में 96 साधन सहकारी समिति हैं। जहां पर 40 हजार के करीब किसान नियमित यूरिया खाद लेते हैं। इन किसानों के लिए दुर्घटना व दैवीय आपदा के दौरान मदद के तौर पर इफको ने संकटहरण बीमा योजना चलाई है। किसान नकद खाद खरीदें या ऋण में, दोनों ही मामलों में रसीद लेने पर ही योजना के दायरे में आएंगे। खाद लेने के बदले रसीद समिति से मुफ्त में मिलती है।
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इफको की ओर से साधन सहकारी समिति या अन्य पंजीकृत कृषि दुकानों से जुड़े किसानों को संकटहरण बीमा का लाभ मुफ्त मिलेगा। अगर कोई पंजीकृत किसान इफको द्वारा एक बोरा उर्वरक की खरीद पर 10 रुपये और एक वर्ष के दौरान अधिकतम 25 बोरे की खरीद पर 2.5 लाख रुपये का निशुल्क बीमा दिया जाएगा।
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फार्म भरकर जमा करना पड़ेगा
दुर्घटना या दैवीय आपदा का शिकार होने पर किसान के परिजनों को संकटहरण बीमा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन पत्र भरकर जमा करना होगा। समिति के सचिव, को-ऑपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक या ब्लाॅक में एडीओ कोऑपरेटिव के पास बीमा क्लेम फार्म किसान को मुफ्त में मिलेगा। खाद खरीदते समय मिली रसीद की फोटो काॅपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट या इलाज के दौरान डाॅक्टरों की रिपोर्ट आवेदन पत्र के साथ संलग्न कर सचिव के पास जमा करना होगा। सचिव, शाखा प्रबंधक और एडीओ की रिपोर्ट लगने के बाद क्लेम के कागजात इफको के अधिकारियों के पास भुगतान के लिए भेजे जाएंगे।
आपदा के शिकार किसान इस योजना के पात्र होंगे
इफको क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार मौर्य ने बताया कि जिले के पंजीकृत किसान जो साधन सहकारी समितियों व अन्य रजिस्टर्ड दुकानों में यूरिया, डीएपी, एनकेपी उर्वरक लेते हैं। अगर उन पंजीकृत किसान के किसी बाइक, कार या अन्य वाहन दुघर्टना में घायल होने या मौत होने, आकस्मिक तौर पर सांप के काटने, तालाब, झील या पानी में डूबने, छत से गिरकर घायल होने या मौत होने, बिजली का करंट, आग, घर गिरने से दबने या अन्य किसी दैवीय आपदा के शिकार किसान इस योजना के पात्र होंगे। आवेदनपत्र के साथ नकद या ऋण के तौर पर खाद खरीदते समय मिलने वाली रसीद अनिवार्य रूप से लगानी पड़ेगी।