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Maharajganj News: उचित मुआवजा नहीं मिला तो किसानों ने रोका टॉवर लगाने का कार्य
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नेपाल के बुटवल से गोरखपुर तक आ रही बिजली की डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन
ठूठीबारी। किसानों के खेतों में बिजली का ट्रांसमिशन टॉवर लगाने के लिए इस्तेमाल की गई जमीन का उचित मुआवजा न मिलने पर शुक्रवार को किसानों ने काम रुकवा दिया। आक्रोशित किसानों का कहना है कि एक साल पहले शुरू हुए टॉवर लगाने के कार्य से उनकी जमीन और फसल दोनों का नुकसान हो रहा है। समय रहते अगर मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया तो उन्हें प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, टॉवरों के जरिए डबल सर्किट वाली इस ट्रांसमिशन लाइन को नेपाल के बुटवल से गोरखपुर तक ले जाया जाएगा। इसके लिए नेपाल के सरहदी इलाके में टॉवर स्थापित करने का कार्य चल रहा है। इस परियोजना से पीड़ित ठूठीबारी क्षेत्र के किसानों में अजय सिंह, उमानाथ, जय प्रकाश, ओमप्रकाश, जय नारायण, मोहरम ने बताया कि बीते एक साल से किसानों को बेवकूफ बनाया जा रहा है, जबकि नियमानुसार किसानों को जमीनों का पूरा मुआवजा देने के बाद ही कार्य कराया जाना चाहिए।
आरोप है नियम-कायदों को नजरअंदाज कर इंटर स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम यह कार्य करवा रहा है, जिसमें किसानों से सहमति पत्र लिए बगैर उनके ही खेतों में टॉवर लगाया गया, मगर एक साल बीतने के बाद भी किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल सका है।
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इस बारे में पूछने पर पॉवर ग्रिड ट्रांसमिशन के डीजीएम गौतम श्रीवास्तव ने बताया कि वेरीफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है। 15 दिन के बाद मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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ठूठीबारी। किसानों के खेतों में बिजली का ट्रांसमिशन टॉवर लगाने के लिए इस्तेमाल की गई जमीन का उचित मुआवजा न मिलने पर शुक्रवार को किसानों ने काम रुकवा दिया। आक्रोशित किसानों का कहना है कि एक साल पहले शुरू हुए टॉवर लगाने के कार्य से उनकी जमीन और फसल दोनों का नुकसान हो रहा है। समय रहते अगर मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया तो उन्हें प्रदर्शन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, टॉवरों के जरिए डबल सर्किट वाली इस ट्रांसमिशन लाइन को नेपाल के बुटवल से गोरखपुर तक ले जाया जाएगा। इसके लिए नेपाल के सरहदी इलाके में टॉवर स्थापित करने का कार्य चल रहा है। इस परियोजना से पीड़ित ठूठीबारी क्षेत्र के किसानों में अजय सिंह, उमानाथ, जय प्रकाश, ओमप्रकाश, जय नारायण, मोहरम ने बताया कि बीते एक साल से किसानों को बेवकूफ बनाया जा रहा है, जबकि नियमानुसार किसानों को जमीनों का पूरा मुआवजा देने के बाद ही कार्य कराया जाना चाहिए।
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आरोप है नियम-कायदों को नजरअंदाज कर इंटर स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम यह कार्य करवा रहा है, जिसमें किसानों से सहमति पत्र लिए बगैर उनके ही खेतों में टॉवर लगाया गया, मगर एक साल बीतने के बाद भी किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल सका है।
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इस बारे में पूछने पर पॉवर ग्रिड ट्रांसमिशन के डीजीएम गौतम श्रीवास्तव ने बताया कि वेरीफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है। 15 दिन के बाद मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।